‘पैसे दिए तो PM पर हमला कर सकते हैं’:बिहार के युवक ने अमेरिकी एजेंसी CIA को मैसेज भेजा, 22 दिन का मांगा समय; गिरफ्तार

‘पैसे दिए तो PM पर हमला कर सकते हैं’:बिहार के युवक ने अमेरिकी एजेंसी CIA को मैसेज भेजा, 22 दिन का मांगा समय; गिरफ्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नुकसान पहुंचाने का दावा करते हुए और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक करने, इसके बदले अमेरिकी एजेंसी CIA से पैसे मांगने के मामले में बक्सर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। डुमरांव अनुमंडल के सिमरी थाना क्षेत्र स्थित आशा पड़री गांव में बुधवार को छापेमारी कर एक युवक समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने विदेश में बैठे संदिग्ध लोगों से संपर्क कर न केवल गोपनीय जानकारी साझा करने की बात की, बल्कि 22 दिनों के अंदर प्रधानमंत्री पर हमले और सुरक्षा में सेंध लगाने की साजिश भी रची थी। CIA को ईमेल भेजा थाः SP मामले की सूचना मिलते ही बक्सर SP शुभम आर्य के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आशा पड़री गांव में छापेमारी की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। SP ने बताया कि अमन तिवारी ने अमेरिका की एजेंसी CIA को ईमेल कर संपर्क किया था। ईमेल के जरिए पैसे की डिमांड की। इसके बदले हम प्रधानमंत्री पर जानलेवा हमला कर सकते है। इस काम को पूरा करने के लिए 22 दिनों का वक्त मांगा था। अमन पर प्रधानमंत्री कार्यालय के डेटा हैक करने की कोशिश के साथ और संवेदनशील जानकारी हैक करने का संदेह है। उस पर प्रधानमंत्री से जुड़ी जानकारी के बदले विदेशी एजेंसियों से संपर्क करने का आरोप है। विदेशी संपर्क और पैसों की डिमांड पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अमेरिका (USA) की एजेंसी CIA से जुड़े लोगों से संपर्क साधा था। आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री से जुड़े मामलों में सुरक्षा में सेंध लगाने और हमले की योजना के एवज में पैसे की मांग की थी। हालांकि कितनी रकम मांगी गई थी, इस पर पुलिस ने कुछ भी स्पष्ट करने से इनकार किया है। SP शुभम आर्य ने कहा कि मामला गोपनीय है और जांच पूरी होने के बाद ही इसका पूरा खुलासा किया जाएगा। गुप्त स्थान पर पूछताछ, कई खुलासों की उम्मीद अमन तिवारी की गिरफ्तारी बुधवार की दोपहर हुई। वह अपने पिता को पूजा कराने के लिए एक जजमान के यहां छोड़कर घर लौटा था। खाना खाने बैठा। तभी पुलिस पहुंची और उसे दबोच लिया। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी अमन तिवारी समेत सभी आरोपियों को गुप्त स्थान पर रखकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस पूरे नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। पिता बोले- हमें कुछ नहीं पता अमन के पिता गणेश तिवारी ने बताया कि वे उस समय पूजा में गए हुए थे। घर लौटने पर उन्हें घटना की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि उन्हें अब तक यह नहीं पता कि उनका बेटा किस मामले में पकड़ा गया है और क्या आरोप हैं। लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के घर से लैपटॉप सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इन उपकरणों से डिजिटल सबूत मिलेंगे, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी किस स्तर तक सक्रिय थे और किन-किन लोगों से जुड़े थे। कमरा सील, गांव में दहशत का माहौल घटना के बाद प्रशासन ने उस कमरे को सील कर दिया है, जहां अमन कुमार रहता था। बताया जा रहा है कि वह गांव में रहकर साइबर कैफे चलाता था। गिरफ्तारी के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अमन सामान्य जीवन जीता था, ऐसे में उस पर लगे इतने गंभीर आरोपों ने सभी को हैरान कर दिया है। पहले कोलकाता एयरपोर्ट उड़ाने की दे चुका धमकी प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अमन कुमार का आपराधिक इतिहास भी रहा है। अमन 2021 में कोलकाता एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी