भागलपुर शाही मस्जिद में इफ्तार का आयोजन:रमज़ान के 27वें रोज़े पर दिया भाईचारे का संदेश

भागलपुर शाही मस्जिद में इफ्तार का आयोजन:रमज़ान के 27वें रोज़े पर दिया भाईचारे का संदेश

भागलपुर के मसाकचक स्थित शाही मस्जिद में रमज़ान के 27वें रोज़े के अवसर पर दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में रोज़ेदारों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। इस दौरान आपसी भाईचारे और धार्मिक आस्था का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मस्जिद में चादरपोशी के साथ हुई। इस अवसर पर देश में शांति, खुशहाली और भाईचारे की मजबूती के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। रोज़ेदारों ने समाज में शांति और एकता बनाए रखने की प्रार्थना की। बाद में सभी लोगों ने मिलकर रोज़ा इफ्तार किया और एक-दूसरे को रमज़ान की मुबारकबाद दी। इस अवसर पर समाजसेवी जीशान खान ने कहा कि रमज़ान का महीना इंसानियत, आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और लोगों के बीच आपसी सौहार्द को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे आपसी मतभेद भूलकर प्रेम और सहयोग की भावना से रहें। दावत-ए-इफ्तार में रोज़ेदारों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। इसमें खजूर, फल, शरबत और विभिन्न पकवान शामिल थे। आयोजन में शामिल सभी लोगों ने एक साथ बैठकर इफ्तार किया, जो आपसी एकता का प्रतीक बना। इस कार्यक्रम में इलाके के कई गणमान्य लोग, समाजसेवी और स्थानीय निवासी उपस्थित थे। सभी ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज में सकारात्मक संदेश देने वाला कदम बताया। भागलपुर के मसाकचक स्थित शाही मस्जिद में रमज़ान के 27वें रोज़े के अवसर पर दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में रोज़ेदारों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। इस दौरान आपसी भाईचारे और धार्मिक आस्था का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मस्जिद में चादरपोशी के साथ हुई। इस अवसर पर देश में शांति, खुशहाली और भाईचारे की मजबूती के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। रोज़ेदारों ने समाज में शांति और एकता बनाए रखने की प्रार्थना की। बाद में सभी लोगों ने मिलकर रोज़ा इफ्तार किया और एक-दूसरे को रमज़ान की मुबारकबाद दी। इस अवसर पर समाजसेवी जीशान खान ने कहा कि रमज़ान का महीना इंसानियत, आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और लोगों के बीच आपसी सौहार्द को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे आपसी मतभेद भूलकर प्रेम और सहयोग की भावना से रहें। दावत-ए-इफ्तार में रोज़ेदारों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। इसमें खजूर, फल, शरबत और विभिन्न पकवान शामिल थे। आयोजन में शामिल सभी लोगों ने एक साथ बैठकर इफ्तार किया, जो आपसी एकता का प्रतीक बना। इस कार्यक्रम में इलाके के कई गणमान्य लोग, समाजसेवी और स्थानीय निवासी उपस्थित थे। सभी ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज में सकारात्मक संदेश देने वाला कदम बताया।  

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