जामताड़ा जिले के नाला थाना क्षेत्र में अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। पालस्थली स्थित बंद पड़ी खदान तड़के सुबह करीब तीन से चार बजे के बीच अचानक धंस गई, जिससे चार स्थानीय लोग मलबे में दब गए। सूत्रों के मुताबिक चारों युवक अवैध रूप से कोयला निकालने के लिए खदान में उतरे थे। इसी दौरान खदान का ऊपरी हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा और वे अंदर ही फंस गए। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। हादसे से जुड़ी एक वीडियो सामने आई है। ग्रामीणों ने रस्सी के सहारे निकाले गए घायल हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने बिना किसी देरी के राहत और बचाव कार्य शुरू किया। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि गोल कुएं जैसी संकरी खदान से रस्सी के सहारे घायलों को बाहर निकाला। मौके पर चीख-पुकार और रोने की आवाजें गूंजती रहीं। काफी मशक्कत के बाद चारों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें पश्चिम बंगाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी तक किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चिकित्सकों के अनुसार सभी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। प्रशासन की चुप्पी से उठे सवाल घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर चुप्पी बनी हुई है। स्थानीय पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। अवैध खनन को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से ऐसी घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। फिलहाल इलाके में दहशत का माहौल है और परिजन अस्पताल से अच्छे समाचार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। जामताड़ा जिले के नाला थाना क्षेत्र में अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। पालस्थली स्थित बंद पड़ी खदान तड़के सुबह करीब तीन से चार बजे के बीच अचानक धंस गई, जिससे चार स्थानीय लोग मलबे में दब गए। सूत्रों के मुताबिक चारों युवक अवैध रूप से कोयला निकालने के लिए खदान में उतरे थे। इसी दौरान खदान का ऊपरी हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा और वे अंदर ही फंस गए। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। हादसे से जुड़ी एक वीडियो सामने आई है। ग्रामीणों ने रस्सी के सहारे निकाले गए घायल हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने बिना किसी देरी के राहत और बचाव कार्य शुरू किया। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि गोल कुएं जैसी संकरी खदान से रस्सी के सहारे घायलों को बाहर निकाला। मौके पर चीख-पुकार और रोने की आवाजें गूंजती रहीं। काफी मशक्कत के बाद चारों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें पश्चिम बंगाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी तक किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चिकित्सकों के अनुसार सभी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। प्रशासन की चुप्पी से उठे सवाल घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर चुप्पी बनी हुई है। स्थानीय पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। अवैध खनन को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से ऐसी घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। फिलहाल इलाके में दहशत का माहौल है और परिजन अस्पताल से अच्छे समाचार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।