देने के मामले में पकड़ा गया था। कोलकाता और बक्सर पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे पकड़ा था। हालांकि उस समय उसे नाबालिग होने का फायदा मिला और उसे जमानत मिल गई। पश्चिम बंगाल के कोलकाता एयरपोर्ट पर इसने धमकी भरा ईमेल भेजा था। धमकी भरे मेल की वजह से हड़कंप मच गया। यही नहीं इसके चलते एक फ्लाइट को भी कैंसिल करना पड़ा। जांच के बाद पुलिस ने इसे न्यायिक हिरासत में लिया था। तब यह 16 साल का किशोर था। कोलकाता एयरपोर्ट अथॉरिटी को 2021 में अक्टूबर में 21 तारीख की शाम 4.30 बजे ये ई-मेल मिला। जिसके बाद अधिकारी अलर्ट हो गए। कोलकाता एयरपोर्ट को जो ई-मेल आया था उसमें लिखा- ‘रात 8:35 पर जो फ्लाइट टेक ऑफ होगी, उसे उड़ा दिया जाएगा। चाहो तो बचा लो।’ इस मेल के मिलते ही एयरपोर्ट के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। तुरंत ही उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। साथ ही उड़ान भरने वाली फ्लाइट को भी कैंसिल कर दिया गया। इसके साथ ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो लोकेशन के आधार पता चला कि ये मेल बक्सर से आया था। इसके बाद कोलकाता पुलिस ने बक्सर पुलिस से संपर्क किया था। धमकी मामले में पुलिस ने पकड़ा तो कहा- मोबाइल चोरी हो गया था कोलकाता एयरपोर्ट एथॉरिटी ने भेजे गए ईमेल की जांच के लिए बक्सर पुलिस छानबीन के लिए सिमरी के आशापड़री गांव पहुंची। यहां इस मामले में 16 साल के अमन का नाम सामने आया। जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। अमन ने कहा कि उसका मोबाइल करीब 10 दिनों पहले चोरी हो गया था। इसका सनहा भी सिमरी थाने में दर्ज कराया था। जब किशोर का सनहा निकाला तो उसमें वह नंबर दर्ज नहीं मिला, जिससे फ्लाइट उड़ाने की धमकी का मेल किया गया था। बड़ा सवाल: गांव से PMO तक कैसे पहुंची साजिश? इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि एक गांव में साइबर कैफे चलाने वाला युवक देश के सबसे संवेदनशील कार्यालय से जुड़ी साजिश में कैसे शामिल हो गया। फिलहाल बक्सर पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नुकसान पहुंचाने का दावा करते हुए और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक करने, इसके बदले अमेरिकी एजेंसी CIA से पैसे मांगने के मामले में बक्सर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। डुमरांव अनुमंडल के सिमरी थाना क्षेत्र स्थित आशा पड़री गांव में बुधवार को छापेमारी कर एक युवक समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने विदेश में बैठे संदिग्ध लोगों से संपर्क कर न केवल गोपनीय जानकारी साझा करने की बात की, बल्कि 22 दिनों के अंदर प्रधानमंत्री पर हमले और सुरक्षा में सेंध लगाने की साजिश भी रची थी। CIA को ईमेल भेजा थाः SP मामले की सूचना मिलते ही बक्सर SP शुभम आर्य के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आशा पड़री गांव में छापेमारी की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। SP ने बताया कि अमन तिवारी ने अमेरिका की एजेंसी CIA को ईमेल कर संपर्क किया था। ईमेल के जरिए पैसे की डिमांड की। इसके बदले हम प्रधानमंत्री पर जानलेवा हमला कर सकते है। इस काम को पूरा करने के लिए 22 दिनों का वक्त मांगा था। अमन पर प्रधानमंत्री कार्यालय के डेटा हैक करने की कोशिश के साथ और संवेदनशील जानकारी हैक करने का संदेह है। उस पर प्रधानमंत्री से जुड़ी जानकारी के बदले विदेशी एजेंसियों से संपर्क करने का आरोप है। विदेशी संपर्क और पैसों की डिमांड पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अमेरिका (USA) की एजेंसी CIA से जुड़े लोगों से संपर्क साधा था। आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री से जुड़े मामलों में सुरक्षा में सेंध लगाने और हमले की योजना के एवज में पैसे की मांग की थी। हालांकि कितनी रकम मांगी गई थी, इस पर पुलिस ने कुछ भी स्पष्ट करने से इनकार किया है। SP शुभम आर्य ने कहा कि मामला गोपनीय है और जांच पूरी होने के बाद ही इसका पूरा खुलासा किया जाएगा। गुप्त स्थान पर पूछताछ, कई खुलासों की उम्मीद अमन तिवारी की गिरफ्तारी बुधवार की दोपहर हुई। वह अपने पिता को पूजा कराने के लिए एक जजमान के यहां छोड़कर घर लौटा था। खाना खाने बैठा। तभी पुलिस पहुंची और उसे दबोच लिया। