नवाबी संपत्तियों का हिसाब हो तो खुलेगा घोटाला, 77 साल में 1984 एकड़ का हेरफेर

नवाबी संपत्तियों का हिसाब हो तो खुलेगा घोटाला, 77 साल में 1984 एकड़ का हेरफेर

Bhopal News : मध्य प्रदेश के शहर भोपाल की नवानी सम्पत्तियों के रिकॉर्ड और मर्जर एग्रीमेंट के मामले में जमीनों के बड़े हेरफेर की शिकायत सामने आई है। इसके तहत भारत सरकार और नवाब के बीच मर्जर एग्रीमेंट और वर्तमान रिकॉर्ड में अंतर मिला। यह अंतर 77 साल में आया है। मामले में कलेक्टर को 29 पन्‍नों की शिकायत की गई। इसमें बताया गया कि 1984 एकड़ मर्जर रिकॉर्ड से गायब हो गई है।

राजधानी समेत शहर में 9 स्थानों ये जमीन है। मामले में कलेक्टर की समिति मर्जर एग्रीमेंट से अब तक के रिकार्ड जांचेगी। भारत सरकार और नवाब हमीदुल्ला के बीच 30 अप्रेल 1949 को मर्जर एग्रीमेंट हुआ। इसमें रियासत में सभी सम्पत्तियों की सूची बनी। एक मैप तैयार हुआ। जिसमें पूरा रिकार्ड दर्ज हुआ। मामला फिल्म अभिनेता सैफ अली खान तक जाएगा। ये नवाब समपतियों के वारिस है।

रिकॉर्ड से मिलान से सामने आएगी गड़बड़ी

नवाब प्रॉपर्टी विवाद और गड़बड़ियों की जांच के लिए समाजसेवी अमिताभ अम्निहोत्री ने कलेक्टर को शिकायत की है। इसमें पूर्व राजस्व सचिव माला श्रीवास्तव का हवाला देते हुए कहा गया कि रिपोर्ट के अनुसार, मर्जर एग्रीमेंट में केवल 1395 एकड़ जमीन व्यक्तिगत संपत्ति मानी गई थी, लेकिन वर्तमान में 9 गांवों की 1984.13 एकड़ अतिरिक्त भूमि नवाब परिवार के नाम दर्ज है। ये अनुबंध का हिस्सा ही नहीं थी। इस तरह की गड़बड़ी कई और जगहों पर है। मर्जर एग्रीमेंट के मूल रिकार्ड से मिलान की मांग हुई है।

आबिदा सुल्तान के नाम जो भी प्रॉपर्टी वो शत्रु सम्पत्ति

शत्रु सम्पत्ति विवाद भी इस जांच में साफ होगा। नवाब की बड़ी बेटी आबिदा सुल्तान पाकिस्तान की नागरिक बन गई थीं। ज्ञापन में बताया गया कि हलालपुरा, बोरबन और लाऊखेड़ी समेत जहां भी इनके नाम जमीनें हो वे शत्रु सम्पत्ति के दायरे में लेकर जांची जाए।

कलेक्टर की समिति करेगी तय

शत्रु संपत्ति विभाग के निर्देश ने जांच के लिए समिति बनाई है। इसमें एसडीएम समेत तहसीलदार शामिल हैं। रियासत, भोपाल नवाब हमीदुल्ला खान, उनकी तीन बेटियों के नाम प्रापर्टी की जांच होना होगा।

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