प्रॉपर्टी टैक्स बकाएदारों पर अब नगर निगम सख्ती बरतेगा। जिनपर 50 हजार से अधिक बकाया है, उन्हें 14 मार्च तक जमा करने का नोटिस दिया गया है। इस समय सीमा तक भुगतान नहीं किया गया तो कुर्की-जब्ती के साथ बैंक खाते को फ्रीज किया जाएगा। साथ ही बिजली कनेक्शन भी काटा जा सकता है। इसके बाद उनके नाम को सार्वजनिक भी किया जाएगा। निगम द्वारा वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की गई है, जिसकी अवधि 31 मार्च तक है। इसके तहत केवल मूल टैक्स की राशि जमा करनी है। 31 मार्च के बाद ब्याज और जुर्माना भरना होगा। बकाएदारों से 16 करोड़ 47 लाख 78 हजार 989 रुपए की वसूली करनी है। इनपर लंबे समय से बकाया है। खाली जमीन का भी टैक्स देना होगा बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 और इसके तहत अधिसूचित बिहार नगरपालिका संपत्ति कर (मूल्यांकन, संग्रह और वसूली) नियम 2013 में बकाएदारों पर कड़ी कार्रवाई करने का प्रावधान है। इसमें मांग पत्र जारी करने, सेवाओं को रोकने, चल संपत्ति की जब्ती और बिक्री, अचल संपत्ति की कुर्की और बिक्री, बैंक खातों की कुर्की आदि के प्रावधान हैं। खाली जमीन के मालिकों को भी टैक्स भुगतान करना अनिवार्य है। बकाया, बकाएदारों की संख्या और कुल बकाया राशि
आपके डेटा को साफ और व्यवस्थित टेबल में इस तरह लिखा जा सकता है: प्रॉपर्टी टैक्स बकाएदारों पर अब नगर निगम सख्ती बरतेगा। जिनपर 50 हजार से अधिक बकाया है, उन्हें 14 मार्च तक जमा करने का नोटिस दिया गया है। इस समय सीमा तक भुगतान नहीं किया गया तो कुर्की-जब्ती के साथ बैंक खाते को फ्रीज किया जाएगा। साथ ही बिजली कनेक्शन भी काटा जा सकता है। इसके बाद उनके नाम को सार्वजनिक भी किया जाएगा। निगम द्वारा वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की गई है, जिसकी अवधि 31 मार्च तक है। इसके तहत केवल मूल टैक्स की राशि जमा करनी है। 31 मार्च के बाद ब्याज और जुर्माना भरना होगा। बकाएदारों से 16 करोड़ 47 लाख 78 हजार 989 रुपए की वसूली करनी है। इनपर लंबे समय से बकाया है। खाली जमीन का भी टैक्स देना होगा बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 और इसके तहत अधिसूचित बिहार नगरपालिका संपत्ति कर (मूल्यांकन, संग्रह और वसूली) नियम 2013 में बकाएदारों पर कड़ी कार्रवाई करने का प्रावधान है। इसमें मांग पत्र जारी करने, सेवाओं को रोकने, चल संपत्ति की जब्ती और बिक्री, अचल संपत्ति की कुर्की और बिक्री, बैंक खातों की कुर्की आदि के प्रावधान हैं। खाली जमीन के मालिकों को भी टैक्स भुगतान करना अनिवार्य है। बकाया, बकाएदारों की संख्या और कुल बकाया राशि
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