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी अमन तिवारी समेत सभी आरोपियों को गुप्त स्थान पर रखकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस पूरे नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। पिता बोले- हमें कुछ नहीं पता अमन के पिता गणेश तिवारी ने बताया कि वे उस समय पूजा में गए हुए थे। घर लौटने पर उन्हें घटना की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि उन्हें अब तक यह नहीं पता कि उनका बेटा किस मामले में पकड़ा गया है और क्या आरोप हैं। लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के घर से लैपटॉप सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इन उपकरणों से डिजिटल सबूत मिलेंगे, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी किस स्तर तक सक्रिय थे और किन-किन लोगों से जुड़े थे। कमरा सील, गांव में दहशत का माहौल घटना के बाद प्रशासन ने उस कमरे को सील कर दिया है, जहां अमन कुमार रहता था। बताया जा रहा है कि वह गांव में रहकर साइबर कैफे चलाता था। गिरफ्तारी के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अमन सामान्य जीवन जीता था, ऐसे में उस पर लगे इतने गंभीर आरोपों ने सभी को हैरान कर दिया है। पहले कोलकाता एयरपोर्ट उड़ाने की दे चुका धमकी प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अमन कुमार का आपराधिक इतिहास भी रहा है। अमन 2021 में कोलकाता एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी देने के मामले में पकड़ा गया था। कोलकाता और बक्सर पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे पकड़ा था। हालांकि उस समय उसे नाबालिग होने का फायदा मिला और उसे जमानत मिल गई। पश्चिम बंगाल के कोलकाता एयरपोर्ट पर इसने धमकी भरा ईमेल भेजा था। धमकी भरे मेल की वजह से हड़कंप मच गया। यही नहीं इसके चलते एक फ्लाइट को भी कैंसिल करना पड़ा। जांच के बाद पुलिस ने इसे न्यायिक हिरासत में लिया था। तब यह 16 साल का किशोर था। कोलकाता एयरपोर्ट अथॉरिटी को 2021 में अक्टूबर में 21 तारीख की शाम 4.30 बजे ये ई-मेल मिला। जिसके बाद अधिकारी अलर्ट हो गए। कोलकाता एयरपोर्ट को जो ई-मेल आया था उसमें लिखा- ‘रात 8:35 पर जो फ्लाइट टेक ऑफ होगी, उसे उड़ा दिया जाएगा। चाहो तो बचा लो।’ इस मेल के मिलते ही एयरपोर्ट के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। तुरंत ही उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। साथ ही उड़ान भरने वाली फ्लाइट को भी कैंसिल कर दिया गया। इसके साथ ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो लोकेशन के आधार पता चला कि ये मेल बक्सर से आया था। इसके बाद कोलकाता पुलिस ने बक्सर पुलिस से संपर्क किया था। धमकी मामले में पुलिस ने पकड़ा तो कहा- मोबाइल चोरी हो गया था कोलकाता एयरपोर्ट एथॉरिटी ने भेजे गए ईमेल की जांच के लिए बक्सर पुलिस छानबीन के लिए सिमरी के आशापड़री गांव पहुंची। यहां इस मामले में 16 साल के अमन का नाम सामने आया। जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। अमन ने कहा कि उसका मोबाइल करीब 10 दिनों पहले चोरी हो गया था। इसका सनहा भी सिमरी थाने में दर्ज कराया था। जब किशोर का सनहा निकाला तो उसमें वह नंबर दर्ज नहीं मिला, जिससे फ्लाइट उड़ाने की धमकी का मेल किया गया था। बड़ा सवाल: गांव से PMO तक कैसे पहुंची साजिश? इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि एक गांव में साइबर कैफे चलाने वाला युवक देश के सबसे संवेदनशील कार्यालय से जुड़ी साजिश में कैसे शामिल हो गया। फिलहाल बक्सर पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।  

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