‘मुझे नीतीश चाहिए’, पुलिस के सामने शिल्पी की डिमांड:प्यार में डूबी लड़की निकली सीरियल किलर, बॉयफ्रेंड बोला- मुझे कभी शक होने नहीं दिया

‘मुझे नीतीश चाहिए’, पुलिस के सामने शिल्पी की डिमांड:प्यार में डूबी लड़की निकली सीरियल किलर, बॉयफ्रेंड बोला- मुझे कभी शक होने नहीं दिया

‘मेरे साथ वो बहुत प्यार से रहती थी। प्यार भरी बातें भी करती थी। मुझे कभी एहसास नहीं होने दी कि उसने ही मेरे दादा की हत्या की है। वो मुझे पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती थी।’ ये कहना है 2 मर्डर करने वाली शिल्पी के एक्स बॉयफ्रेंड नीतीश कुमार का, जो अपनी गर्लफ्रेंड की गिरफ्तारी के बाद गांव पहुंचा है। वहीं, शिल्पी ने पुलिस की पूछताछ में कहा कि अगर नीतीश को उसके पास बुला देंगे तो फिर से सब कुछ नॉर्मल हो जाएगा। वो किसी से नहीं लड़ेगी, न ही किसी की हत्या करेगी। नीतीश-शिल्पी की कैसे हुई मुलाकात? कब से चल रहा था अफेयर? क्या अपने बॉयफ्रेंड के साथ भी करती थी कुछ अजीब हरकतें? शिल्पी का सायकोपन कैसे बढ़ा? इन सारे सवालों के जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से 50KM दूर उसके गांव पहुंची। यहां युवती की हरकत से ग्रामीण नाराज दिखें। उनके अंदर उसको लेकर बहुत गुस्सा भरा हुआ था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… सबसे पहले जानिए क्या है मामला दरअसल, पूर्वी चंपारण में BA सेकेंड ईयर की छात्रा शिल्पी ने 5 साल की बच्ची अंशिका की हत्या कर दी। अपने प्रेमी को पाने की सनक में उसने मासूम को मार डाला। इससे पहले भी उसने एक्स बॉयफ्रेंड के दादा की मई 2025 में हत्या कर दी थी। प्यार में जो भी बाधा बन रहा था, उसे वो मौत के घाट उतार देती थी। हत्या को हादसा बनाकर लगातार वो पुलिस के साथ-साथ लोगों को भी गुमराह करती रही। वहीं, अंशिका की हत्या के बाद कुछ लोगों का कहना था कि शिल्पी ने बच्ची के खून से अपने माथे और गले पर खून का तिलक लगाया और महायज्ञ में शामिल हुई। एक्स बॉयफ्रेंड ने कहा- सरस्वती पूजा में हुई थी पहली मुलाकात एक्स बॉयफ्रेंड नीतीश ने बताया कि हम दोनों की पहली मुलाकात 2024 के सरस्वती पूजा के दौरान हुई थी। मेरे घर के बाहर सरस्वती मां की मूर्ति बैठाई गई थी। मैं अपने घर के बाहर मूर्ति के पास बैठा था, तभी वो लाल रंग की साड़ी पहने मेरे सामने आई। पहले उसने मां के दर्शन किए, इसके बाद उसकी नजर मुझ पर पड़ी। इस दौरान मैं शिल्पी को देख रहा था। हम दोनों के बीच आई कॉन्टैक्ट हुआ। मुझे वो एक नजर में पसंद आ गई। हालांकि, भीड़ ज्यादा होने की वजह से हम दोनों सिर्फ एक दूसरे को देखे और फिर वो मेरे हाथ से प्रसाद लेकर अपने घर चली गई। दूसरे दिन मूर्ति विसर्जन था। इस दौरान भी वो सज-धज कर मेरे पास आई और मुझे देखकर स्माइल किया। इसके बाद हमने एक-दूसरे का नंबर एक्सचेंज किया। शुरूआत में हम दोनों के बीच सिर्फ चैटिंग होती थी। एक ही गांव में रहने की वजह से कभी मुलाकात नहीं हो पाती थी। धीरे-धीरे वो मुझे कॉल करने लगी। घंटों हमारी कॉल पर बात होने लगी। इसके बाद वो गांव में ही मुझसे मिलने की जिद करने लगी। मैंने उसे कई बार समझाया था कि गांव में मिलना सही नहीं है, लेकिन वो मेरी बात सुनने को तैयार नहीं