आगरा में 52 घंटे से लापता 14 साल की छात्रा का गुरुवार रात 2 बजे यमुना के किनारे शव मिला है। शव से कुछ दूरी पर छात्रा का मोबाइल फोन बरामद हुआ। वहीं, लगभग 500 मीटर दूर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे किनारे उसकी शॉल और चप्पल पड़ी मिली। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव को दफना दिया था। मगर, शनिवार सुबह परिजन और ग्रामीण शव को बाहर निकालने के लिए अड़ गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। 10 फरवरी को हुई थी लापता
नथौली गांव में रहने वाले जालिम सिंह और अन्य परिजन 10 फरवरी को शादी समारोह में गए हुए थे। जालिम सिंह ने कहा- उसी रात 10-11 के बीच में लक्ष्मी अपनी भाभी के साथ खेत में टॉयलेट जाने की बात कहकर घर से निकली थी। इसके बाद से वह लापता हो गई। परिजन उसकी तलाश में जुटे थे। रातभर ढूंढने के बाद जब छात्रा का पता नहीं चला तो 11 फरवरी को थाना एत्मादपुर में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। तब से पुलिस और परिजन छात्रा की लगातार तलाश कर रहे थे। 12 फरवरी की रात को छात्रा का शव यमुना किनारे मिला था। कुछ दूरी पर मोबाइल फोन था। परिजनों ने बेटी के साथ दुष्कर्म की आशंका जाहिर की थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। शुक्रवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की मौजूदगी में शव को दफना दिया गया था। शनिवार सुबह एकत्रित हुए परिजन
शनिवार सुबह छात्रा के परिजन और ग्रामीण एकत्रित हो गए। वो शव को बाहर निकालने और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की बात कहने लगे। मृतका के भाई महेंद्र सिंह का कहना था कि पुलिस मामले को हल्के में लेकर सही जांच नहीं कर रही है और जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई है उसे पर भी उन्हें विश्वास नहीं है इसलिए वह शव का दोबारा पोस्टमार्टम करना चाहते हैं। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजनों को समझाने का प्रयास किया गया।


