झारखंड के नक्सल प्रभावित सारंडा जंगल क्षेत्र एक आईईडी विस्फोट से हड़कंप मच गया। छोटानागरा थाना क्षेत्र के बालिबा गांव के समीप चडरा डेरा जंगल में यह धमाका उस वक्त हुआ, जब कोबरा 205 बटालियन के जवान नियमित सर्च ऑपरेशन पर निकले हुए थे। अचानक हुए तेज विस्फोट की चपेट में आकर जवान अनुज कुमार घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। जवान के पैर में स्प्लिंटर, हालत स्थिर विस्फोट में घायल जवान अनुज कुमार के पैर में स्प्लिंटर लगने से उन्हें हल्की चोट आई है। राहत की बात यह है कि उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। वे खतरे से बाहर हैं। घटना के तुरंत बाद मौके पर ही उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। प्रारंभिक जांच में चोट गंभीर नहीं पाई गई है, लेकिन एहतियात के तौर पर बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रांची लाया जा रहा है। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि विस्फोट पहले से लगाया गया प्रेशर आईईडी था या फिर नक्सलियों द्वारा हाल ही में प्लांट किया गया था। बम निरोधक दस्ता और अन्य विशेषज्ञ टीमों को भी अलर्ट कर दिया गया है। इलाके में हाई अलर्ट, तेज हुआ कॉम्बिंग अभियान घटना के बाद पूरे सारंडा क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।आसपास के जंगलों में सघन कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। गौरतलब है कि सारंडा जंगल क्षेत्र पहले से ही नक्सली गतिविधियों के लिए संवेदनशील रहा है। ऐसे में इस घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में अलर्ट जारी करते हुए किसी भी संभावित खतरे से निपटने की तैयारी तेज कर दी है। झारखंड के नक्सल प्रभावित सारंडा जंगल क्षेत्र एक आईईडी विस्फोट से हड़कंप मच गया। छोटानागरा थाना क्षेत्र के बालिबा गांव के समीप चडरा डेरा जंगल में यह धमाका उस वक्त हुआ, जब कोबरा 205 बटालियन के जवान नियमित सर्च ऑपरेशन पर निकले हुए थे। अचानक हुए तेज विस्फोट की चपेट में आकर जवान अनुज कुमार घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। जवान के पैर में स्प्लिंटर, हालत स्थिर विस्फोट में घायल जवान अनुज कुमार के पैर में स्प्लिंटर लगने से उन्हें हल्की चोट आई है। राहत की बात यह है कि उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। वे खतरे से बाहर हैं। घटना के तुरंत बाद मौके पर ही उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। प्रारंभिक जांच में चोट गंभीर नहीं पाई गई है, लेकिन एहतियात के तौर पर बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रांची लाया जा रहा है। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि विस्फोट पहले से लगाया गया प्रेशर आईईडी था या फिर नक्सलियों द्वारा हाल ही में प्लांट किया गया था। बम निरोधक दस्ता और अन्य विशेषज्ञ टीमों को भी अलर्ट कर दिया गया है। इलाके में हाई अलर्ट, तेज हुआ कॉम्बिंग अभियान घटना के बाद पूरे सारंडा क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।आसपास के जंगलों में सघन कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। गौरतलब है कि सारंडा जंगल क्षेत्र पहले से ही नक्सली गतिविधियों के लिए संवेदनशील रहा है। ऐसे में इस घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में अलर्ट जारी करते हुए किसी भी संभावित खतरे से निपटने की तैयारी तेज कर दी है।


