जमुई जिले के सोनो थाना क्षेत्र की इंदू देवी पिछले सात साल से अपने लापता बेटे निवास मंडल की तलाश कर रही हैं। गुरुवार को जनता दरबार में पुलिस अधीक्षक से मुलाकात के बाद बाहर निकलीं इंदू देवी ने कहा कि अगर उनका बेटा नहीं मिला तो वह अपनी जान दे देंगी।
इंदू देवी ने रोते हुए बताया, “साहब ने कह दिया अब कुछ नहीं हो सकता। अगर मेरा बेटा नहीं मिला या उसका पता नहीं चला तो मैं यहीं जान दे दूंगी। आखिर किस लिए है ये शासन-प्रशासन, जब एक मां को न्याय ही नहीं मिल पा रहा।” रोजगार दिलाने के बहाने गुजरात ले गए थे गांव वाले
इंदू देवी के अनुसार, उनके 22 वर्षीय बेटे निवास मंडल को गांव के कुछ लोग सात साल पहले रोजगार दिलाने के बहाने गुजरात ले गए थे। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण निवास काम करने चला गया था। उसके बाद से न तो उसका कोई फोन आया और न ही कोई खबर मिली।
इंदू देवी ने बताया कि सात साल चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन निवास का कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने हर जगह तलाश की, थाने में आवेदन दिया और अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। 2018 में मामला हुआ था दर्ज इस मामले पर जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने जानकारी दी कि वर्ष 2018 में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि युवक अपने साथियों के साथ काम करने गुजरात गया था, लेकिन उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल पाया।
पुलिस ने अनुसंधान किया, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि सात साल से अधिक समय बीत जाने पर ऐसे मामलों को बंद करने का प्रावधान है, फिर भी वे देखेंगे कि क्या किया जा सकता है। दुर्गेश मंडल पर सऊदी में बेचने का आरोप हालांकि, इंदू देवी का आरोप है कि उनके बेटे को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले गांव के ही दुर्गेश मंडल ने उसे पहले गुजरात और फिर विदेश सऊदी में बेच दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि निवास शादीशुदा था और जब वह सात साल से घर नहीं लौटा तो एक महीने के भीतर ही उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई और दूसरी शादी कर ली। इंदू देवी के पति मजदूरी करते हैं। जमुई जिले के सोनो थाना क्षेत्र की इंदू देवी पिछले सात साल से अपने लापता बेटे निवास मंडल की तलाश कर रही हैं। गुरुवार को जनता दरबार में पुलिस अधीक्षक से मुलाकात के बाद बाहर निकलीं इंदू देवी ने कहा कि अगर उनका बेटा नहीं मिला तो वह अपनी जान दे देंगी।
इंदू देवी ने रोते हुए बताया, “साहब ने कह दिया अब कुछ नहीं हो सकता। अगर मेरा बेटा नहीं मिला या उसका पता नहीं चला तो मैं यहीं जान दे दूंगी। आखिर किस लिए है ये शासन-प्रशासन, जब एक मां को न्याय ही नहीं मिल पा रहा।” रोजगार दिलाने के बहाने गुजरात ले गए थे गांव वाले
इंदू देवी के अनुसार, उनके 22 वर्षीय बेटे निवास मंडल को गांव के कुछ लोग सात साल पहले रोजगार दिलाने के बहाने गुजरात ले गए थे। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण निवास काम करने चला गया था। उसके बाद से न तो उसका कोई फोन आया और न ही कोई खबर मिली।
इंदू देवी ने बताया कि सात साल चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन निवास का कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने हर जगह तलाश की, थाने में आवेदन दिया और अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। 2018 में मामला हुआ था दर्ज इस मामले पर जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने जानकारी दी कि वर्ष 2018 में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि युवक अपने साथियों के साथ काम करने गुजरात गया था, लेकिन उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल पाया।
पुलिस ने अनुसंधान किया, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि सात साल से अधिक समय बीत जाने पर ऐसे मामलों को बंद करने का प्रावधान है, फिर भी वे देखेंगे कि क्या किया जा सकता है। दुर्गेश मंडल पर सऊदी में बेचने का आरोप हालांकि, इंदू देवी का आरोप है कि उनके बेटे को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले गांव के ही दुर्गेश मंडल ने उसे पहले गुजरात और फिर विदेश सऊदी में बेच दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि निवास शादीशुदा था और जब वह सात साल से घर नहीं लौटा तो एक महीने के भीतर ही उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई और दूसरी शादी कर ली। इंदू देवी के पति मजदूरी करते हैं।


