उज्जैन के बड़नगर में बोरवेल में फंसा मासूम:भागीरथ के हाथों में रिंग फंसाकर निकालने की कोशिश, चट्‌टानें आने से रुकी खुदाई

उज्जैन के बड़नगर में बोरवेल में फंसा मासूम:भागीरथ के हाथों में रिंग फंसाकर निकालने की कोशिश, चट्‌टानें आने से रुकी खुदाई

उज्जैन से करीब 75 किलोमीटर दूर बड़नगर के पास झालरिया गांव में दो साल का भागीरथ देवासी खुले बोरवेल में फंसा है। रेस्क्यू टीम को उसकी लोकेशन 75 फीट की गहराई पर मिली है। SDRF के कमांडेंट संतोष जाट ने कहा- हम कोशिश कर रहे हैं कि बच्चे के हाथों में रेस्क्यू रोप की रिंग पहनाकर उसे बाहर निकाल लिया जाए। NDRF और SDRF की जॉइंट टीम भागीरथ तक पहुंचने के लिए 5 पोकलेन मशीनों की मदद से समानांतर सुरंग भी बना रही है। 40 फीट खुदाई होने के बाद चट्‌टानें आने की वजह से काम रोक दिया गया है। चट्टानें तोड़ने के लिए रेस्क्यू टीम ने हैमर मशीन बुलाई है। 200 फीट गहरे बोरवेल में पानी भी है। भागीरथ गुरुवार शाम करीब साढ़े 7 बजे बोरवेल में गिरा था। भोपाल से पहुंची NDRF की टीम, हरदा, इंदौर और उज्जैन की SDRF के साथ जॉइंट रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। बोरवेल में कैमरा डालकर बच्चे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उसे ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया जा रहा है। मौके पर 2 एंबुलेंस भी तैनात हैं। भेड़ चराने आया था राजस्थान का परिवार भागीरथ पिता प्रवीण देवासी, राजस्थान के पाली जिले का रहने वाला है। परिवार पिछले तीन दिन से इलाके में भेड़ चराने के लिए रुका हुआ था। परिजन के मुताबिक, बच्चा दीवार के पास खेल रहा था। उसने पत्थर से बोरवेल का ढक्कन हटाया और बाल्टी समझकर पैर डाल दिया, जिससे वह सीधे अंदर गिर गया। मां ने उसे गिरते देखा और बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह गहराई में जा चुका था। देखिए, रेस्क्यू की तस्वीरें… भागीरथ के रेस्क्यू ऑपरेशन के मिनट टु मिनट अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से जरूर गुजर जाइए…

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