थी। शिल्पी अपनी जिद को मनवाना जानती थी नीतीश ने बताया कि शिल्पी जिद्दी लड़की थी। उसे किसी का डर और खौफ नहीं था। उसकी जिद्द पर मैं 1-2 बार उससे मिलने उसके घर चला गया था। वहीं, जब मेरे परिवार वाले बाहर जाते थे तो 2-3 बार वो मेरे घर मुझसे मिलने आई थी। एक दिन मेरे दादा जी को हमारे रिलेशन के बारे में पता चल गया था, इसपर उन्होंने मुझे और शिल्पी को खूब पीटा था। दादा ने हम दोनों से कहा, तुमलोग अब कभी ऐसे अकेले में नहीं मिलोगे। इस रिलेशन का कोई मतलब नहीं है। सब खत्म कर दो। इसी वजह से वो मेरे दादा जी पर नाराज थी और उसने मेरे दादा की दर्दनाक तरीके से हत्या कर दी। धीरे-धीरे बदलने लगा व्यवहार नीतीश के अनुसार, समय बीतने के साथ शिल्पी के व्यवहार और गतिविधियों में बदलाव आने लगा था। उसने बताया कि गांव में आगजनी, मारपीट जैसी घटनाओं में उसका नाम सामने आने लगा था। शिल्पी के व्यवहार में बदलाव आ गए थे। वो मुझसे तो बहुत प्यार से बात करती थी, लेकिन गांववालों के साथ अक्सर लड़ाई-झगड़े और मारपीट करती थी। ये सब जानने के बाद मुझे उसके साथ सेफ फील नहीं होता था, इसकी वजह से मैंने भी उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। 2025 में करना चाहता था ब्रेकअप नीतीश ने आगे बताया कि 2025 के जुलाई में मैं उससे ब्रेकअप करना चाहता था। मैंने उससे इस मामले को लेकर कई बार बात करने की कोशिश की, लेकिन वो हर बार इस बात को टाल देती थी। जैसे ही मैं उससे अलग होने के लिए कहता वो मुझे अपने पास बैठा कर और प्यार भरी बातें करना शुरू कर देती थी। वो हमेशा कहती थी, मुझे तुम्से दूर नहीं होना है। इसी सब वजह से उससे दूर होने के लिए मैंने गांव छोड़ दिया। मैंने 12वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद शहर की तरफ चला गया। मैंने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया था। गांव से निकलने के बाद मैंने उसे नहीं देखा था। हालांकि, उसके कई कारनामे सुने थे। मेरे परिवार वाले बताते थे कि वो थोड़ा अजीब हरकत करती है। डर के कारण बनाई दूरी नीतीश ने स्पष्ट कहा कि शिल्पी के बदलते व्यवहार और संदिग्ध गतिविधियों के कारण मैंने उससे दूरी बना ली। यह फैसला अपनी सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया था। अंशिका की हत्या हुई, तब पुलिस ने गहन जांच शुरू की। इसी जांच में शिल्पी की भूमिका सामने आई और उसे मुख्य अभियुक्त के रूप में गिरफ्तार किया गया। शिल्पी बात करने में नॉर्मल और सिंपल लड़की लगती थी। लेकिन उसके अंदर इतनी सारी बातें चल रही थी, जिसकी जानकारी मुझे नहीं थी। वो मुझे ये सारी बातें शेयर नहीं करती थी। कहती थी मैं पूरे गांववालों को खुद ही हैंडल कर लूंगी। 2 साल से लगातार हो रही थी अलग-अलग घटनाएं नीतीश से बात करने के बाद हम गांव में खेत की तरफ बढ़े, जहां हमने नीतीश के पिता सूरज कुमार से बात की। सूरज कुमार ने बताया कि पिछले 2-3 साल से मेरे घरवालों के साथ कई तरह की घटनाएं हो रही थी। कभी मेरे छत पर रखे अरहर के बोझा में आग लग जा रहा था, तो कभी मेरे पुआल में आग लग जा रही थी। कभी मेरे घर का नल टूट जा रहा था तो कभी छत पर सूख रहे कपड़े जलने लगते थे। करीब एक साल पहले मेरे पापा पर किसी ने छत से ईंट