‘IAS संजीव हंस ने 1 करोड़ की रिश्वत ली’:CBI ने केस दर्ज किया, कहा- हवाला के जरिए मंगवाए पैसे; गैंगरेप का भी लग चुका है आरोप

‘IAS संजीव हंस ने 1 करोड़ की रिश्वत ली’:CBI ने केस दर्ज किया, कहा- हवाला के जरिए मंगवाए पैसे; गैंगरेप का भी लग चुका है आरोप

बिहार कैडर के सीनियर IAS संजीव हंस पर CBI ने एक और केस दर्ज किया है। यह केस उस वक्त का है जब वे वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भारत सरकार में उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री के निजी सचिव थे।
CBI ने दिल्ली स्थित कार्यालय में संजीव समेत 8 को नामजद करते हुए केस दर्ज किया है। संजीव हंस पर एक करोड़ घूस लेने का है। ईडी ने ही जांच में पाया था कि संजीव ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान यह घूस ली थी। संजीव पर CBI ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम यानी पीसी एक्ट की 5 धाराओं के अलावा आपराधिक साजिश करने का केस दर्ज किया है। पिछले साल अक्टूबर में ही मनी लाउन्ड्रिंग केस में संजीव हंस को पटना हाईकोर्ट ने जमानत दी थी। संजीव हंस पर तत्कालीन केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री के निजी सचिव के रूप में काम करते हुए बिल्डर कंपनी ईस्ट एण्ड वेस्ट बिल्डर्स से करीब एक करोड़ घूस लेने का आरोप है। संजीव का करीबी विपुल बंसल है। वह आरएनए कॉर्पोरेशन (रियल एस्टेट व्यवसाय में लगी कंपनी) से जुड़े हैं। विपुल ने ईस्ट एंड वेस्ट बिल्डर्स (आरएनए कॉर्पोरेशन की सहयोगी कंपनी) और उसके प्रमोटरों के बिल्डर-खरीदार विवाद में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग से अनुकूल आदेश प्राप्त करने के लिए आरएनए कॉर्पोरेशन से संपर्क किया था।
घूस की रकम हवाला के जरिए वसूली थी
संजीव हंस की ओर से हवाला के जरिए से रिश्वत की वसूली हुई थी। रिश्वत के एक करोड़ संजीव हंस के सहयोगियों शादाब खान और पुष्पराज बजाज के माध्यम से किश्तों में दी गई थी। संजीव हंस ने रिश्वत की राशि ट्रांसफर करने के लिए शादाब और पुष्पराज बजाज के मोबाइल नंबर विपुल बंसल को दिए थे। पुष्पराज रिश्वत लेने और बाद में उसे छिपाने/ मनी लॉन्ड्रिंग करने में मदद करते थे। अब जानिए संजीव हंस पर क्या क्या आरोप पहले भी लगे हैं सीनियर IAS संजीव हंस और पूर्व विधायक गुलाब यादव पर एक महिला ने रेप और अश्लील वीडियो बनाने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि अब वो संजीव हंस के बेटे की मां है। महिला ने क्या कहा था वो पढ़िए मेरे साथ IAS संजीव हंस और झंझारपुर के पूर्व विधायक गुलाब यादव ने गैंगरेप किया। मेरा मुंह बंद करने के लिए रेप का लाइव वीडियो बनाया। कभी धमकी देकर तो कभी नशे की दवा खिलाकर गैंगरेप किया। कई बार गर्भपात कराया, इसके बाद मेरा एक बच्चा हुआ, वह संजीव हंस का है।’ ये आरोप इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक महिला वकील ने 1997 बैच के IAS अधिकारी संजीव हंस पर लगाए थे। FIR हुई, हाईकोर्ट तक मामला पहुंचा। संजीव हंस की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद हाईकोर्ट ने इस केस को रद्द कर दिया। मतलब बरी कर दिया। इसी केस की जांच में मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा हुआ। ED की एंट्री हुई, लेकिन जांच एजेंसी एक साल में ना चार्ज फ्रेम कर पाई और ना ट्रायल करा सकी। नतीजा हुआ कि 18 अक्टूबर 2025 को संजीव हंस को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। इसके बाद 15 दिसंबर को उनका सस्पेंशन खत्म हुआ। 30 दिसंबर को सरकार ने नई पोस्टिंग दे दी। संजीव हंस पर रेप का केस खत्म हो गया है, लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग में ED की जांच अभी जारी है। महिला ने IAS संजीव हंस और झंझारपुर के पूर्व RJD विधायक गुलाब यादव पर पुणे और दिल्ली में गैंगरेप का आरोप लगाया। 