बरेली। शहर में अवैध निर्माण माफियाओं पर बुधवार को बीडीए का बुलडोजर गरजा। सीबीगंज क्षेत्र में बसाई जा रही 45 बीघे की अवैध कॉलोनी को जमींदोज कर दिया गया, वहीं अवैध रूप से बनाए गए एक स्कूल और व्यावसायिक निर्माण पर भी ताबड़तोड़ सीलिंग की कार्रवाई की गई।
कई लोगों की मिलीभगत से चल रहा था खेल
बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. ए. मनिकंडन ने बताया कि डॉ. नफीस, इंद्रपाल, तसलीम, पप्पन समेत अन्य लोग मिलकर सीबीगंज ग्राम मिलक में 45 बीघा जमीन पर अवैध कॉलोनी विकसित कर रहे थे। न तो मानचित्र स्वीकृत था और न ही किसी प्रकार की वैधानिक अनुमति ली गई थी। इसके बावजूद खुलेआम प्लॉट काटकर सड़क, साइट ऑफिस और बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जा रहा था। बीडीए की टीम भारी अमले के साथ मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
कॉमर्शियल निर्माण और अवैध स्कूल भी सील
रामपुर रोड स्थित ग्राम मथुरापुर में आरिफ द्वारा लगभग 200 वर्गमीटर में किए गए अवैध व्यावसायिक निर्माण पर भी बीडीए ने ताला जड़ दिया। बिना स्वीकृति के खड़े किए गए इस भवन को मौके पर ही सील कर दिया गया। टीम ने भवन को खाली कराकर सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की। वहीं ग्राम मिलक में ही शहजाद द्वारा लगभग 1500 वर्गमीटर क्षेत्र में स्कूल भवन का निर्माण कराया जा रहा था। जांच में यह निर्माण भी अवैध पाया गया। नियमों की अनदेखी कर खड़े किए जा रहे इस भवन को बीडीए ने तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। अचानक हुई कार्रवाई से निर्माणकर्ताओं में अफरा-तफरी मच गई।
कानून के तहत सख्त कार्रवाई
पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 के तहत की गई। अभियान के दौरान सहायक अभियंता धर्मवीर सिंह, अवर अभियंता संदीप कुमार और प्रवर्तन टीम मौजूद रही। बीडीए ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण या प्लॉटिंग अवैध है। ऐसे निर्माणों को कभी भी ध्वस्त या सील किया जा सकता है। भूखंड या भवन खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पुष्टि जरूर करें, अन्यथा नुकसान उठाना पड़ सकता है।


