अंबेडकरनगर के राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र में एक नीलगाय के अवैध शिकार का मामला सामने आया है। इस संबंध में वन विभाग की तहरीर पर एक व्यक्ति सहित अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह घटना 14 मार्च 2026 को प्रकाश में आई। वन दरोगा शिताषु स्वरूप श्रीवास्तव को सूचना मिली थी कि ग्राम सुल्तानपुर तप्पा हवेली (कम्हरिया घाट) के पास नदी किनारे एक नर नीलगाय मृत अवस्था में पाई गई है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नीलगाय की गर्दन पर धारदार हथियार से कटने का निशान मिला, जिससे उसकी मौत होने का अनुमान है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों से पूछताछ में कम्हरिया निवासी मो. कुनमुन पुत्र शोहरअली और कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों द्वारा नीलगाय का शिकार किए जाने का पता चला। वन विभाग के अनुसार, नीलगाय एक संरक्षित वन्यजीव है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9 के तहत इसका शिकार करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। नीलगाय को IUCN रेड लिस्ट में भी सूचीबद्ध किया गया है और इसका अवैध शिकार जैव विविधता तथा पर्यावरणीय संतुलन के लिए गंभीर खतरा है। वन दरोगा शिताषु स्वरूप श्रीवास्तव की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी मो. कुनमुन और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।