फेंककर मारने की कोशिश की, लेकिन उस समय पिताजी को कुछ नहीं हुआ था। वो ईंट सिर पर न गिरकर उनके बगल में गिरी थी। हमलोग जब दौड़ते हुए छत पर पहुंचे तो वहां पर कोई नहीं था। इस घटना के 3-4 दिन बीत जाने के बाद मेरे पिताजी की हत्या कर दी गई। पेट्रोल छिड़ककर लगा दी थी आग दरअसल, मेरे पिताजी अपने घर के बरामदे में सो रहे थे। हमलोग अंदर वाले कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान उनके बिस्तर पर किसी ने आग लगा दी और वहां से भाग गया। हमलोग जब मौके पर पहुंचे तो पता चला कि मेरे पापा के बिस्तर के पास एक बाल्टी में पेट्रोल रखा था, वहीं दूसरी तरह उसका डिब्बा रखा था। पिताजी पूरी तरह से जल गए थे। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। हालांकि, उस समय हमें शिल्पी पर कोई शक नहीं हुआ था। आज उसने अपने कबूलनामे में इस बात का जिक्र किया है। इस लड़की ने जिस तरह से मेरे पापा पर पेट्रोल छिड़ककर उनकी हत्या की थी। इसके लिए मैं न्यायलय से रिक्वेस्ट करूंगा कि उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। फांसी दे दी जाए, ताकि आगे चलकर कोई इस तरह की घटना को अंजाम देने से पहले सोचे। सूरज के दर्द को सुनने के बाद हम अंशिका के घर की तरफ बढ़े, जहां हमारी मुलाकात उसके दादा कालिकांत राय से हुई। घर के अंदर मेरी पोती की हत्या कर दी गई मृतका अंशिका के दादा कालिकांत राय ने बताया, 20 मार्च की शाम आंधी-बारिश की वजह से मेरी पोती अपने घर के पास खेल रही थी। इसी दौरान शिल्पी ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसे अपने घर ले जाकर दिनभर बंधक बनाकर रखा। बच्ची के गायब होने के 2 घंटे बाद हमलोगों ने उसे बहुत खोजबीन की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इस दौरान शिल्पी ने किसी को भनक तक नहीं लगने दी कि बच्ची उसके पास है। फिर शिल्पी ने देर रात मेरी पोती अंशिका की हत्या अपने ही घर के अंदर कर दी। शव को छिपाने के लिए ट्रंक (बक्से) में रख दिया था। करीब 2-3 घंटे तक बक्से में बंद रहने के बाद उसने देर रात शव को खेत की तरफ फेंक दिया। हत्या के बाद महायज्ञ और जल-यात्रा में हुई शामिल परिजनों के मुताबिक, अंशिका की हत्या के बाद उसका शव रात के समय घर से बाहर फेंक दिया गया। अगली सुबह ग्रामीणों को बच्ची का शव मिला, जिससे पूरे गांव में सनसनी फैल गई। कालीकांत ने बताया कि घटना के बाद भी शिल्पी सामान्य व्यवहार करती रही। न ही उसे बच्ची की हत्या करने का अफसोस था, न ही उसे डर था। मेरी पोती की हत्या करने के बाद वो पहले महायज्ञ में गई, फिर चैन की नींद सोई। घटना के दूसरे दिन वो जल यात्रा में भी शामिल हुई। इससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ। हालांकि, बाद में पुलिस जांच में उसका नाम सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। साक्ष्य में मिले अहम सुराग जांच के दौरान घटनास्थल के पास कुछ अहम सुराग मिले हैं। बताया जा रहा है कि शव के पास से शिल्पी के परिजनों से जुड़े निशान (फुटप्रिंट) मिले है। इसके अलावा, एक अन्य युवक का भी जिक्र सामने आया है, जिसकी पहचान स्थानीय स्तर पर की जा रही है। पुलिस इस कड़ी को भी जांच में शामिल कर रही