रायबरेली में तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा:नगर पालिका की लापरवाही, राजस्व टीम मौके पर पहुंची

रायबरेली में तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा:नगर पालिका की लापरवाही, राजस्व टीम मौके पर पहुंची

रायबरेली के सदर तहसील क्षेत्र अंतर्गत चतुर्भुजपुर में गाटा संख्या 228 पर स्थित तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य को रुकवा दिया। इस मामले में नगर पालिका परिषद की लापरवाही उजागर हुई है। राजस्व विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को रोका। अब 23 फरवरी को गाटा संख्या 228 और 226 की भूमि की पैमाइश की जानी है। यह कार्रवाई अवैध कब्जे को हटाने और भूमि की सही स्थिति निर्धारित करने के उद्देश्य से की जा रही है। सदर तहसील के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी प्रफुल्ल शर्मा ने बताया कि राजस्व टीम ने पूर्व में मौके पर जाकर गाटा संख्या 228 की पैमाइश की थी। यह भूमि सरकारी अभिलेखों में एक बीघा रकबे के तालाब के रूप में दर्ज है। पैमाइश के बाद इस भूमि को नगर पालिका परिषद को सौंप दिया गया था। हालांकि, नगर पालिका ने आज तक इस तालाब पर किसी भी प्रकार का निर्माण या सौंदर्यीकरण नहीं किया, जिसके कारण कब्जे की समस्या फिर से सामने आई है। तहसीलदार सदर कार्यालय द्वारा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को पत्र लिखकर सूचित किया गया था कि उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 7(1)(थ) के अंतर्गत इस भूमि के संरक्षण और अनुरक्षण का दायित्व नगर पालिका परिषद का है। इस पूरे मामले को लेकर अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह ने बताया कि उन्हें मामले का संज्ञान है और इस पर कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जेदारो को हटाया जाएगा। सवाल यह उठता है कि जब राजस्व टीम ने पूर्व में ही भूमि के अनुरक्षण का दायित्व नगर पालिका को सौंप दिया था, तो नगर पालिका ने आज तक उस तालाब की भूमि पर अपना कब्जा बोर्ड क्यों नहीं लगाया? ऐसे में तालाब की जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा कब्जा करने के मामले में कहीं न कहीं नगर पालिका परिषद के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।

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