नेगेटिव रिपोर्ट आई तो नहीं मिलेगा टिकट:प्रत्याशी चुनने के लिए भाजपा करा रही सर्वे, संगठन-संघ की राय भी बनेगी आधार

नेगेटिव रिपोर्ट आई तो नहीं मिलेगा टिकट:प्रत्याशी चुनने के लिए भाजपा करा रही सर्वे, संगठन-संघ की राय भी बनेगी आधार

यूपी में 14 महीने बाद भले ही विधानसभा चुनाव हैं, लेकिन भाजपा ने अभी से जमीनी तैयारी शुरू कर दी है। कैंडिडेट सिलेक्शन के लिए पहले फेज का सर्वे शुरू होने जा रहा। ‘नेशन विद नमो’ को सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंपनी हर विधानसभा क्षेत्र में जाकर भाजपा के मौजूदा विधायक की छवि से लेकर वैकल्पिक दावेदारों और जनता के बीच चुनावी मुद्दों पर रिपोर्ट तैयार करेगी। भाजपा के सीनियर लीडर बताते हैं कि चुनावी सर्वे में जिन विधायकों की छवि या कार्यशैली पर नेगेटिव रिपोर्ट मिलती है, उनका टिकट कटना लगभग तय होता है। पढ़िए ये रिपोर्ट… विधानसभा चुनाव- 2022 से पहले भाजपा ने जार्विस और एबीएम से चुनावी सर्वे कराया था। दोनों कंपनियों के सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही भाजपा ने 403 में से 165 सीटों पर नए चेहरों को मौका दिया था। 120 से अधिक विधायकों के टिकट काटे गए थे। लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा ने हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और हालही में बिहार में बड़ी जीत हासिल की है। जानकार मानते हैं कि अब भाजपा का अगला फोकस यूपी विधानसभा चुनाव- 2027 रहेगा। 2017, 2022 के बाद 2027 में भी भाजपा यूपी में पूर्ण बहुमत के साथ हैट्रिक लगाना चाहती है। लिहाजा पार्टी ने धीरे-धीरे चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं। एक ओर, विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के लिए कार्यकर्ता लगाए गए हैं। दूसरी ओर, पार्टी ने चुनावी सर्वे भी शुरू करा दिया है। एजेंसी के सर्वेयर विधानसभा क्षेत्रों में पहुंच चुके है। वह जिलाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, 2022 और 2024 में विस्तारक रहे कार्यकर्ताओं, दुकानदारों, छोटे-छोटे सामाजिक संगठनों, वकीलों, डॉक्टर्स, शिक्षक, युवा और महिलाओं से भी बातचीत कर रहे हैं। इस तरह होता है सर्वे एजेंसी के एक कर्मचारी ने बताया कि उनके सर्वेयर फील्ड में जाकर सार्वजनिक स्थानों पर जनता के बीच रहते हैं। वहां पर चुनावी मुद्दों पर बात शुरू करते हुए फिर भाजपा के मौजूदा विधायक या हारे हुए प्रत्याशी के बारे में बात करते हैं। उसमें कुछ इस तरह के सवाल जनता के बीच रखे जाते हैं। संगठन और संघ की राय भी
कंपनी के एक कर्मचारी ने बताया कि उनके सर्वेयर जिले में भाजपा के पदाधिकारियों के साथ आरएसएस के लोगों से भी संपर्क करते हैं। उनसे भी मौजूदा विधायक और वैकल्पिक दावेदार पर बात विस्तृत बात होती है। जब रिपोर्ट सौंपी जाती है, तो उसमें इसका जिक्र भी किया जाता है कि संबंधित विधायक या हारे हुए प्रत्याशी से कार्यकर्ताओं और संघ की सहमति है या नाराजगी। दूसरे दौर का सर्वे भी होगा
भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रत्याशी चयन के लिए दूसरे दौर का सर्वे भी कराया जाएगा। संभवत: वह किसी अन्य सर्वे एजेंसी से कराया जाएगा। दोनों कंपनियां कमोबेश सभी विधानसभा क्षेत्रों में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सर्वे करेंगी। पदाधिकारी ने बताया कि दो कंपनियों को काम इसलिए दिया गया है, जिससे फील्ड से रिपोर्ट सही आए। एक ही कंपनी को काम सौंपने पर रिपोर्ट पक्षपाती या एकतरफा आने की संभावना बनी रहती है। दो कंपनियों की रिपोर्ट से साफ हो जाता है कि किस कंपनी ने कितनी गहराई में जाकर सर्वे किया है। इससे किसी एक विधायक या दावेदार का ही पक्ष आने की संभावना भी नहीं रहती। 800 से अधिक सर्वे एजेंट काम करेंगे
विधानसभा चुनाव के लिए दोनों कंपनियों के 400 से अधिक सर्वे एजेंट काम करेंगे। सर्वे एजेंट में दिल्ली यूनिवर्सिटी के राजनीतिक शास्त्र के विद्यार्थी, आईआईएम लखनऊ, आईआईटी कानपुर के विद्यार्थी भी शामिल हैं। प्रोफेशनल्स के जरिए सर्वे कराने से प्रत्याशी के साथ क्षेत्र के मुद्दों, सामाजिक समीकरण, आपसी विरोध समेत अन्य मुद्दों की गहराई का पता चलता है। 2014 तक गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी के लिए चुनाव प्रबंधन का काम प्रशांत किशोर और उनकी टीम संभाल रही थी। 2014 में जब प्रशांत किशोर नरेंद्र मोदी से अलग हुए तो उनकी टीम के सदस्य सुनील सिंह ने ए बिलियन माइंड (एबीएम) कंपनी बनाई। 2024 तक एबीएम ने ही यूपी समेत सभी राज्यों और लोकसभा चुनाव भाजपा के लिए चुनाव प्रबंधन का काम किया। एबीएम ने अब अपना नाम बदलकर ‘नेशन विद नमो’ कर लिया है। इसी कंपनी को यूपी में भी विधानसभा चुनाव में प्रबंधन की रणनीति बनाने, प्रत्याशी चयन के लिए सर्वे करने और प्रचार की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी सीटों पर होगा सर्वे
भाजपा पदाधिकारी ने बताया कि यूपी में अभी 403 में से पार्टी के 258 विधायक हैं। लेकिन, पार्टी सर्वे सभी 403 सीटों पर कराएगी। इनमें सहयोगी दल रालोद, सुभासपा, अपना दल (एल) और निषाद पार्टी के हिस्से वाली सीटें भी शामिल हैं। ———————— ये खबर भी पढ़ें… यूपी में शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ेगा, बुजुर्गों-दिव्यांगों और विधवाओं की पेंशन में भी होगा इजाफा योगी सरकार 2.0 का 5वां बजट फरवरी में पेश होगा। विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए सरकार ने बजट में एक करोड़ से अधिक महिलाओं को सौगात देने की तैयारी की है। सरकार वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, विधवा पेंशन, आशा कार्यकर्ता और शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी करने जा रही है। पढ़ें पूरी खबर

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