हिसार जिले के अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां पिछले पांच दिनों से एक अज्ञात महिला जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है, लेकिन उससे भी ज्यादा दर्दनाक मंजर ये है कि उसका महज़ एक साल का मासूम बच्चा अपनी बेसुध माँ के पास बैठकर उसके जागने का इंतज़ार कर रहा है। जानकारी के अनुसार, करीब 5 दिन पहले इस अज्ञात महिला को गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। महिला फिलहाल कोमा में है और कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है। उसके साथ उसका एक छोटा बच्चा है, जो अपनी माँ की ममता और साये के लिए तड़प रहा है। कोई अपना सुध लेने वाला नहीं हैरानी और दुख की बात यह है कि पिछले 120 घंटों से यह महिला अस्पताल के बिस्तर पर पड़ी है, लेकिन अब तक कोई भी उसका अपना या रिश्तेदार उसकी सुध लेने नहीं पहुंचा। अस्पताल का स्टाफ और वहां मौजूद अन्य लोग बच्चे की देखभाल करने की कोशिश तो कर रहे हैं, लेकिन मां की कमी और अनिश्चित भविष्य ने वहां मौजूद हर शख्स की आंखों में आंसू ला दिए हैं। ”बच्चा बार-बार अपनी माँ को छूता है, शायद इस उम्मीद में कि वह उसे गले लगा लेगी। माँ की हालत स्थिर बनी हुई है, लेकिन बिना पहचान के उनके परिजनों तक पहुँचना मुश्किल हो रहा है। ये है मामला मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी विभाग के चिकित्सकों से मिली जानकारी के अनुसार, 14 फरवरी को नरवाना के पास महिला का एक्सीडेंट हुआ था, जिसके बाद वहां की पुलिस उसे इलाज के लिए यहां भर्ती करवा गई थी। महिला के साथ उसका 1 साल का बच्चा भी है, जो फिलहाल अकेला है और अपनों की राह देख रहा है।


