मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बेगूसराय जिले के 45,116 जीविका दीदियों के खाते में 10-10 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की गई है। समाहरणालय स्थित कारगिल विजय भवन में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। इस मौके पर डीएम श्रीकांत शास्त्री, बड़ी संख्या में जीविका दीदियां और जीविका के अधिकारी मौजूद रहे। राशि सीधे लाभुकों के बैंक खातों में भेजी गई है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद जीविका दीदियों ने सरकार के इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह आर्थिक सहायता उनके परिवार की स्थिति को मजबूत करने में सहायक होगी। कई महिलाओं ने बताया कि वे इस राशि से अपने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने की योजना बना रही हैं। कारोबार में लगाएंगे रुपए लाखो गांव की मिंटू देवी ने बताया कि आज 10 हजार मिला है। हम अपने बिजनेस को बढ़ावा देंगे, अभी हमारा किराना का छोटा सा दुकान है, उसी में यह 10000 लगा रहे हैं। 2015 में हम जीविका से जुड़े, उसके बाद जीवन में बदलाव आ गया। पहले घर में ही छोटा-मोटा सिलाई करते थे, जीविका से जुड़ने के बाद जीवन में बहुत बड़ा बदलाव हुआ है और घर से बाहर निकलने का मौका मिला, आदमी को पहचानने का मौका मिला। जीविका में जुड़ने के बाद बोलने-समझने का मौका मिला। पहले यहां नहीं आते थे, लेकिन आज डीएम के साथ बैठने का मौका मिला। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत दिया जा रहा पैसा महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद है। हमारे यहां भी बहुत महिलाओं ने सिलाई मशीन, गाय और बकरी खरीदा है। छोटा-मोटा बहुत सारा बिजनेस करके आगे बढ़ रही है। बकरी पालन की शुरूआत करेंगे सीतारामपुर की रहने वाली उर्मिला और संगीता देवी ने कहा कि हम लोग दुकान खोलकर परिवार को आगे बढ़ाएंगे, सिलाई मशीन खरीदेंगे। 10000 हमारे जीवन को आगे बढ़ाएगी, मुख्यमंत्री को इसके लिए धन्यवाद देते हैं। हम बकरी पालन करेंगे और रोजगार आगे बढ़ाएंगे। अभी तो हम कुछ नहीं कर रहे थे, लेकिन हम सोचे हैं कि इस 10000 से बकरी पालन ही शुरू करेंगे। आय बढ़ाने में सक्रिय भूमिका अधिकारियों ने बताया कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए पूर्व में लाभुकों का सत्यापन किया गया था। सभी पात्र महिलाओं का डाटा अपडेट कर बैंक खातों की जांच की गई। जिससे राशि अंतरण में किसी प्रकार की बाधा नहीं आए। सरकार की मंशा है कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और परिवार की आय बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। कारगिल विजय भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कई महिलाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से उन्हें अतिरिक्त पूंजी उपलब्ध होने से उनके व्यवसाय को गति मिलेगी। 2-2 लाख रुपए उपलब्ध करवाने की योजना डीपीएम अविनाश कुमार ने बताया कि बेगूसराय जिले में पिछले चार चरण में कुल 4 लाख 24 हजार 322 महिलाओं के खाते में अंतरण किया गया था। इन लाभार्थियों में 3 लाख 96 हजार 106 महिलाएं ग्रामीण क्षेत्र की और 216 महिलाएं शहरी क्षेत्र की हैं। आज 45 हजार 116 लाभार्थियों को राशि का अंतरण किय है। 