अररिया जिले में संवेदकों के बिलों का भुगतान कोषागार में लंबित होने से उनमें नाराजगी है। अररिया जिला संवेदक संघ ने जिला पदाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप कर शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है। संवेदकों का आरोप है कि उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों के तहत निर्माण और अन्य कार्य समय पर पूरे कर दिए हैं। उनके बिलों को विभागीय स्तर पर स्वीकृति मिल चुकी है और संबंधित मद में राशि भी उपलब्ध है, फिर भी कोषागार द्वारा भुगतान रोका गया है। कोषागार पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। मार्च तक भुगतान जरूरी, नहीं तो आर्थिक स्थिति बिगड़ेगी
आवेदन में संवेदकों ने अपनी स्थिति को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि वे ज्यादातर श्रेणी-4 के छोटे संवेदक हैं, जो कार्यों को पूरा करने के लिए अपनी निजी जमा-पूंजी और उधार का सहारा लेते हैं। समय पर भुगतान न मिलने से उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। संवेदकों ने आशंका जताई है कि यदि मार्च माह के अंत तक भुगतान नहीं हुआ, तो उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ सकती है, जिससे कई परिवार प्रभावित होंगे। उन्होंने जिला पदाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप करने और कोषागार को लंबित सभी बिलों का भुगतान जल्द से जल्द करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करने की अपील की है। आवेदन सौंपने वालों में संजीव कुमार सुमन, रमेश कुमार, अमन राज, संजय कुमार सहित कई अन्य संवेदक शामिल थे। डीएम कार्यालय से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि संवेदकों को प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद है। अररिया जिले में संवेदकों के बिलों का भुगतान कोषागार में लंबित होने से उनमें नाराजगी है। अररिया जिला संवेदक संघ ने जिला पदाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप कर शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है। संवेदकों का आरोप है कि उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों के तहत निर्माण और अन्य कार्य समय पर पूरे कर दिए हैं। उनके बिलों को विभागीय स्तर पर स्वीकृति मिल चुकी है और संबंधित मद में राशि भी उपलब्ध है, फिर भी कोषागार द्वारा भुगतान रोका गया है। कोषागार पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। मार्च तक भुगतान जरूरी, नहीं तो आर्थिक स्थिति बिगड़ेगी
आवेदन में संवेदकों ने अपनी स्थिति को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि वे ज्यादातर श्रेणी-4 के छोटे संवेदक हैं, जो कार्यों को पूरा करने के लिए अपनी निजी जमा-पूंजी और उधार का सहारा लेते हैं। समय पर भुगतान न मिलने से उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। संवेदकों ने आशंका जताई है कि यदि मार्च माह के अंत तक भुगतान नहीं हुआ, तो उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ सकती है, जिससे कई परिवार प्रभावित होंगे। उन्होंने जिला पदाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप करने और कोषागार को लंबित सभी बिलों का भुगतान जल्द से जल्द करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करने की अपील की है। आवेदन सौंपने वालों में संजीव कुमार सुमन, रमेश कुमार, अमन राज, संजय कुमार सहित कई अन्य संवेदक शामिल थे। डीएम कार्यालय से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि संवेदकों को प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद है।


