काश मैं आपसे शादी…एनिवर्सरी पर इरफान खान की पत्नी सुतापा हुईं भावुक, एक्टर के पैतृक स्थल टोंक पहुंचीं

काश मैं आपसे शादी…एनिवर्सरी पर इरफान खान की पत्नी सुतापा हुईं भावुक, एक्टर के पैतृक स्थल टोंक पहुंचीं

Sutapa Sikdar Remembers Irrfan Khan On Anniversary: दिवंगत अभिनेता इरफान खान की यादें आज भी उनके परिवार और फैंस के दिलों में जीवित हैं। उनकी पत्नी सुतापा सिकदर ने शादी की सालगिरह के मौके पर एक भावुक संदेश साझा कर उन्हें याद किया। सोशल मीडिया पर लिखी गई उनकी पोस्ट में प्यार, यादों और अधूरी इच्छाओं एक ‘बवंडर’ देखने को मिला, जिसने फैंस को भी भावुक कर दिया।

खास वजह से चुनी थी शादी की तारीख (Sutapa Sikdar Remembers Irrfan Khan On Anniversary)

सुतापा सिकदर ने बताया कि उनकी शादी की तारीख बेहद सोच-समझकर तय की गई थी। उन्होंने अपनी शादी उसी दिन रखी थी, जिस दिन उनका जन्मदिन आता है। इसके पीछे वजह भी बेहद दिलचस्प थी। इरफान खान अक्सर तारीखें भूल जाया करते थे, इसलिए दोनों ने ऐसा दिन चुना जिसे याद रखना उनके लिए आसान हो।

साधारण शादी, लेकिन असाधारण रिश्ता

23 फरवरी 1995 को दोनों ने बेहद सादगी से विवाह किया था। उस समय न कोई बड़ी रस्में हुईं और न ही भव्य समारोह। लेकिन वर्षों बाद इरफान की एक इच्छा थी कि शादी के 25 साल पूरे होने पर वे दोबारा शादी करें और इस बार उन सभी रस्मों को निभाएं, जिन्हें पहली बार समय और परिस्थितियों के कारण छोड़ दिया गया था। दुर्भाग्य से किस्मत को कुछ और मंजूर था और यह सपना अधूरा ही रह गया।

रमज़ान और यादों का भावनात्मक जुड़ाव

अपने पोस्ट में सुतापा ने आध्यात्मिक भावनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि रमजान के पवित्र महीने में उन्हें इरफान की याद और गहराई से महसूस होती है। उन्होंने कल्पना की कि शायद ऊपर कहीं इरफान भी रोज़े और दुआओं के जरिए उनसे जुड़े हुए हैं। इस भावनात्मक अभिव्यक्ति ने उनके रिश्ते की गहराई को और साफ कर दिया।

टोंक पहुंचकर मनाई सालगिरह

इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए सुतापा सिकदर इरफान खान के पैतृक शहर टोंक भी पहुंचीं। राजस्थान के इस शहर से इरफान की कई बचपन की यादें जुड़ी थीं। सुतापा ने बताया कि वहां जाकर उन्हें ऐसा लगा मानो इरफान की हंसी अब भी आसपास गूंज रही हो। यह यात्रा उनके लिए एक निजी श्रद्धांजलि जैसी थी।

परिवार और विरासत

इरफान खान और सुतापा सिकदर के दो बेटे हैं- बाबिल और अयान, जो अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। खासकर बाबिल खान अभिनय की दुनिया में कदम रख चुके हैं और अक्सर अपने पिता की यादों को साझा करते रहते हैं।

बीमारी से जंग और अलविदा

इरफान खान लंबे समय तक गंभीर बीमारी से जूझते रहे। न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर के इलाज के बाद 2020 में संक्रमण से जुड़ी जटिलताओं के कारण उनका निधन हो गया। उनके जाने के बाद भी उनकी फिल्में और अभिनय आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा हैं।

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