बेगूसराय में स्मैक कारोबारी के सिर में गोली मारकर मर्डर:हत्या हादसा लगे, इसलिए सड़क किनारे बाइक के साथ फेंकी लाश; मां बोली- धमकी मिली थी

बेगूसराय में स्मैक कारोबारी के सिर में गोली मारकर मर्डर:हत्या हादसा लगे, इसलिए सड़क किनारे बाइक के साथ फेंकी लाश; मां बोली- धमकी मिली थी

‘गांव के मुन्ना की पत्नी ने धमकी दी थी कि तुम्हारे बेटे की हत्या करा दूंगी। शुभम नाम के लड़के ने शुक्रवार को कॉल किया था, जिसके बाद मेरा बेटा मासूम दूसरे की बाइक लेकर चला गया था। चार लोगों ने मिलकर मेरे बेटे को मार डाला है। मासूम शुक्रवार की दोपहर में जुम्मा की नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद जाने को तैयार था। इसी दौरान कॉल आया, मेरे बेटे ने खाना भी नहीं खाया। कहा कि थोड़ी देर में आता हूं, फिर खाना खाऊंगा। काफी देर तक बेटा नहीं लौटा तो मैंने उसे 5 बार कॉल किया। हर बार थोड़ी देर में आ रहा हूं, कह रहा था, लेकिन शाम तक नहीं आया। आज सुबह उसकी लाश मिली।’ बेगूसराय के फुलवरिया थाना क्षेत्र की रहने वाली 50 साल की जुबैदा खातून ने ये बातें कही है। दरअसल, शनिवार सुबह गुप्ता-लखमीनियां बांध से रतनपुर विष्णुपुर आने वाले एकांत रास्ते में पसपुरा गांव के पास सड़क किनारे जुबैदा खातून के 21 साल के मोहम्मद मासूम उर्फ पावरोटी की लाश मिली। लाश के ऊपर मोहम्मद मासूम की बाइट उल्टी पड़ी हुई थी। मोहम्मद मासूम की मां ने किस पर धमकी का आरोप लगाया, मोहम्मद मासूम की हत्या कैसे हुई, मोहम्मद मासूम कौन है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले जानिए, कौन है मोहम्मद मासूम उर्फ पावरोटी मोहम्मद मासूम पर रेल थाना में 5 और फुलवरिया थाना में 2 मामले दर्ज हैं। मोहम्मद मासूम पर चोरी, स्मैक और शराब के कारोबार का आरोप है। जानकारी के मुताबिक, पहली बार 10 साल की उम्र में अटैची लिफ्टिंग करते हुए उसे पकड़ा गया था। पकड़े जाने के बाद पुलिस ने उसे बाल सुधार गृह भेजा था। बाल सुधार गृह से बाहर निकालने के बाद उसने लगातार घटनाओं को अंजाम दिया और पुलिस ने उसे एक-एक कर छह बार जेल भेजा। दो भाइयों में छोटा मासूम बचपन में घर के बगल में खेलने जाता था। उस वक्त उसकी उम्र करीब 10 से 11 साल थी। इसी दौरान वो चोरों के संपर्क में आया। मासूम की उम्र कम थी, इसलिए अपराधियों ने उसे अपने गिरोह में शामिल कर लिया। मासूम की उम्र कम थी, इसलिए किसी को उस पर शक नहीं होता था कि ये आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे सकता है। जानकारी के मुताबिक, बाल सुधार गृह से निकलने के बाद से मासूम लगातार घटना को अंजाम दे रहा था। वो शराबबंदी के बाद शराब के कारोबार में जुट गया। करीब 2 साल से वह स्मैक का धंधा करता था। अवैध कारोबार के सिलसिले में कभी-कभी मासूम के साथ मारपीट भी होती थी। पिछले 17 जनवरी को बरौनी पोखर मोहल्ला के नजदीक मासूम के साथ मारपीट हुई थी। मासूम की हत्या के बाद परिजन का कहना है कि मारपीट करने वालों ने ही वारदात को अंजाम दिया है। हालांकि, मृतक के परिजन की ओर से अब तक किसी के खिलाफ थाने में लिखित आवेदन नहीं दिया है। मृतक के पिता ने कहा- अलग-अलग मामलों में बेटा जेल जा चुका है मासूम के पिता हारून ने भी स्वीकार किया कि मेरा बेटा अलग-अलग मामलों में छह बार जेल जा चुका है और 10 महीना पहले ही जेल से निकला था। मासूम की सड़क किनारे लाश मिलने के बाद प्रथम दृष्टया पुलिस ने इसे सड़क हादसा माना जा रहा था। लेकिन पोस्टमार्टम से पहले हुए एक्स-रे में ये स्पष्ट हुआ कि मासूम की मौत सड़क हादसे में नहीं बल्कि गोली मारकर उसकी हत्या की गई है। पोस्टमार्टम के दौरान एक गोली सिर के अंदर फंसी मिली, जिसे पोस्टमार्टम के दौरान निकाला गया, जबकि दूसरा बुलेट आरपार हो गया था। घटनास्थल पर बुलेट भी नहीं मिला, जिसके बाद ये स्पष्ट हुआ कि हत्या कहीं और की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जहां से पुलिस ने लाश बरामद किया है, वहां उसकी