समय न बताने पर हाईकोर्ट खुद तय करेगा डेडलाइन

समय न बताने पर हाईकोर्ट खुद तय करेगा डेडलाइन

झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को लोकायुक्त समेत अन्य संवैधानिक रिक्त पदों पर नियुक्ति के मामले की सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त की नियुक्ति का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। वहीं, लोकायुक्त और मानवाधिकार आयोग में चेयरमैन पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी। नियुक्ति के लिए कोर्ट से समय देने का आग्रह किया गया। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से आपत्ति जताई गई। प्रार्थी की ओर से बताया गया कि इन संवैधानिक पदों पर नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार लगातार टाल-मटोल का रवैया अपना रही है। पिछले चार वर्षों से समय-समय पर केवल समय ही मांगा जा रहा है। इस पर अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यह रवैया सही नहीं है। राज्य सरकार स्पष्ट रूप से बताए कि लोकायुक्त और मानवाधिकार आयोग में चेयरमैन पद पर नियुक्ति कब तक की जाएगी। यदि सरकार समयसीमा नहीं बताती है, तो अदालत अपने स्तर से नियुक्ति की समय-सीमा तय करेगी। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को निर्धारित की है। झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को लोकायुक्त समेत अन्य संवैधानिक रिक्त पदों पर नियुक्ति के मामले की सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त की नियुक्ति का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। वहीं, लोकायुक्त और मानवाधिकार आयोग में चेयरमैन पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी। नियुक्ति के लिए कोर्ट से समय देने का आग्रह किया गया। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से आपत्ति जताई गई। प्रार्थी की ओर से बताया गया कि इन संवैधानिक पदों पर नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार लगातार टाल-मटोल का रवैया अपना रही है। पिछले चार वर्षों से समय-समय पर केवल समय ही मांगा जा रहा है। इस पर अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यह रवैया सही नहीं है। राज्य सरकार स्पष्ट रूप से बताए कि लोकायुक्त और मानवाधिकार आयोग में चेयरमैन पद पर नियुक्ति कब तक की जाएगी। यदि सरकार समयसीमा नहीं बताती है, तो अदालत अपने स्तर से नियुक्ति की समय-सीमा तय करेगी। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को निर्धारित की है।  

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