दरभंगा के केवटी सीएचसी में अवैध वसूली:गर्भवती महिला के परिजनों ने 1600 रुपए लेने का लगाया आरोप, स्टाफ के खिलाफ शिकायत

दरभंगा के केवटी सीएचसी में अवैध वसूली:गर्भवती महिला के परिजनों ने 1600 रुपए लेने का लगाया आरोप, स्टाफ के खिलाफ शिकायत

दरभंगा के केवटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अवैध वसूली का मामला सामने आया है। इस संबंध में रनवे गांव निवासी शंकर शाह ने सीएचसी के एमओआईसी को लिखित आवेदन सौंपा है। आरोपी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शंकर शाह ने बताया कि प्रसव के लिए बेटी को अस्पताल में एडमिट कराया था। प्रसव कक्ष में तैनात नर्सिंग स्टाफ जीएनएम सुनीता कुमारी और एएनएम सुलेखा कुमारी ने अलग-अलग मदों के नाम पर जबरन 1600 रुपए वसूल लिए। आवेदन की एक कॉपी सिविल सर्जन को भी भेजी गई है। जांच के आधार पर की जाएगी कार्रवाई इस संबंध में केवटी सीएचसी के एमओआईसी डॉ. निर्मल कुमार लाल ने बताया कि शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों में रोष वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की ओर से अस्पतालों को सुदृढ़ किया गया है। मुफ्त दवाओं की व्यवस्था की गई है। प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की बहाली की गई है। बावजूद इसके कुछ कर्मियों की ओर से मुफ्त प्रसव व्यवस्था को नजरअंदाज कर अस्पताल में अवैध वसूली का रास्ता बना लेने के आरोप सामने आ रहे हैं। दरभंगा के केवटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अवैध वसूली का मामला सामने आया है। इस संबंध में रनवे गांव निवासी शंकर शाह ने सीएचसी के एमओआईसी को लिखित आवेदन सौंपा है। आरोपी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शंकर शाह ने बताया कि प्रसव के लिए बेटी को अस्पताल में एडमिट कराया था। प्रसव कक्ष में तैनात नर्सिंग स्टाफ जीएनएम सुनीता कुमारी और एएनएम सुलेखा कुमारी ने अलग-अलग मदों के नाम पर जबरन 1600 रुपए वसूल लिए। आवेदन की एक कॉपी सिविल सर्जन को भी भेजी गई है। जांच के आधार पर की जाएगी कार्रवाई इस संबंध में केवटी सीएचसी के एमओआईसी डॉ. निर्मल कुमार लाल ने बताया कि शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों में रोष वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की ओर से अस्पतालों को सुदृढ़ किया गया है। मुफ्त दवाओं की व्यवस्था की गई है। प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की बहाली की गई है। बावजूद इसके कुछ कर्मियों की ओर से मुफ्त प्रसव व्यवस्था को नजरअंदाज कर अस्पताल में अवैध वसूली का रास्ता बना लेने के आरोप सामने आ रहे हैं।  

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