हत्या नहीं हुई थी। बल्कि बदमाशों ने कहीं अन्य जगह पर मासूम की गोली मारकर हत्या करने के बाद देर रात उसकी लाश को सुनसान सड़क पर गड्ढे में फेंक दिया और ग्लैमर बाइक को उल्टा करके रख दिया, जिससे ये हादसा लगे। अब जानिए, मृतक की मां ने गांव के मुन्ना और शुभम का क्यों नाम लिया? दरअसल, 17 जनवरी को जब मासूम के साथ मारपीट हुई तो उसने पोखर मोहल्ला के शाहजहां खातून और उसके बेटे समीर समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उस वक्त मासूम ने पुलिस से कहा था कि आरोपियों ने मुझपर स्मैक बेचने का दबाव डाला, लेकिन जब मैंने इनकार कर दिया तो उन्होंने मेरे साथ मारपीट की। जुबैदा खातून ने कहा कि पहले भी मेरे बेटे के साथ दो बार मारपीट हुई थी। लेकिन पुलिस से शिकायत नहीं की थी। 17 जनवरी को जब मेरे बेटे के साथ तीसरी बार मारपीट हुई तो मासूम ने केस दर्ज कराया था। इसी को लेकर मुन्ना की पत्नी शाहजहां खातून ने मेरे बेटे की हत्या कराने की धमकी दी थी। जुबैदा ने कहा कि शुभम के ही कहने पर मेरा बेटा घर से बाहर गया था। हत्या में उसका भी हाथ है। जुबैदा ने ये भी कहा कि आखिरी बार करीब 10 महीने पहले जेल से बाहर आने के बाद मासूम कहीं नहीं जाता था। स्मैक बेचने वालों ने ही मिलकर मेरे बेटे की हत्या की है, सभी आरोपी बरौनी के रहने वाले हैं। मुझे नहीं पता कि मेरे बेटे की हत्या की वजह क्या है। पुलिस सूत्रों की माने तो मासूम के घर से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर बरौनी जंक्शन और बरौनी फ्लैग स्टेशन है तो उसके घर के बगल में ही दुलरवा धाम पोखर है जो ट्रेन लिफ्टर एवं नशा के अवैध कारोबारी का अड्डा माना जाता है। फिलहाल पुलिस की टीम मामले के सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। FSL की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं‌। वहीं, पुलिस की अलग-अलग टीम घटनास्थल से लेकर मासूम के गांव बरौनी तक रास्ते में लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरे को खंगाल रही है। जिससे एक-एक कड़ी जोड़कर हत्याकांड का खुलासा किया जा सके। ‘गांव के मुन्ना की पत्नी ने धमकी दी थी कि तुम्हारे बेटे की हत्या करा दूंगी। शुभम नाम के लड़के ने शुक्रवार को कॉल किया था, जिसके बाद मेरा बेटा मासूम दूसरे की बाइक लेकर चला गया था। चार लोगों ने मिलकर मेरे बेटे को मार डाला है। मासूम शुक्रवार की दोपहर में जुम्मा की नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद जाने को तैयार था। इसी दौरान कॉल आया, मेरे बेटे ने खाना भी नहीं खाया। कहा कि थोड़ी देर में आता हूं, फिर खाना खाऊंगा। काफी देर तक बेटा नहीं लौटा तो मैंने उसे 5 बार कॉल किया। हर बार थोड़ी देर में आ रहा हूं, कह रहा था, लेकिन शाम तक नहीं आया। आज सुबह उसकी लाश मिली।’ बेगूसराय के फुलवरिया थाना क्षेत्र की रहने वाली 50 साल की जुबैदा खातून ने ये बातें कही है। दरअसल, शनिवार सुबह गुप्ता-लखमीनियां बांध से रतनपुर विष्णुपुर आने वाले एकांत रास्ते में पसपुरा गांव के पास सड़क किनारे जुबैदा खातून के 21 साल के मोहम्मद मासूम उर्फ पावरोटी की लाश मिली। लाश के ऊपर मोहम्मद मासूम की बाइट उल्टी पड़ी हुई थी। मोहम्मद मासूम की मां ने किस पर धमकी का आरोप लगाया, मोहम्मद मासूम की हत्या कैसे हुई, मोहम्मद मासूम कौन है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले जानिए, कौन है मोहम्मद मासूम उर्फ पावरोटी मोहम्मद मासूम पर रेल थाना में 5 और फुलवरिया थाना में 2 मामले दर्ज हैं। मोहम्मद मासूम पर चोरी, स्मैक और शराब के कारोबार का आरोप है। जानकारी के मुताबिक, पहली बार 10 साल की उम्र में अटैची लिफ्टिंग करते हुए उसे पकड़ा गया था। पकड़े जाने के बाद पुलिस ने उसे बाल सुधार गृह भेजा था। बाल सुधार गृह से बाहर निकालने के बाद उसने लगातार घटनाओं को अंजाम दिया और पुलिस ने उसे एक-एक कर छह बार जेल भेजा। दो भाइयों में छोटा मासूम बचपन में घर के बगल में खेलने जाता