है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी शिल्पी कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की। बाकी आरोपियों की तलाश भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। दो साल से बना था तनाव, दिन-रात रहता था डर वहीं, गांववालों का कहना है कि बीते करीब 2 सालों से इलाके में लगातार संदिग्ध घटनाएं हो रही थी। इससे हर समय भय और तनाव का माहौल बना रहता था। पिछले दो साल से गांव में अजीब घटनाओं का सिलसिला जारी था। कभी आगजनी, कभी विवाद, तो कभी अचानक होने वाली घटनाओं ने लोगों को मानसिक रूप से परेशान कर दिया था। एक ग्रामीण कमलेश ने बताया कि दिन हो या रात, हर समय डर बना रहता था। ऐसा नहीं था कि सिर्फ रात में ही घटनाएं होती थी। कई बार दिन में भी ऐसी घटनाएं हो जाती थी, जिससे 24 घंटे टेंशन बना रहता था। आगजनी की घटनाओं से बढ़ा खौफ ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और आसपास के इलाकों में आग लगने की घटनाओं ने लोगों को और डरा दिया था। इन घटनाओं के पीछे क्या कारण है, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था, जिससे लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं थी। कुछ लोगों ने इन घटनाओं को अंधविश्वास से जोड़ दिया और गांव में भूत-प्रेत जैसी बातें भी फैलने लगीं थी। कभी शक नहीं हुआ कि लड़की हो सकती है आरोपी ग्रामीणों ने कहा कि हमे कभी इस बात का शक नहीं हुआ कि इन घटनाओं के पीछे किसी लड़की का हाथ हो सकता है। लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब लोगों को पूरे मामले की गंभीरता समझ में आ रही है। एक ग्रामीण ने कहा, हम पुलिस से यही अनुरोध करते हैं कि दोषी को ऐसी सजा मिले, जिससे समाज में एक कड़ा संदेश जाए। ‘मेरे साथ वो बहुत प्यार से रहती थी। प्यार भरी बातें भी करती थी। मुझे कभी एहसास नहीं होने दी कि उसने ही मेरे दादा की हत्या की है। वो मुझे पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती थी।’ ये कहना है 2 मर्डर करने वाली शिल्पी के एक्स बॉयफ्रेंड नीतीश कुमार का, जो अपनी गर्लफ्रेंड की गिरफ्तारी के बाद गांव पहुंचा है। वहीं, शिल्पी ने पुलिस की पूछताछ में कहा कि अगर नीतीश को उसके पास बुला देंगे तो फिर से सब कुछ नॉर्मल हो जाएगा। वो किसी से नहीं लड़ेगी, न ही किसी की हत्या करेगी। नीतीश-शिल्पी की कैसे हुई मुलाकात? कब से चल रहा था अफेयर? क्या अपने बॉयफ्रेंड के साथ भी करती थी कुछ अजीब हरकतें? शिल्पी का सायकोपन कैसे बढ़ा? इन सारे सवालों के जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से 50KM दूर उसके गांव पहुंची। यहां युवती की हरकत से ग्रामीण नाराज दिखें। उनके अंदर उसको लेकर बहुत गुस्सा भरा हुआ था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… सबसे पहले जानिए क्या है मामला दरअसल, पूर्वी चंपारण में BA सेकेंड ईयर की छात्रा शिल्पी ने 5 साल की बच्ची अंशिका की हत्या कर दी। अपने प्रेमी को पाने की सनक में उसने मासूम को मार डाला। इससे पहले भी उसने एक्स बॉयफ्रेंड के दादा की मई 2025 में हत्या कर दी थी। प्यार में जो भी बाधा बन रहा था, उसे वो मौत के घाट उतार देती थी। हत्या को हादसा बनाकर लगातार वो पुलिस के साथ-साथ लोगों को भी