औरंगाबाद में SHO, CO पर पक्षपात कर धमकाने का आरोप:कोर्ट में लंबित मामले में एक पक्ष को घर खाली करने को लेकर धमकाया, सामने आया ऑडियो-वीडियो

औरंगाबाद में SHO, CO पर पक्षपात कर धमकाने का आरोप:कोर्ट में लंबित मामले में एक पक्ष को घर खाली करने को लेकर धमकाया, सामने आया ऑडियो-वीडियो

औरंगाबाद के ओबरा प्रखंड के अंचाल अधिकारी और खुदवां थाना के SHO पर एक शख्स को धमकाने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जमीन विवाद को लेकर मामला कोर्ट में है, जबकि अंचलाधिकारी और एसएचओ दूसरे पक्ष से मिलकर मुझ पर जबरन घर खाली करने का दबाव बना रहे हैं। घटना का एक ऑडियो और वीडियो सामने आया है। शिकायतकर्ता मरवतपुर गांव के रहने वाले रामराज चौधरी के बेटे राजू चौधरी हैं, जिन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में कहा गया है कि उनके पिता रामराज चौधरी दो भाई थे। बड़े पापा यानी रामराज चौधरी के बड़े भाई राम अवतार चौधरी का निधन हो चुका है। रामराज चौधरी ने अपने बड़े भाई के दो बेटों, दो बेटियों और उनकी पत्नी सरस्वती देवी के खिलाफ 3 जनवरी 2024 को सब जज प्रथम औरंगाबाद की अदालत में बंटवारा वाद संख्या 1/2024 दायर किया था, जो अब तक न्यायालय में लंबित है। राजू चौधरी के अनुसार, 27 दिसंबर को खुदवां थानाध्यक्ष की ओर से बुलाए जाने पर उनके भाई रामजी चौधरी बंटवारा केस से जुड़े कागजात लेकर थाना पहुंचे थे। आरोप है कि वहां थानाध्यक्ष ने घर खाली करने की धमकी दी और कहा कि मकान खाली कर चाची सरस्वती देवी व उनके खरीदार रंजीत सिंह आदि के हवाले कर दिया जाए, अन्यथा फर्जी मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। सीओ और थाना अध्यक्ष पर घर में घुस कर धमकी देने का आरोप राजू का यह भी आरोप है कि 2 जनवरी की दोपहर करीब तीन बजे ओबरा सीओ और खुदवां थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ उनके घर के आंगन में घुस आए। उनके साथ चाची सरस्वती देवी, कथित खरीदार और अन्य लोग भी मौजूद थे। अधिकारियों ने राजू चौधरी और उनकी भाभी को घर खाली करने की धमकी दी। उस समय उनका भाई रामजी चौधरी ओबरा बाजार में था, जिसे फोन पर भी धमकाया गया। घटना के दौरान कई ग्रामीण मौके पर मौजूद थे। राजू ने यह भी बताया कि 3 जनवरी को उनके चचेरे भाई ने फोन पर गोली मारने और जेल भिजवाने की धमकी दी। राजू चौधरी का कहना है कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तो इस तरह का दबाव और धमकी पूरी तरह से गलत है। अधिकारियों ने आरोप को बताया निराधार इस मामले में खुदवां थानाध्यक्ष सुशील कुमार ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वे अंचल अधिकारी के निर्देश पर ही मौके पर गए थे और यह मामला भूमि विवाद से संबंधित है। वहीं ओबरा के अंचल अधिकारी हरिहरनाथ पाठक ने भी धमकी देने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि शनिवार को जनता दरबार में उक्त भूमि विवाद से जुड़ा मामला आया था। उसी क्रम में थानाध्यक्ष के साथ स्थल निरीक्षण किया गया। विवादित पक्ष से कागजात दिखाने को कहा गया था, लेकिन अब तक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।अब यह देखना होगा कि प्रशासनिक जांच में क्या निष्कर्ष निकलता है और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं। औरंगाबाद के ओबरा प्रखंड के अंचाल अधिकारी और खुदवां थाना के SHO पर एक शख्स को धमकाने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जमीन विवाद को लेकर मामला कोर्ट में है, जबकि अंचलाधिकारी और एसएचओ दूसरे पक्ष से मिलकर मुझ पर जबरन घर खाली करने का दबाव बना रहे हैं। घटना का एक ऑडियो और वीडियो सामने आया है। शिकायतकर्ता मरवतपुर गांव के रहने वाले रामराज चौधरी के बेटे राजू चौधरी हैं, जिन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में कहा गया है कि उनके पिता रामराज चौधरी दो भाई थे। बड़े पापा यानी रामराज चौधरी के बड़े भाई राम अवतार चौधरी का निधन हो चुका है। रामराज चौधरी ने अपने बड़े भाई के दो बेटों, दो बेटियों और उनकी पत्नी सरस्वती देवी के खिलाफ 3 जनवरी 2024 को सब जज प्रथम औरंगाबाद की अदालत में बंटवारा वाद संख्या 1/2024 दायर किया था, जो अब तक न्यायालय में लंबित है। राजू चौधरी के अनुसार, 27 दिसंबर को खुदवां थानाध्यक्ष की ओर से बुलाए जाने पर उनके भाई रामजी चौधरी बंटवारा केस से जुड़े कागजात लेकर थाना पहुंचे थे। आरोप है कि वहां थानाध्यक्ष ने घर खाली करने की धमकी दी और कहा कि मकान खाली कर चाची सरस्वती देवी व उनके खरीदार रंजीत सिंह आदि के हवाले कर दिया जाए, अन्यथा फर्जी मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। सीओ और थाना अध्यक्ष पर घर में घुस कर धमकी देने का आरोप राजू का यह भी आरोप है कि 2 जनवरी की दोपहर करीब तीन बजे ओबरा सीओ और खुदवां थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ उनके घर के आंगन में घुस आए। उनके साथ चाची सरस्वती देवी, कथित खरीदार और अन्य लोग भी मौजूद थे। अधिकारियों ने राजू चौधरी और उनकी भाभी को घर खाली करने की धमकी दी। उस समय उनका भाई रामजी चौधरी ओबरा बाजार में था, जिसे फोन पर भी धमकाया गया। घटना के दौरान कई ग्रामीण मौके पर मौजूद थे। राजू ने यह भी बताया कि 3 जनवरी को उनके चचेरे भाई ने फोन पर गोली मारने और जेल भिजवाने की धमकी दी। राजू चौधरी का कहना है कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तो इस तरह का दबाव और धमकी पूरी तरह से गलत है। अधिकारियों ने आरोप को बताया निराधार इस मामले में खुदवां थानाध्यक्ष सुशील कुमार ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वे अंचल अधिकारी के निर्देश पर ही मौके पर गए थे और यह मामला भूमि विवाद से संबंधित है। वहीं ओबरा के अंचल अधिकारी हरिहरनाथ पाठक ने भी धमकी देने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि शनिवार को जनता दरबार में उक्त भूमि विवाद से जुड़ा मामला आया था। उसी क्रम में थानाध्यक्ष के साथ स्थल निरीक्षण किया गया। विवादित पक्ष से कागजात दिखाने को कहा गया था, लेकिन अब तक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।अब यह देखना होगा कि प्रशासनिक जांच में क्या निष्कर्ष निकलता है और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।  

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