इजराइल-ईरान युद्ध का असर भारत और प्रदेश में भी दिखना शुरू हो गया है। प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलिंडरों की कमी हो गई है। कई जिलों में गैस वितरकों के पास होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को देने के लिए महज 2 दिन की ही सप्लाई बची है। प्रदेश के ऊना और बद्दी स्थित गैस कंपनियों के बाटलिंग प्लांट में कमर्शियल सिलिंडर की रिफिलिंग का काम ठप हो गया है। नई सप्लाई नहीं आने से इनकी रिफलिंग नहीं हो पा रही। ऐसे में पुराना स्टॉक खत्म होने के बाद हालात बिगड़ सकते है। मनाली, डलहौजी, धर्मशाला, शिमला और कसौली में ज्यादा होटल की वजह से इन जगह पर कमर्शियल सिलेंडर की ज्यादा मांग रहती है। इससे खाड़ी देशों में तनाव लंबा चला तो टूरिज्म इंडस्ट्री पर इसकी मार ज्यााद पड़ेगी। कमर्शियल सिलेंडर की नई बुकिंग नहीं ली जा रही है। इसी तरह राज्य के उद्योगों पर भी एलपीजी सिलेंडर नहीं मिलने से मार पड़ेगी। राज्य के अधिकांश फार्मा व गत्ता उद्योगों में रोजाना गैस सिलिंडरों का भी काम रहता है। इसमें कई गत्ता उद्योग अभी भी गैस सिलिंडरों पर चलते हैं। जमाखोरी-कालाबाजारी नहीं करने के निर्देश दिए इस बीच राज्य के सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट ने जमाखोरी व कालाबाजारी रोकने के निर्देश जारी किए है। ऐसे लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वहीं गैस एजेंसियों को भी स्टॉक और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखने तथा डिमांड की सूचना विभाग को देने को कहा है। सभी पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों को आवश्यक पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी का पर्याप्त भंडारण बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया कि मौजूदा राष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए मोटर स्पिरिट, हाई स्पीड डीजल और एलपीजी की सप्लाई में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए सभी एजेंसियां अपनी अधिकतम क्षमता तक स्टॉक बनाए रखें। सिलेंडर की रिफलिंग बंद: सौरभ एलपीजी सेल्स के मैनेजर सौरभ ने बताया कि सोमवार से गैस प्लांटों में व्यावसायिक सिलेंडरों को भरना बंद कर दिया गया है। फिलहाल केवल घरेलू सिलेंडरों की ही रिफिलिंग की जा रही है।