गुमराह करती रही। वहीं, अंशिका की हत्या के बाद कुछ लोगों का कहना था कि शिल्पी ने बच्ची के खून से अपने माथे और गले पर खून का तिलक लगाया और महायज्ञ में शामिल हुई। एक्स बॉयफ्रेंड ने कहा- सरस्वती पूजा में हुई थी पहली मुलाकात एक्स बॉयफ्रेंड नीतीश ने बताया कि हम दोनों की पहली मुलाकात 2024 के सरस्वती पूजा के दौरान हुई थी। मेरे घर के बाहर सरस्वती मां की मूर्ति बैठाई गई थी। मैं अपने घर के बाहर मूर्ति के पास बैठा था, तभी वो लाल रंग की साड़ी पहने मेरे सामने आई। पहले उसने मां के दर्शन किए, इसके बाद उसकी नजर मुझ पर पड़ी। इस दौरान मैं शिल्पी को देख रहा था। हम दोनों के बीच आई कॉन्टैक्ट हुआ। मुझे वो एक नजर में पसंद आ गई। हालांकि, भीड़ ज्यादा होने की वजह से हम दोनों सिर्फ एक दूसरे को देखे और फिर वो मेरे हाथ से प्रसाद लेकर अपने घर चली गई। दूसरे दिन मूर्ति विसर्जन था। इस दौरान भी वो सज-धज कर मेरे पास आई और मुझे देखकर स्माइल किया। इसके बाद हमने एक-दूसरे का नंबर एक्सचेंज किया। शुरूआत में हम दोनों के बीच सिर्फ चैटिंग होती थी। एक ही गांव में रहने की वजह से कभी मुलाकात नहीं हो पाती थी। धीरे-धीरे वो मुझे कॉल करने लगी। घंटों हमारी कॉल पर बात होने लगी। इसके बाद वो गांव में ही मुझसे मिलने की जिद करने लगी। मैंने उसे कई बार समझाया था कि गांव में मिलना सही नहीं है, लेकिन वो मेरी बात सुनने को तैयार नहीं थी। शिल्पी अपनी जिद को मनवाना जानती थी नीतीश ने बताया कि शिल्पी जिद्दी लड़की थी। उसे किसी का डर और खौफ नहीं था। उसकी जिद्द पर मैं 1-2 बार उससे मिलने उसके घर चला गया था। वहीं, जब मेरे परिवार वाले बाहर जाते थे तो 2-3 बार वो मेरे घर मुझसे मिलने आई थी। एक दिन मेरे दादा जी को हमारे रिलेशन के बारे में पता चल गया था, इसपर उन्होंने मुझे और शिल्पी को खूब पीटा था। दादा ने हम दोनों से कहा, तुमलोग अब कभी ऐसे अकेले में नहीं मिलोगे। इस रिलेशन का कोई मतलब नहीं है। सब खत्म कर दो। इसी वजह से वो मेरे दादा जी पर नाराज थी और उसने मेरे दादा की दर्दनाक तरीके से हत्या कर दी। धीरे-धीरे बदलने लगा व्यवहार नीतीश के अनुसार, समय बीतने के साथ शिल्पी के व्यवहार और गतिविधियों में बदलाव आने लगा था। उसने बताया कि गांव में आगजनी, मारपीट जैसी घटनाओं में उसका नाम सामने आने लगा था। शिल्पी के व्यवहार में बदलाव आ गए थे। वो मुझसे तो बहुत प्यार से बात करती थी, लेकिन गांववालों के साथ अक्सर लड़ाई-झगड़े और मारपीट करती थी। ये सब जानने के बाद मुझे उसके साथ सेफ फील नहीं होता था, इसकी वजह से मैंने भी उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। 2025 में करना चाहता था ब्रेकअप नीतीश ने आगे बताया कि 2025 के जुलाई में मैं उससे ब्रेकअप करना चाहता था। मैंने उससे इस मामले को लेकर कई बार बात करने की कोशिश की, लेकिन वो हर बार इस बात को टाल देती थी। जैसे ही मैं उससे अलग होने के लिए कहता वो मुझे अपने पास बैठा कर और प्यार भरी बातें करना शुरू कर देती थी। वो हमेशा कहती थी, मुझे तुम्से दूर नहीं होना है। इसी सब वजह से उससे दूर होने के लिए मैंने गांव छोड़ दिया। मैंने 12वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद शहर की तरफ चला