बलिया में अवैध खनन और खनिज परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए गठित कार्यबल की बैठक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और फर्जी नंबर प्लेट के जरिए खनिज परिवहन के मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी को बताया गया कि भरौली गोलंबर से प्रतिदिन 800 से अधिक ट्रक गुजरते हैं। इनमें से कई ट्रक नंबर प्लेट पर ग्रीस लगाकर या नंबर प्लेट बदलकर जांच से बच निकलते हैं। इस पर जिलाधिकारी ने चेक पोस्ट पर तैनात पुलिस कर्मियों को ट्रकों की नंबर प्लेट की सावधानीपूर्वक जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने लापरवाही बरतने पर संबंधित कर्मियों का वेतन रोकने की सख्त चेतावनी भी दी। जिलाधिकारी ने आरटीओ को इस पूरे मामले की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, मांझी घाट से प्रतिदिन गुजरने वाली 60 से अधिक गाड़ियों की चेक पोस्ट पर कड़ाई से निगरानी करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मिट्टी खनन के लिए वैध अनुमति अनिवार्य है और किसी भी प्रकार का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, एनएच-922 सड़क पर एक स्थान पर चार छोटे ब्रेकर बनाने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को पांच दिनों के भीतर ब्रेकर निर्माण कार्य पूरा कर उन्हें सफेद रंग से रंगने का आदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अवैध खनन और परिवहन पर पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। बैठक में पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, एडीएम अनिल कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन, अपर पुलिस अधीक्षक कृपा शंकर, आरटीओ अरुण कुमार राय सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।


