Suryakumar Yadav apologised to Axar Patel: भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया है कि T20 वर्ल्ड कप में भारत के विजयी अभियान के दौरान प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने के बाद उपकप्तान अक्षर पटेल बहुत गुस्से में थे। इसके लिए मैंने उनसे माफी भी मांगी।
Suryakumar Yadav apologised to Axar Patel: आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतने के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने चौंकाने वाला खुलास किया है। उन्होंने बताया है कि टूर्नामेंट में भारत के विजयी अभियान के दौरान प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने के बाद उपकप्तान अक्षर पटेल बहुत गुस्से में थे। जबकि अक्षर भारत के व्हाइट-बॉल सेटअप के एक अहम सदस्य थे। उनको भारत द्वारा खेले गए 9 मैचों में से दो में बाहर रखा गया था, ताकि वे रिकॉर्ड तीसरी बार ट्रॉफी उठा सकें। दोनों बार उन्हें अहमदाबाद में ही ड्रॉप किया गया, जिसमें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अहम सुपर-8 मैच भी शामिल था, जिसे टीम इंडिया 76 रन से हार गई थी।
अक्षर पटेल को नागंवार गुजरा ड्रॉप करने का फैसला
अक्षर पटेल को बाहर किए जाने और मैच गंवाने पर फैंस और एक्सपर्ट्स ने खूब आलोचना की थी। जबकि टीम मैनेजमेंट ने जोर देकर कहा कि यह एक टैक्टिकल फैसला था। वहीं, सूर्यकुमार यादव ने भी माना कि यह फैसला अक्षर पटेल को बिलकुल नागंवार गुजरा।
‘वह बहुत गुस्से में था’
सूर्या ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि वह बहुत गुस्से में था और उसे होना भी चाहिए था। वह एक अनुभवी खिलाड़ी है, वह एक फ्रेंचाइजी को लीड करता है। उसे गुस्सा होना चाहिए। मैंने माफी मांगी थी। मैंने उससे कहा कि मैंने गलती की है और मुझे खेद है, लेकिन यह टीम के लिए लिया गया फैसला था। भारत के कप्तान ने माना कि ऑलराउंडर उपकप्तान के साथ बातचीत आसान नहीं थी।
‘भारत बनाम साउथ अफ्रीका मैच आंखें खोलने वाला मैच’
उन्होंने आगे कहा कि यह एक मुश्किल बातचीत थी। उसने इसे अपने हिसाब से लिया और हमने अगले दिन इस पर बात की। इस झटके के बावजूद सूर्या ने कहा कि साउथ अफ्रीका से मिली बड़ी हार भारत के कैंपेन में एक अहम टर्निंग पॉइंट बन गई। भारत बनाम साउथ अफ्रीका मैच आंखें खोलने वाला मैच था। मुझे इस टीम पर कभी कोई शक नहीं था, लेकिन इसने हमारे पेंच कस दिए। उसके बाद वापसी का कोई ऑप्शन नहीं था।
‘फिर हमारे लिए हर मुकाबला नॉकआउट था’
कप्तान ने बताया कि टीम ने बाकी बचे हर गेम को नॉकआउट की तरह लेना शुरू कर दिया। हमारे लिए जिम्बाब्वे प्री-क्वार्टर-फाइनल था। वेस्टइंडीज से मुकाबला क्वार्टरफाइनल की तरह था। फिर सेमीफाइनल और फाइनल मैच। हमें हर मुकाबले को नॉकआउट की तरह ही खेलना था। उस हार के बाद भारत ने जबरदस्त जवाब दिया, अपने बचे हुए सुपर 8 मैच जीते और फिर सेमीफाइनल में इंग्लैंड और फाइनल में न्यूजीलैंड को हराते हुए तीसरा बार टी20 वर्ल्ड कप के खिताब पर कब्जा जमाया।
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