जलवायु परिवर्तन का असर: गहरे समुद्र के ज़ॉम्बी वर्म गायब, समुद्री पारिस्थितिक तंत्र पर खतरा

जलवायु परिवर्तन का असर: गहरे समुद्र के ज़ॉम्बी वर्म गायब, समुद्री पारिस्थितिक तंत्र पर खतरा

ब्रिटिश कोलंबिया। एक बेहद समुद्री जीव के अचानक गायब हो जाने से वैज्ञानिक चिंता में आ गए हैं। इस जीव का नाम है-जॉम्बी वर्म, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ओसेडैक्स (Osedax) या बोन डिवॉरर कहा जाता है। कनाडा के वैज्ञानिक फाबियो डी लियो और उनकी टीम ने पिछले 10 सालों तक ब्रिटिश कोलंबिया के तट के पास गहरे समुद्र में एक अनोखा प्रयोग किया।

उन्होंने समुद्र की तलहटी में हंपबैक व्हेल की हड्डियां रखीं। देखा कि जॉम्बी वर्म (Zombie worms) सबसे पहले इन पर बस जाते हैं। हैरानी की बात यह रही कि 10 साल में एक भी जॉम्बी वर्म नहीं मिला। वैज्ञानिकों के लिए इनका न मिलना बहुत गंभीर संकेत है। डी लियो का कहना है कि इसका कारण समुद्र में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसे क्षेत्र बढ़ते जा रहे हैं।

पूरा समुद्री जीवन हो जाएगा प्रभावित

जब कोई व्हेल मरती है और समुद्र की गहराई में गिरती है, तो उसे व्हेल फॉल”कहा जाता है। मरी हुई व्हेल कई जीवों के लिए भोजन और घर का काम करती है। जॉम्बी वर्म हड्डियों को तोड़कर दूसरे जीवों के लिए रास्ता बनाते हैं। अगर ये नहीं होंगे, तो पूरा समुद्री जीवन चक्र प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसे हालात बने रहे, तो कई समुद्री प्रजातियां पूरी तरह खत्म हो सकती हैं। यह शोध दिखाता है कि जलवायु परिवर्तन का असर समुद्र की गहराइयों में भी हो रहा है।

बेहद अजीब किस्म का जीव

जॉम्बी वर्म बेहद अजीब जीव होते हैं। इनके पास न तो मुंह होता है, न पेट और न ही पाचन तंत्र। फिर भी ये जिंदा रहते हैं क्योंकि ये व्हेल की हड्डियों में जड़ जैसी संरचना बनाकर घुस जाते हैं। इन जड़ों में मौजूद सूक्ष्म जीव हड्डियों से पोषक तत्व निकालते हैं, जिससे जॉम्बी वर्म को खाना मिलता है। ये खबर कहां मिलेगी

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