चैत्र नवरात्रि के समापन के बाद जिलेभर के देवी मंदिरों और घरों में स्थापित ज्योति कलशों एवं जवारों का विसर्जन जारी है। रविवार रात नगर के विभिन्न क्षेत्रों में विसर्जन कार्यक्रम आयोजित किए गए। छिंदवाड़ा चौक, बारापत्थर और भैरोगंज सहित कई स्थानों से शोभायात्राएं निकालकर दलसागर तालाब के घाट पर विधि-विधान से विसर्जन किया गया। नगर के प्रमुख सिद्ध पीठों और मंदिरों में स्थापित ज्योति कलशों और जवारों को मां भगवती की आरती के बाद शोभायात्रा के रूप में निकाला गया। सिद्धपीठ माता दीवाला मंदिर, दुर्गा चौक स्थित मां राजराजेश्वरी दरबार, देसाई मढ़िया, काली चौक काली मंदिर, सिंहवाहिनी मंदिर और चित्रगुप्त हनुमान मंदिर सहित अन्य मंदिरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन यात्राओं में शामिल हुए। 571 ज्योति कलशों की शोभायात्रा बनी आकर्षण दुर्गा चौक मंदिर में स्थापित 571 ज्योति कलशों की विसर्जन शोभायात्रा विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस यात्रा के दौरान देवी गीतों पर श्रद्धालु शामिल हुए। नवरात्रि के नौ दिनों की साधना पूर्ण होने के बाद श्रद्धालु परंपरा अनुसार जवारों और ज्योति कलशों का विसर्जन कर रहे हैं। जिन स्थानों पर बाद में स्थापना की गई थी, वहां नौ दिन पूरे होने पर अब विसर्जन किया जा रहा है। आज सोमवार रात में भी नगर के कई स्थानों से विसर्जन यात्राएं निकाली जाएंगी। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह पानी की व्यवस्था गर्मी को देखते हुए अधिकांश स्थानों पर दिन के बजाय रात्रि में विसर्जन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह शीतल पेयजल और फलों की व्यवस्था भी की गई है। जिले के धनोरा, घंसौर, केवलारी, लखनादौन, छपारा, बरघाट और कुरई विकासखंडों में भी जवारों के विसर्जन का क्रम जारी है।


