तवा पुल के 100 फीट दायरे में अवैध रेत उत्खनन:दिन में ट्रॉली, रात में डंपरों से परिवहन; पुल के पिलरों को खतरा

तवा पुल के 100 फीट दायरे में अवैध रेत उत्खनन:दिन में ट्रॉली, रात में डंपरों से परिवहन; पुल के पिलरों को खतरा

नर्मदापुरम में पिपरिया स्टेट हाईवे पर माखननगर स्थित तवा पुल के आसपास बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है। नियमों को दरकिनार कर रेत माफिया पुल के 30 मीटर (करीब 100 फीट) के प्रतिबंधित दायरे से रेत निकालकर परिवहन कर रहे हैं। दिन में ट्रैक्टरों से और रात में डंपरों के जरिए रेत ढोई जा रही है, लेकिन खनिज विभाग और राजस्व विभाग की ओर से इस पर कोई कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। नियमों के अनुसार नदी पर बने पुल के 100 से 200 फीट के दायरे में रेत उत्खनन अवैध और प्रतिबंधित है। ऐसा इसलिए क्योंकि रेत निकालने से नदी तल कमजोर होता है और पुल के पिलरों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। इसके बावजूद तवा पुल के पास से लगातार रेत निकाली जा रही है, जिससे पुल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ब्रिज एक्सपर्ट ने जताई हादसे की आशंका ब्रिज एक्सपर्ट और पीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त अधिकारी नागेश दुबे ने बताया कि नियमों के तहत किसी भी पुल के 100 फीट के दायरे में रेत खनन की अनुमति नहीं होती। उन्होंने कहा कि गहरे गड्ढे बनने से पुल के पिलरों की नींव कमजोर होती है और इससे बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। दिन में ट्रैक्टर, रात में डंपरों से रेत ढुलाई स्थानीय लोगों के अनुसार रेत माफिया दिन के समय ट्रैक्टर-ट्रॉली से और रात में डंपरों के जरिए रेत का परिवहन कर रहे हैं। यह गतिविधि लंबे समय से चल रही है, लेकिन अब तक इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। डोंगरवाड़ा क्षेत्र में भी नर्मदा से रेत की चोरी बुधनी रोड स्थित खर्राघाट-डोंगरवाड़ा रोड के पास नर्मदा नदी से भी रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। यहां ट्रैक्टर-ट्रॉली में रेत भरकर बिना रोक-टोक परिवहन किया जा रहा है। डोंगरवाड़ा खदान से फिलहाल रेत कंपनी द्वारा उत्खनन नहीं किया जा रहा है। इसके बावजूद इलाके से रेत की ढुलाई जारी है। न तो रेत कंपनी की फ्लाइंग स्क्वॉड मौके पर दिख रही है और न ही खनिज विभाग के अधिकारी रेत चोरों पर कार्रवाई कर रहे हैं।​​​​​​​

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