16 नवंबर 2021 को दानापुर के ACJM कोर्ट में शिकायत की। कोर्ट के निर्देश पर 6 जनवरी 2023 को पटना के रूपसपुर थाने में FIR दर्ज हुई। महिला के आरोप, उसी की जुबानी… जो कोर्ट में दिए मैं 2009 से वकील के तौर पर प्रैक्टिस कर रही हूं। 2016 में पटना आई थी। एक साथी वकील ने मेरी मुलाकात गुलाब यादव से कराई। गुलाब ने महिला आयोग का सदस्य बनाने का लालच देकर बायोडाटा के साथ बिंदेश्वरी अपार्टमेंट बुलाया। बताए गए पते पर पहुंची तो गुलाब यादव ने बंदूक की नोक पर मेरे साथ रेप किया। मैं पुलिस के पास शिकायत करने जा रही थी तो अपने नौकर से सिंदूर मंगाया और मेरी मांग भर दी। कहा कि अपनी पहली पत्नी से तलाक ले लेगा। 8 जुलाई 2017 को गुलाब यादव ने पुणे के होटल बेस्टिल में अपने तलाक के पेपर दिखाने के लिए बुलाया। वहां उसने मेरी मुलाकात संजीव हंस के कराई। खाने में नशे की दवा मिला दिया। मैं बेहोश हो गई तो दोनों ने रेप किया। होश आया तो गुलाब ने मुझे रेप का वीडियो दिखाया और वायरल करने की धमकी दी। मैं डर गई और इलाहाबाद में रहने लगी। उस समय प्रेग्नेंट हो गई थी। इसकी जानकारी गुलाब यादव को दी तो उसने गर्भपात करा दिया।
वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए गुलाब यादव ने मुझे दिल्ली के अशोका होटल, पार्क एवेन्यू होटल और ले मेरिडियन होटल में अलग-अलग दिन बुलाया। वहां संजीव हंस भी मौजूद होते थे। दोनों ने मिलकर गैंगरेप किया। मैं गर्भवती हो गई। दोनों को इसकी जानकारी दी तो वे जान से मारने की धमकी देने लगे। 25 अक्टूबर को मुझे एक बेटा हुआ। ———- ये खबरें भी पढ़ें भास्कर इन्वेस्टिगेशन- ‘संजीव जी, बेटे के बर्थ-सर्टिफिकेट का क्या होगा’:जवाब- सिंगल मदर चाइल्ड लिखवा दो; IAS और रेप का आरोप लगाने वाली महिला की बातचीत का ऑडियो महिला ने कहा था-संजीव हंस ने नशा देकर रेप किया:16 महीने बाद IAS को मिली पोस्टिंग; गैंगरेप के आरोप से बहाली तक की कहानी बिहार कैडर के सीनियर IAS संजीव हंस पर CBI ने एक और केस दर्ज किया है। यह केस उस वक्त का है जब वे वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भारत सरकार में उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री के निजी सचिव थे।
CBI ने दिल्ली स्थित कार्यालय में संजीव समेत 8 को नामजद करते हुए केस दर्ज किया है। संजीव हंस पर एक करोड़ घूस लेने का है। ईडी ने ही जांच में पाया था कि संजीव ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान यह घूस ली थी। संजीव पर CBI ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम यानी पीसी एक्ट की 5 धाराओं के अलावा आपराधिक साजिश करने का केस दर्ज किया है। पिछले साल अक्टूबर में ही मनी लाउन्ड्रिंग केस में संजीव हंस को पटना हाईकोर्ट ने जमानत दी थी। संजीव हंस पर तत्कालीन केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री के निजी सचिव के रूप में काम करते हुए बिल्डर कंपनी ईस्ट एण्ड वेस्ट बिल्डर्स से करीब एक करोड़ घूस लेने का आरोप है। संजीव का करीबी विपुल बंसल है। वह आरएनए कॉर्पोरेशन (रियल एस्टेट व्यवसाय में लगी कंपनी) से जुड़े हैं। विपुल ने ईस्ट एंड वेस्ट बिल्डर्स (आरएनए कॉर्पोरेशन की सहयोगी कंपनी) और उसके प्रमोटरों के बिल्डर-खरीदार विवाद में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग से अनुकूल आदेश प्राप्त करने के लिए आरएनए कॉर्पोरेशन से संपर्क किया था।
घूस की रकम हवाला के जरिए वसूली थी