10 हजार की राशि प्राप्त लाभार्थियों के व्यवसाय का आकलन कर, उन्हें चार किस्तों में 2-2 लाख रुपए उपलब्ध करवाने की योजना है। सरकार की ओर से महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ लेकर राज्य की महिलाए अपनी पसंद का रोजगार शुरू कर रही है और आर्थिक रूप से सक्षम बन रही है। योजना महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर, उनकी आय को बढ़ा कर समाज में उनकी भागीदारी को और मजबूत बना रही है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बेगूसराय जिले के 45,116 जीविका दीदियों के खाते में 10-10 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की गई है। समाहरणालय स्थित कारगिल विजय भवन में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। इस मौके पर डीएम श्रीकांत शास्त्री, बड़ी संख्या में जीविका दीदियां और जीविका के अधिकारी मौजूद रहे। राशि सीधे लाभुकों के बैंक खातों में भेजी गई है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद जीविका दीदियों ने सरकार के इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह आर्थिक सहायता उनके परिवार की स्थिति को मजबूत करने में सहायक होगी। कई महिलाओं ने बताया कि वे इस राशि से अपने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने की योजना बना रही हैं। कारोबार में लगाएंगे रुपए लाखो गांव की मिंटू देवी ने बताया कि आज 10 हजार मिला है। हम अपने बिजनेस को बढ़ावा देंगे, अभी हमारा किराना का छोटा सा दुकान है, उसी में यह 10000 लगा रहे हैं। 2015 में हम जीविका से जुड़े, उसके बाद जीवन में बदलाव आ गया। पहले घर में ही छोटा-मोटा सिलाई करते थे, जीविका से जुड़ने के बाद जीवन में बहुत बड़ा बदलाव हुआ है और घर से बाहर निकलने का मौका मिला, आदमी को पहचानने का मौका मिला। जीविका में जुड़ने के बाद बोलने-समझने का मौका मिला। पहले यहां नहीं आते थे, लेकिन आज डीएम के साथ बैठने का मौका मिला। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत दिया जा रहा पैसा महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद है। हमारे यहां भी बहुत महिलाओं ने सिलाई मशीन, गाय और बकरी खरीदा है। छोटा-मोटा बहुत सारा बिजनेस करके आगे बढ़ रही है। बकरी पालन की शुरूआत करेंगे सीतारामपुर की रहने वाली उर्मिला और संगीता देवी ने कहा कि हम लोग दुकान खोलकर परिवार को आगे बढ़ाएंगे, सिलाई मशीन खरीदेंगे। 10000 हमारे जीवन को आगे बढ़ाएगी, मुख्यमंत्री को इसके लिए धन्यवाद देते हैं। हम बकरी पालन करेंगे और रोजगार आगे बढ़ाएंगे। अभी तो हम कुछ नहीं कर रहे थे, लेकिन हम सोचे हैं कि इस 10000 से बकरी पालन ही शुरू करेंगे। आय बढ़ाने में सक्रिय भूमिका अधिकारियों ने बताया कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए पूर्व में लाभुकों का सत्यापन किया गया था। सभी पात्र महिलाओं का डाटा अपडेट कर बैंक खातों की जांच की गई। जिससे राशि अंतरण में किसी प्रकार की बाधा नहीं आए। सरकार की मंशा है कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और परिवार की आय बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। कारगिल विजय भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कई महिलाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से उन्हें अतिरिक्त पूंजी उपलब्ध होने से उनके व्यवसाय को गति मिलेगी। 2-2 लाख रुपए उपलब्ध करवाने की योजना डीपीएम अविनाश कुमार ने बताया कि बेगूसराय जिले में पिछले चार चरण में कुल 4 लाख 24 हजार 322 महिलाओं के खाते में अंतरण किया गया था। इन लाभार्थियों में 3 लाख 96 हजार 106 महिलाएं ग्रामीण क्षेत्र की और 216 महिलाएं शहरी क्षेत्र की हैं। आज 45 हजार 116 लाभार्थियों को राशि का अंतरण किय है। 10 हजार की राशि प्राप्त लाभार्थियों के व्यवसाय का आकलन कर, उन्हें चार किस्तों में 2-2 लाख रुपए उपलब्ध करवाने की योजना है। सरकार की ओर से महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ लेकर राज्य की महिलाए अपनी पसंद का रोजगार शुरू कर रही है और आर्थिक रूप से सक्षम बन रही है। योजना महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर, उनकी आय को बढ़ा कर समाज में उनकी भागीदारी को और मजबूत बना रही है।


