राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान: रास्ते पर नहीं आया ईरान तो हमले के लिए 10 दिन में लेंगे फैसला

राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान: रास्ते पर नहीं आया ईरान तो हमले के लिए 10 दिन में लेंगे फैसला

Board Of Peace Iran-US Iran Tensions: ईरान पर हमले केा लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक तरह से खुली धमकी दी है। गुरुवार को बोर्ड ऑफ पीस कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान के लिए हमारे साथ उस रास्ते पर चलने का समय है जो हम बना रहे हैं। अगर वह साथ नहीं आता है तो यह एक बहुत अलग रास्ता होगा। वो पूरे इलाके की स्थिरता को खतरा नहीं पहुंचा सकते। उन्हें एक समझौता करना ही होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो फिर बुरी चीजें होंगी।

बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में जुटे 40 देश

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की अगुवाई में वॉशिंगटन में हुई बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में 40 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान ट्रंप ने गाजा के पुनर्निर्माण और शांति बहाली के लिए 10 अरब डॉलर देने का ऐलान किया। बैठक में शामिल 9 अन्य सदस्यों ने भी गाजा रिलीफ पैकेज के लिए 7 अरब डॉलर देने का वादा किया है। बैठक के दौरान ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर कहा कि उसे संघर्षों के समाधान में और ज्यादा सक्रिय होना चाहिए था। आगे चल कर बोर्ड ऑफ पीस एक तरह से यूएन की कार्यप्रणाली पर नजर रखेगा।

फिर किया भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाने का दावा

बैठक में डॉनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने का दावा किया। ट्रंप ने कहा कि मैंने भारत और पाकिस्तान को 200 प्रतिशत टैरिफ की धमकी दी। वो लडऩा चाहते थे,लेकिन जब पैसे की बात आई तो उन्होंने कहा कि हम लडऩा नहीं चाहते। जंग बहुत जोरों पर थी,11 जेट गिराए गए। बहुत महंगे जेट।

2003 के बाद सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नाटो सहयोगी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने अपने नागरिकों को तुरंत ईरान छोडऩे की सलाह दी है। टस्क ने चेतावनी दी कि कुछ ही घंटों में वहां से निकलना असंभव हो सकता है। दावा है कि ईरान के दरवाजे पर अमरीकी सैन्य साजो-सामान की तैनाती 2003 के इराक युद्ध के बाद के सबसे बड़े स्तर पर पहुंच गई है। ईरान के तट पर अमरीका का विशाल बेड़ा तैनात हो चुका है। इसमें दो विमानवाहक पोत, दर्जनों युद्धपोत और सैकड़ों लड़ाकू विमान शामिल हैं। पिछले 24 घंटों में 150 से अधिक सैन्य मालवाहक विमानों ने हथियार और गोला-बारूद पहुंचाया है।

अमरीका को ब्रिटेन से झटका

ईरान के साथ युद्ध गहराते संकट के बीच अमरीका को ब्रिटेन ने झटका दिया है। ब्रिटेन ने ईरान पर हमला करने के लिए अपने सैन्य अड्डों के इस्तेमाल की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। इस वजह से अब हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया द्वीप पर स्थित बेस और ग्लॉस्टरशायर में आरएएफ फेयरफोर्ड से अमरीकी लड़ाकू विमान उड़ान भर कर हमला नहीं कर सकेंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने ब्रिटेन के इस निर्णय की आलोचना भी की है।

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