बालाघाट में किसानों को ई-टोकन से मिलेगा उर्वरक:फार्मर आईडी अनिवार्य; पराली मामले में कार्रवाई न होने पर अधिकारी पर एक्शन

बालाघाट में किसानों को ई-टोकन से मिलेगा उर्वरक:फार्मर आईडी अनिवार्य; पराली मामले में कार्रवाई न होने पर अधिकारी पर एक्शन

बालाघाट में किसानों को उर्वरक की सुगमता से उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अब ई-टोकन प्रणाली लागू की जाएगी। इस नई व्यवस्था के तहत उर्वरक प्राप्त करने के लिए किसानों के पास फार्मर आईडी होना अनिवार्य होगा। यह निर्णय कलेक्टर मृणाल मीणा ने कृषि और उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की प्रगति समीक्षा बैठक के दौरान लिया। कलेक्टर मीणा ने अधिकारियों को विभागीय लक्ष्यों की पूर्ति के लिए तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि ई-टोकन ऑनलाइन जारी किए जाएंगे और इन्हीं के आधार पर किसानों को उनकी संबंधित समिति से उर्वरक का वितरण किया जाएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को इस नई व्यवस्था के बारे में किसानों को अवगत कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने रबी में धान रकबा घटाने पर जोर बैठक में कलेक्टर ने चालू रबी सीजन में धान का रकबा कम करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से किसानों को रबी सीजन में धान के बजाय कम पानी में पकने वाली अन्य फसलें लगाने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा। कलेक्टर ने लांजी क्षेत्र में पराली जलाने की घटनाओं पर कार्रवाई न करने के मामले में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी का पांच दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उपसंचालक कृषि को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पराली प्रबंधन यंत्रों में देरी पर कलेक्टर नाराज पराली प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों जैसे सुपर सीडर, बेलर, हैप्पी सीडर और स्मार्ट सीडर के उपयोग को बढ़ावा देने में हुई देरी पर भी कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अनुदान पर इन यंत्रों के वितरण के लक्ष्य के अनुरूप प्रकरण तैयार न करने और बैंकों को प्रेषित न करने पर कृषि अभियांत्रिकी अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, जिले की सभी 10 प्रयोगशालाओं से लक्ष्य के अनुरूप मिट्टी परीक्षण कर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने खरीफ फसलों के उत्पादन की समीक्षा की कलेक्टर मीणा ने कृषि प्रक्षेत्र किन्ही, पिपरझरी और गढ़ी में खरीफ सीजन में लगाई गई फसलों के उत्पादन की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन प्रक्षेत्रों पर जिले के औसत उत्पादन से कम फसल का उत्पादन हुआ है, वहां के प्रभारी का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, मखाना की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को प्रशिक्षण दिलाने और बीज की व्यवस्था शीघ्रता से करने के निर्देश भी दिए गए।

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