था। उस वक्त उसकी उम्र करीब 10 से 11 साल थी। इसी दौरान वो चोरों के संपर्क में आया। मासूम की उम्र कम थी, इसलिए अपराधियों ने उसे अपने गिरोह में शामिल कर लिया। मासूम की उम्र कम थी, इसलिए किसी को उस पर शक नहीं होता था कि ये आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे सकता है। जानकारी के मुताबिक, बाल सुधार गृह से निकलने के बाद से मासूम लगातार घटना को अंजाम दे रहा था। वो शराबबंदी के बाद शराब के कारोबार में जुट गया। करीब 2 साल से वह स्मैक का धंधा करता था। अवैध कारोबार के सिलसिले में कभी-कभी मासूम के साथ मारपीट भी होती थी। पिछले 17 जनवरी को बरौनी पोखर मोहल्ला के नजदीक मासूम के साथ मारपीट हुई थी। मासूम की हत्या के बाद परिजन का कहना है कि मारपीट करने वालों ने ही वारदात को अंजाम दिया है। हालांकि, मृतक के परिजन की ओर से अब तक किसी के खिलाफ थाने में लिखित आवेदन नहीं दिया है। मृतक के पिता ने कहा- अलग-अलग मामलों में बेटा जेल जा चुका है मासूम के पिता हारून ने भी स्वीकार किया कि मेरा बेटा अलग-अलग मामलों में छह बार जेल जा चुका है और 10 महीना पहले ही जेल से निकला था। मासूम की सड़क किनारे लाश मिलने के बाद प्रथम दृष्टया पुलिस ने इसे सड़क हादसा माना जा रहा था। लेकिन पोस्टमार्टम से पहले हुए एक्स-रे में ये स्पष्ट हुआ कि मासूम की मौत सड़क हादसे में नहीं बल्कि गोली मारकर उसकी हत्या की गई है। पोस्टमार्टम के दौरान एक गोली सिर के अंदर फंसी मिली, जिसे पोस्टमार्टम के दौरान निकाला गया, जबकि दूसरा बुलेट आरपार हो गया था। घटनास्थल पर बुलेट भी नहीं मिला, जिसके बाद ये स्पष्ट हुआ कि हत्या कहीं और की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जहां से पुलिस ने लाश बरामद किया है, वहां उसकी हत्या नहीं हुई थी। बल्कि बदमाशों ने कहीं अन्य जगह पर मासूम की गोली मारकर हत्या करने के बाद देर रात उसकी लाश को सुनसान सड़क पर गड्ढे में फेंक दिया और ग्लैमर बाइक को उल्टा करके रख दिया, जिससे ये हादसा लगे। अब जानिए, मृतक की मां ने गांव के मुन्ना और शुभम का क्यों नाम लिया? दरअसल, 17 जनवरी को जब मासूम के साथ मारपीट हुई तो उसने पोखर मोहल्ला के शाहजहां खातून और उसके बेटे समीर समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उस वक्त मासूम ने पुलिस से कहा था कि आरोपियों ने मुझपर स्मैक बेचने का दबाव डाला, लेकिन जब मैंने इनकार कर दिया तो उन्होंने मेरे साथ मारपीट की। जुबैदा खातून ने कहा कि पहले भी मेरे बेटे के साथ दो बार मारपीट हुई थी। लेकिन पुलिस से शिकायत नहीं की थी। 17 जनवरी को जब मेरे बेटे के साथ तीसरी बार मारपीट हुई तो मासूम ने केस दर्ज कराया था। इसी को लेकर मुन्ना की पत्नी शाहजहां खातून ने मेरे बेटे की हत्या कराने की धमकी दी थी। जुबैदा ने कहा कि शुभम के ही कहने पर मेरा बेटा घर से बाहर गया था। हत्या में उसका भी हाथ है। जुबैदा ने ये भी कहा कि आखिरी बार करीब 10 महीने पहले जेल से बाहर आने के बाद मासूम कहीं नहीं जाता था। स्मैक बेचने वालों ने ही मिलकर मेरे बेटे की हत्या की है, सभी आरोपी बरौनी के रहने वाले हैं। मुझे नहीं पता कि मेरे बेटे की हत्या की वजह क्या है। पुलिस सूत्रों की माने तो मासूम के घर से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर बरौनी जंक्शन और बरौनी फ्लैग स्टेशन है तो उसके घर के बगल में ही दुलरवा धाम पोखर है जो ट्रेन लिफ्टर एवं नशा के अवैध कारोबारी का अड्डा माना जाता है। फिलहाल पुलिस की टीम मामले के सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। FSL की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं‌। वहीं, पुलिस की अलग-अलग टीम घटनास्थल से लेकर मासूम के गांव बरौनी तक रास्ते में लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरे को खंगाल रही है। जिससे एक-एक कड़ी जोड़कर हत्याकांड का खुलासा किया जा सके।  

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