गया। मैंने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया था। गांव से निकलने के बाद मैंने उसे नहीं देखा था। हालांकि, उसके कई कारनामे सुने थे। मेरे परिवार वाले बताते थे कि वो थोड़ा अजीब हरकत करती है। डर के कारण बनाई दूरी नीतीश ने स्पष्ट कहा कि शिल्पी के बदलते व्यवहार और संदिग्ध गतिविधियों के कारण मैंने उससे दूरी बना ली। यह फैसला अपनी सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया था। अंशिका की हत्या हुई, तब पुलिस ने गहन जांच शुरू की। इसी जांच में शिल्पी की भूमिका सामने आई और उसे मुख्य अभियुक्त के रूप में गिरफ्तार किया गया। शिल्पी बात करने में नॉर्मल और सिंपल लड़की लगती थी। लेकिन उसके अंदर इतनी सारी बातें चल रही थी, जिसकी जानकारी मुझे नहीं थी। वो मुझे ये सारी बातें शेयर नहीं करती थी। कहती थी मैं पूरे गांववालों को खुद ही हैंडल कर लूंगी। 2 साल से लगातार हो रही थी अलग-अलग घटनाएं नीतीश से बात करने के बाद हम गांव में खेत की तरफ बढ़े, जहां हमने नीतीश के पिता सूरज कुमार से बात की। सूरज कुमार ने बताया कि पिछले 2-3 साल से मेरे घरवालों के साथ कई तरह की घटनाएं हो रही थी। कभी मेरे छत पर रखे अरहर के बोझा में आग लग जा रहा था, तो कभी मेरे पुआल में आग लग जा रही थी। कभी मेरे घर का नल टूट जा रहा था तो कभी छत पर सूख रहे कपड़े जलने लगते थे। करीब एक साल पहले मेरे पापा पर किसी ने छत से ईंट फेंककर मारने की कोशिश की, लेकिन उस समय पिताजी को कुछ नहीं हुआ था। वो ईंट सिर पर न गिरकर उनके बगल में गिरी थी। हमलोग जब दौड़ते हुए छत पर पहुंचे तो वहां पर कोई नहीं था। इस घटना के 3-4 दिन बीत जाने के बाद मेरे पिताजी की हत्या कर दी गई। पेट्रोल छिड़ककर लगा दी थी आग दरअसल, मेरे पिताजी अपने घर के बरामदे में सो रहे थे। हमलोग अंदर वाले कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान उनके बिस्तर पर किसी ने आग लगा दी और वहां से भाग गया। हमलोग जब मौके पर पहुंचे तो पता चला कि मेरे पापा के बिस्तर के पास एक बाल्टी में पेट्रोल रखा था, वहीं दूसरी तरह उसका डिब्बा रखा था। पिताजी पूरी तरह से जल गए थे। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। हालांकि, उस समय हमें शिल्पी पर कोई शक नहीं हुआ था। आज उसने अपने कबूलनामे में इस बात का जिक्र किया है। इस लड़की ने जिस तरह से मेरे पापा पर पेट्रोल छिड़ककर उनकी हत्या की थी। इसके लिए मैं न्यायलय से रिक्वेस्ट करूंगा कि उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। फांसी दे दी जाए, ताकि आगे चलकर कोई इस तरह की घटना को अंजाम देने से पहले सोचे। सूरज के दर्द को सुनने के बाद हम अंशिका के घर की तरफ बढ़े, जहां हमारी मुलाकात उसके दादा कालिकांत राय से हुई। घर के अंदर मेरी पोती की हत्या कर दी गई मृतका अंशिका के दादा कालिकांत राय ने बताया, 20 मार्च की शाम आंधी-बारिश की वजह से मेरी पोती अपने घर के पास खेल रही थी। इसी दौरान शिल्पी ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसे अपने घर ले जाकर दिनभर बंधक बनाकर रखा। बच्ची के गायब होने के 2 घंटे बाद हमलोगों ने उसे बहुत खोजबीन की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इस दौरान शिल्पी ने किसी को