संजीव हंस की ओर से हवाला के जरिए से रिश्वत की वसूली हुई थी। रिश्वत के एक करोड़ संजीव हंस के सहयोगियों शादाब खान और पुष्पराज बजाज के माध्यम से किश्तों में दी गई थी। संजीव हंस ने रिश्वत की राशि ट्रांसफर करने के लिए शादाब और पुष्पराज बजाज के मोबाइल नंबर विपुल बंसल को दिए थे। पुष्पराज रिश्वत लेने और बाद में उसे छिपाने/ मनी लॉन्ड्रिंग करने में मदद करते थे। अब जानिए संजीव हंस पर क्या क्या आरोप पहले भी लगे हैं सीनियर IAS संजीव हंस और पूर्व विधायक गुलाब यादव पर एक महिला ने रेप और अश्लील वीडियो बनाने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि अब वो संजीव हंस के बेटे की मां है। महिला ने क्या कहा था वो पढ़िए मेरे साथ IAS संजीव हंस और झंझारपुर के पूर्व विधायक गुलाब यादव ने गैंगरेप किया। मेरा मुंह बंद करने के लिए रेप का लाइव वीडियो बनाया। कभी धमकी देकर तो कभी नशे की दवा खिलाकर गैंगरेप किया। कई बार गर्भपात कराया, इसके बाद मेरा एक बच्चा हुआ, वह संजीव हंस का है।’ ये आरोप इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक महिला वकील ने 1997 बैच के IAS अधिकारी संजीव हंस पर लगाए थे। FIR हुई, हाईकोर्ट तक मामला पहुंचा। संजीव हंस की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद हाईकोर्ट ने इस केस को रद्द कर दिया। मतलब बरी कर दिया। इसी केस की जांच में मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा हुआ। ED की एंट्री हुई, लेकिन जांच एजेंसी एक साल में ना चार्ज फ्रेम कर पाई और ना ट्रायल करा सकी। नतीजा हुआ कि 18 अक्टूबर 2025 को संजीव हंस को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। इसके बाद 15 दिसंबर को उनका सस्पेंशन खत्म हुआ। 30 दिसंबर को सरकार ने नई पोस्टिंग दे दी। संजीव हंस पर रेप का केस खत्म हो गया है, लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग में ED की जांच अभी जारी है। महिला ने IAS संजीव हंस और झंझारपुर के पूर्व RJD विधायक गुलाब यादव पर पुणे और दिल्ली में गैंगरेप का आरोप लगाया। 16 नवंबर 2021 को दानापुर के ACJM कोर्ट में शिकायत की। कोर्ट के निर्देश पर 6 जनवरी 2023 को पटना के रूपसपुर थाने में FIR दर्ज हुई। महिला के आरोप, उसी की जुबानी… जो कोर्ट में दिए मैं 2009 से वकील के तौर पर प्रैक्टिस कर रही हूं। 2016 में पटना आई थी। एक साथी वकील ने मेरी मुलाकात गुलाब यादव से कराई। गुलाब ने महिला आयोग का सदस्य बनाने का लालच देकर बायोडाटा के साथ बिंदेश्वरी अपार्टमेंट बुलाया। बताए गए पते पर पहुंची तो गुलाब यादव ने बंदूक की नोक पर मेरे साथ रेप किया। मैं पुलिस के पास शिकायत करने जा रही थी तो अपने नौकर से सिंदूर मंगाया और मेरी मांग भर दी। कहा कि अपनी पहली पत्नी से तलाक ले लेगा। 8 जुलाई 2017 को गुलाब यादव ने पुणे के होटल बेस्टिल में अपने तलाक के पेपर दिखाने के लिए बुलाया। वहां उसने मेरी मुलाकात संजीव हंस के कराई। खाने में नशे की दवा मिला दिया। मैं बेहोश हो गई तो दोनों ने रेप किया। होश आया तो गुलाब ने मुझे रेप का वीडियो दिखाया और वायरल करने की धमकी दी। मैं डर गई और इलाहाबाद में रहने लगी। उस समय प्रेग्नेंट हो गई थी। इसकी जानकारी गुलाब यादव को दी तो उसने गर्भपात करा दिया।
वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए गुलाब यादव ने मुझे दिल्ली के अशोका होटल, पार्क एवेन्यू होटल और ले मेरिडियन होटल में अलग-अलग दिन बुलाया। वहां संजीव हंस भी मौजूद होते थे। दोनों ने मिलकर गैंगरेप किया। मैं गर्भवती हो गई। दोनों को इसकी जानकारी दी तो वे जान से मारने की धमकी देने लगे। 25 अक्टूबर को मुझे एक बेटा हुआ। ———- ये खबरें भी पढ़ें भास्कर इन्वेस्टिगेशन- ‘संजीव जी, बेटे के बर्थ-सर्टिफिकेट का क्या होगा’:जवाब- सिंगल मदर चाइल्ड लिखवा दो; IAS और रेप का आरोप लगाने वाली महिला की बातचीत का ऑडियो महिला ने कहा था-संजीव हंस ने नशा देकर रेप किया:16 महीने बाद IAS को मिली पोस्टिंग; गैंगरेप के आरोप से बहाली तक की कहानी  

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