भागलपुर में होली को लेकर जिला प्रशासन ने शांति-विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रशासन की ओर से अवैध शराब धंधेबाजों के विरुद्ध लगातार छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सड़कों पर ब्रेथ एनालाइजर से संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की जाएगी और शराब के सेवन की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्ति को थाने में बंद किया जाएगा। उत्पाती तत्वों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। चिह्नित शरारती व्यक्तियों से बॉन्ड डाउन की कार्रवाई करने और आवश्यकता पड़ने पर निरोधात्मक कार्रवाई के तहत होली के दिन थाने में रखने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने सभी थानों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक कर लें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और मोहल्ले के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर संवेदनशील स्थलों की विशेष निगरानी की जाएगी। त्योहार के दौरान ध्वनि प्रदूषण और कानून-व्यवस्था की समस्या से बचने के लिए डीजे के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में रहेंगे स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड में रखा गया है। सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की ड्यूटी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। सिविल सर्जन को इसकी मॉनिटरिंग का दायित्व दिया गया है। इसके अलावा फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को उनके-अपने स्टेशन पर पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश है, ताकि आगजनी जैसी घटनाओं की स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। आपातकालीन सेवा 112 कंट्रोल रूम होली के दौरान 24 घंटे सक्रिय रहेगा।
DM ने आम लोगों से अपील की है कि होली आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का पर्व है। किसी भी तरह की ऐसी हरकत से बचें जिससे दूसरों की भावनाएं आहत हों या सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो। भागलपुर में होली को लेकर जिला प्रशासन ने शांति-विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रशासन की ओर से अवैध शराब धंधेबाजों के विरुद्ध लगातार छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सड़कों पर ब्रेथ एनालाइजर से संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की जाएगी और शराब के सेवन की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्ति को थाने में बंद किया जाएगा। उत्पाती तत्वों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। चिह्नित शरारती व्यक्तियों से बॉन्ड डाउन की कार्रवाई करने और आवश्यकता पड़ने पर निरोधात्मक कार्रवाई के तहत होली के दिन थाने में रखने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने सभी थानों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक कर लें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और मोहल्ले के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर संवेदनशील स्थलों की विशेष निगरानी की जाएगी। त्योहार के दौरान ध्वनि प्रदूषण और कानून-व्यवस्था की समस्या से बचने के लिए डीजे के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में रहेंगे स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड में रखा गया है। सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की ड्यूटी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। सिविल सर्जन को इसकी मॉनिटरिंग का दायित्व दिया गया है। इसके अलावा फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को उनके-अपने स्टेशन पर पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश है, ताकि आगजनी जैसी घटनाओं की स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। आपातकालीन सेवा 112 कंट्रोल रूम होली के दौरान 24 घंटे सक्रिय रहेगा।
DM ने आम लोगों से अपील की है कि होली आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का पर्व है। किसी भी तरह की ऐसी हरकत से बचें जिससे दूसरों की भावनाएं आहत हों या सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो।