भनक तक नहीं लगने दी कि बच्ची उसके पास है। फिर शिल्पी ने देर रात मेरी पोती अंशिका की हत्या अपने ही घर के अंदर कर दी। शव को छिपाने के लिए ट्रंक (बक्से) में रख दिया था। करीब 2-3 घंटे तक बक्से में बंद रहने के बाद उसने देर रात शव को खेत की तरफ फेंक दिया। हत्या के बाद महायज्ञ और जल-यात्रा में हुई शामिल परिजनों के मुताबिक, अंशिका की हत्या के बाद उसका शव रात के समय घर से बाहर फेंक दिया गया। अगली सुबह ग्रामीणों को बच्ची का शव मिला, जिससे पूरे गांव में सनसनी फैल गई। कालीकांत ने बताया कि घटना के बाद भी शिल्पी सामान्य व्यवहार करती रही। न ही उसे बच्ची की हत्या करने का अफसोस था, न ही उसे डर था। मेरी पोती की हत्या करने के बाद वो पहले महायज्ञ में गई, फिर चैन की नींद सोई। घटना के दूसरे दिन वो जल यात्रा में भी शामिल हुई। इससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ। हालांकि, बाद में पुलिस जांच में उसका नाम सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। साक्ष्य में मिले अहम सुराग जांच के दौरान घटनास्थल के पास कुछ अहम सुराग मिले हैं। बताया जा रहा है कि शव के पास से शिल्पी के परिजनों से जुड़े निशान (फुटप्रिंट) मिले है। इसके अलावा, एक अन्य युवक का भी जिक्र सामने आया है, जिसकी पहचान स्थानीय स्तर पर की जा रही है। पुलिस इस कड़ी को भी जांच में शामिल कर रही है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी शिल्पी कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की। बाकी आरोपियों की तलाश भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। दो साल से बना था तनाव, दिन-रात रहता था डर वहीं, गांववालों का कहना है कि बीते करीब 2 सालों से इलाके में लगातार संदिग्ध घटनाएं हो रही थी। इससे हर समय भय और तनाव का माहौल बना रहता था। पिछले दो साल से गांव में अजीब घटनाओं का सिलसिला जारी था। कभी आगजनी, कभी विवाद, तो कभी अचानक होने वाली घटनाओं ने लोगों को मानसिक रूप से परेशान कर दिया था। एक ग्रामीण कमलेश ने बताया कि दिन हो या रात, हर समय डर बना रहता था। ऐसा नहीं था कि सिर्फ रात में ही घटनाएं होती थी। कई बार दिन में भी ऐसी घटनाएं हो जाती थी, जिससे 24 घंटे टेंशन बना रहता था। आगजनी की घटनाओं से बढ़ा खौफ ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और आसपास के इलाकों में आग लगने की घटनाओं ने लोगों को और डरा दिया था। इन घटनाओं के पीछे क्या कारण है, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था, जिससे लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं थी। कुछ लोगों ने इन घटनाओं को अंधविश्वास से जोड़ दिया और गांव में भूत-प्रेत जैसी बातें भी फैलने लगीं थी। कभी शक नहीं हुआ कि लड़की हो सकती है आरोपी ग्रामीणों ने कहा कि हमे कभी इस बात का शक नहीं हुआ कि इन घटनाओं के पीछे किसी लड़की का हाथ हो सकता है। लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब लोगों को पूरे मामले की गंभीरता समझ में आ रही है। एक ग्रामीण ने कहा, हम पुलिस से यही अनुरोध करते हैं कि दोषी को ऐसी सजा मिले, जिससे समाज में एक कड़ा संदेश जाए।  

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