चंद्रग्रहण का असर; बदल गया गंगा आरती का समय:35 साल में छठवीं बार ग्रहण ने बदला समय, विश्वनाथ धाम के भी बंद रहेंगे कपाट

चंद्रग्रहण का असर; बदल गया गंगा आरती का समय:35 साल में छठवीं बार ग्रहण ने बदला समय, विश्वनाथ धाम के भी बंद रहेंगे कपाट

भारत में साल के पहले चंद्रग्रहण को देखते हुए धर्म की नगरी काशी में मंदिरों के कपाट मंगलवार को सूतक काल में बंद रहेंगे। इसके अलावा काशी की प्रसिद्ध गंगा आरती के समय में भी बदलाव किया गया है। गंगा सेवा निधि द्वारा दशाश्वमेध घाट पर कराई जाने वाली दैनिक संध्या गंगा आरती सवा घंटा विलम्ब से होगी।इसकी जानकारी निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने दी है। उन्होंने बताया यह 35 साल के इतिहास में पहली बार हुआ है। जब ग्रहण की वजह से आरती के समय में परिवर्तन किया गया है। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के कपाट भी चंद्रग्रहण के दौरान पौने तीन घंटा बंद रहेंगे। शाम 4 बजकर 30 मिनट पर कपाट बंद होंगे जो रात 7 बजकर 15 मिनट पर आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। इस दौरान किसी भी प्रकार का दर्शन नहीं होगा। चंद्रग्रहण की वजह से लिया फैसला सुशांत मिश्रा ने बताया – मंगलवार को लगने वाले चंद्रग्रहण को देखते हुए पहली बार गंगा आरती को उसके तय समय से सवा घंटा बाद किया जाएगा। गंगा आरती के इतिहास में अभी तक पांच बार ग्रहण के कारण दिन में गंगा आरती कराई गई है। यह पहला मौका है जब रात में ग्रहण के खत्म होने के बाद आरती कराई जाएगी और आरती को अपने तय समय के बाद किया जाएगा। 6.15 पर शुरू होती है आरती सुशांत मिश्रा ने बताया – गंगा सेवा निधि की दैनिक संध्या गंगा आरती इस समय रोजाना सवा 6 बजे शुरू हो रही है। लेकिन आज लगने वाला चंद्रग्रहण 6 बजकर 37 मिनट पर खत्म हो रहा है। ऐसे में गंगा आरती का समय सवा घंटा बढाकर 7 बजकर 30 मिनट किया गया है। इस गंगा आरती में रोजाना हजारों लोग उमड़ते हैं और माता गंगा से अपने दुखों को बांटते हैं और सुख समृद्धि की कामना करते हैं। पांच बार दिन में हुई है आरती सुशांत मिश्रा ने बताया – इसके पहले साल 2025 के सितंबर माह में लगे चंद्रग्रहण के कारण दिन में 12 बजे गंगा आरती कराई गई थी। 5 वर्षों में छठवीं बार गंगा आरती के समय में बदलाव होगा। इसके पहले 28 अक्तूबर 2023, 16 जुलाई 2019, 27 जुलाई 2018 और सात अगस्त 2017 में मां गंगा की आरती चंद्र ग्रहण के कारण दिन में हुई थी। अस्सी घाट पर होगी एक घंटा देर से आरती अस्सी घाट पर होने वाली दैनिक गंगा आरती भी एक घंटे की देरी से 6 बजकर 30 मिनट की जगह 7 बजकर 30 मिनट से होगी। चंद्र और सूर्य ग्रहण के समय गंगा आरती के समय में बदलाव के साथ ही मंदिरों के खुलने और बंद होने के समय में भी बदलाव किया जाता है। सूतक लगने के साथ ही मंदिरों में प्रवेश और कपाट बंद कर दिए जाते हैं। बाद में सूतक के बाद खोल दिए जाते हैं।

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