बदायूं में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। आरोप है कि फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र की पुलिस ने एक मामूली विवाद के बाद दूसरे थाना क्षेत्र के रहने वाले पिता-पुत्र को आधी रात उनके घर से उठाया, थाने में पीटा और उनकी ईको कार जब्त कर ली। यह घटना बुधवार रात की है। पीड़ित किसान राधेश्याम और उनके बेटे रविशंकर अजनावर गांव (बिसौली कोतवाली क्षेत्र) के निवासी हैं। वे गमी की होली से लौट रहे थे, तभी फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र में पावर कॉरपोरेशन यार्ड के पास दरोगा जुगमेंद्र बालियान और सिपाही सुमित से गाड़ी रोकने को लेकर उनकी कहासुनी हो गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिसकर्मी नशे में थे। उन्होंने राधेश्याम का मोबाइल छीन लिया और हाथापाई शुरू कर दी। यहां तक कि राधेश्याम को हाईवे पर एक ट्रक के सामने धकेलने की भी कोशिश की गई। किसी तरह पिता-पुत्र वहां से निकलकर अपने गांव पहुंच गए। बताया गया है कि इस खींचतान के दौरान सिपाही का मोबाइल कार में गिर गया था। उसी मोबाइल की लोकेशन के आधार पर देर रात फैजगंज बेहटा पुलिस तीन गाड़ियों से बिसौली क्षेत्र के अजनावर गांव पहुंची। पुलिस ने घर की घेराबंदी कर पिता-पुत्र को उनकी गाड़ी समेत उठा लिया। परिजनों का आरोप है कि थाने में दोनों की बेरहमी से पिटाई की गई। गुरुवार को उन्हें शांतिभंग के आरोप में चालान कर दिया गया, जबकि उनकी ईको कार मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सीज कर दी गई। इस मामले में फैजगंज बेहटा थानेदार मनोज वर्मा ने बात करने से इनकार करते हुए कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है।


