जयपुर। राजस्थान में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार राज्य में 28 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसके प्रभाव से कई जिलों में मेघगर्जन के साथ तेज आंधी और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में मौसम बदलने और कहीं-कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक 28 मार्च को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दिन जोधपुर और बीकानेर संभाग के साथ शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में दोपहर बाद कहीं-कहीं आंधी और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। प्रभावित जिलों में जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, जालौर, सिरोही, पाली, फलोदी, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अनूपगढ़ के साथ सीकर और झुंझुनूं शामिल हैं।
29 मार्च से विक्षोभ का असर होगा तेज
इसके बाद 29 से 31 मार्च के बीच पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव और अधिक बढ़ने की संभावना है। इस दौरान जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, उदयपुर और कोटा संभाग के कई जिलों में तेज मेघगर्जन, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
इन जिलों में बारिश की संभावना
इस दौरान जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, जालोर, सिरोही, पाली, फलोदी, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अनूपगढ़, अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर, टोंक, ब्यावर, केकड़ी, जयपुर, सीकर, झुंझुनूं, दौसा, अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, डीग, उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, सलूम्बर, कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों में मौसम का असर देखा जा सकता है।
अप्रेल में भी बैक-टू-बैक पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग का यह भी अनुमान है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में भी लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रह सकते हैं। इसके चलते पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के कई जिलों जैसे जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, जोधपुर, फलोदी, जालोर, सिरोही, पाली, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और अनूपगढ़ में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग की सलाह
इस बीच मौसम विभाग ने किसानों के लिए विशेष सलाह जारी की है। किसानों से कहा गया है कि खेतों में पककर तैयार फसलों और कृषि मंडियों में खुले में रखे अनाज को ढककर रखें या सुरक्षित स्थान पर भंडारित करें, ताकि बारिश और आंधी से नुकसान से बचा जा सके।


