राजसमंद. सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई के साथ-साथ स्वच्छता को भी व्यवस्थित रूप से मजबूत किया जाएगा। इसके लिए कक्षा के भीतर ही एक विद्यार्थी को हाइजीन मॉनिटर की जिम्मेदारी दी जाएगी। यह व्यवस्था कक्षा 4 से 12 तक हर कक्षा और प्रत्येक सेक्शन में लागू होगी। खास बात यह है कि हर छह महीने में हाइजीन मॉनिटर बदला जाएगा, ताकि अधिक से अधिक योग्य विद्यार्थियों को नेतृत्व और जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिल सके। शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तहत स्कूल स्तर पर स्वच्छता, व्यक्तिगत हाइजीन, मासिक धर्म स्वच्छता, पेयजल, शौचालयों की साफ-सफाई और इससे जुड़ी गतिविधियों को नियमित रूप से सुनिश्चित करना होगा। हाइजीन मॉनिटर के मार्गदर्शन और निगरानी के लिए प्रधानाचार्य या प्रधानाध्यापक द्वारा कक्षाध्यापक को स्वच्छता शिक्षक नामित किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को प्रार्थना स्थल पर हाइजीन मॉनिटर की शपथ भी दिलाई जाएगी।
क्या होंगे हाइजीन मॉनिटर के काम
हाइजीन मॉनिटर कक्षा में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में सहपाठियों के साथ मिलकर सक्रिय भूमिका निभाएगा। इसके तहत:-
- कक्षा कक्ष की फर्श, खिड़कियां, डेस्क-टेबल, ब्लैकबोर्ड/ग्रीन बोर्ड/व्हाइट बोर्ड की दैनिक साफ-सफाई सुनिश्चित करना और कचरा पात्र का सही उपयोग करवाना।
- विद्यार्थियों की व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान देना—साफ यूनिफॉर्म, कटे नाखून, व्यवस्थित बाल और अन्य स्वच्छता मानकों की पालना।
- मिड-डे मील से पहले और बाद में सभी विद्यार्थियों से हाथ धोने की आदत का पालन करवाना।
- पेयजल टंकी, वाटर कूलर और टैंक की साप्ताहिक साफ-सफाई पर निगरानी रखना।
- शौचालय और मूत्रालय में पानी की उपलब्धता व सफाई की स्थिति का निरीक्षण कर स्वच्छता शिक्षक को जानकारी देना।
- खेल मैदान और विद्यालय परिसर में कचरा न फैलाने के लिए विद्यार्थियों को जागरूक करना।
हर माह 10 मिनट का स्वच्छता संवाद
प्रत्येक माह के अंतिम दिन हाइजीन मॉनिटर कक्षा के विद्यार्थियों के साथ 10 मिनट का चर्चा सत्र आयोजित करेंगे। इसमें विद्यालय को स्वच्छ और हरा-भरा रखने पर विचार किया जाएगा। यदि स्वच्छता से जुड़ी कोई समस्या सामने आती है तो उसे स्वच्छता शिक्षक तक पहुंचाया जाएगा।
बेहतर काम पर मिलेगा सम्मान
हाइजीन मॉनिटर की सक्रियता और प्रयासों को प्रोत्साहित करने के लिए विद्यालय स्तर पर त्रैमासिक आधार पर स्वच्छता स्टार या बेस्ट हाइजीन मॉनिटर का प्रमाण पत्र दिया जा सकेगा। इसके साथ ही चयनित मॉनिटर का नाम विद्यालय के नोटिस बोर्ड और प्रार्थना स्थल पर प्रदर्शित किया जाएगा। इस पहल से स्कूलों में स्वच्छता को लेकर विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ेगी और जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होगी।


