IBD symptoms: इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज (IBD) एक ऐसी बीमारी है जो लंबे समय तक रहती है और पाचन तंत्र में सूजन व घाव पैदा कर देती है। इसकी वजह से पेट और आंतों से जुड़ी कई परेशानियां होने लगती हैं। समस्या यह है कि इसके शुरुआती लक्षण हल्के होते हैं, इसलिए लोग सोचते हैं कि यह सामान्य पेट खराब है और ध्यान नहीं देते। लेकिन अगर समय रहते इलाज न हो, तो दिक्कत गंभीर हो सकती है।
लगातार दस्त रहना
अगर आपको बार-बार या कई दिनों तक दस्त हो रहे हैं, तो इसे हल्के में न लें। यह सामान्य फूड पॉइजनिंग जैसा नहीं होता, बल्कि लंबे समय तक बना रह सकता है। कुछ लोगों को मल में खून भी दिख सकता है। लंबे समय तक दस्त रहने से शरीर में पानी और जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
बार-बार पेट दर्द या मरोड़
IBD में पेट दर्द और मरोड़ होना आम बात है। कई बार खाना खाने के बाद दर्द बढ़ जाता है। अगर पेट दर्द बार-बार हो, अचानक शुरू हो जाए या रोजमर्रा के काम में रुकावट पैदा करे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
मल में खून दिखना
मल में खून आना हमेशा एक चेतावनी संकेत होता है। कभी मल लाल दिखता है, तो कभी काला या चिपचिपा हो सकता है। हर बार इसका कारण गंभीर हो, ऐसा जरूरी नहीं, लेकिन अगर बार-बार ऐसा हो तो तुरंत जांच करवानी चाहिए।
बार-बार टॉयलेट जाने की इच्छा
कुछ लोगों को अचानक टॉयलेट जाने की तेज इच्छा होती है, लेकिन बहुत कम मल निकलता है। कई बार पेट साफ न होने का एहसास बना रहता है। इससे मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो सकती है।
बिना वजह वजन कम होना
अगर बिना डाइटिंग या एक्सरसाइज के वजन कम हो रहा है, तो यह भी संकेत हो सकता है। बीमारी की वजह से भूख कम लगती है और शरीर पोषण सही से नहीं ले पाता। बच्चों और किशोरों में इससे ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।
लगातार थकान महसूस होना
हर समय थका-थका महसूस करना भी IBD से जुड़ा हो सकता है। शरीर में सूजन, खून की कमी और पोषक तत्वों की कमी से ऊर्जा कम हो जाती है। अगर आराम करने के बाद भी थकान दूर न हो, तो कारण समझना जरूरी है।
पेट के अलावा शरीर के अन्य लक्षण
यह बीमारी सिर्फ आंतों तक सीमित नहीं रहती। कुछ लोगों को जोड़ों में दर्द, आंखों में जलन, मुंह में छाले, त्वचा पर लाल दाने या गुदा के आसपास दर्द जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?
अगर दस्त एक हफ्ते से ज्यादा रहें, मल में खून दिखे, पेट दर्द बार-बार हो, बिना वजह वजन घटे या बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
समय पर पहचान क्यों जरूरी है?
अगर इलाज न हो, तो आंतों को स्थायी नुकसान हो सकता है और आगे चलकर गंभीर जटिलताएं भी हो सकती हैं। सही समय पर जांच और इलाज से इस बीमारी को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
अपने शरीर की बात सुनें
पेट से जुड़ी परेशानी आम है, लेकिन जो लक्षण बार-बार हों या लंबे समय तक बने रहें, उन्हें नजरअंदाज न करें। जल्दी पहचान और इलाज से जीवन सामान्य और स्वस्थ रह सकता है।


