18 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई हाइड्रोलिक मशीन धुर्वा स्थित फायर स्टेशन में पिछले 2 साल से खराब खड़ी है। विभाग ने इसे बनवाने के लिए मुंबई की एक कंपनी से संपर्क किया, तो कंपनी ने 1.50 करोड़ रुपये का खर्च बताते हुए कोटेशन भेजा। इसके बाद पैसे का अभाव बताकर अधिकारियों ने खराब हाइड्रोलिक को बनवाने की जहमत नहीं उठाई। नतीजा, राजधानी में बहुमंजिला इमारतों में लगी आग बुझ नहीं पा रही है और इमारतें खाक हो जा रही हैं। इधर, बहुमंजिला इमारतों में लगी आग को बुझाने के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाने के बजाय अग्निशमन विभाग ने संकीर्ण गलियों में आग बुझाने की योजना तैयार कर ली है। 11 करोड़ रुपये की लागत से 39 छोटी गाड़ियों की खरीदारी की तैयारी पूरी भी कर ली गई है। मौर्या कंपनी को वर्क ऑर्डर दिया गया है। बिहार स्थित बिहटा में गाड़ियां तैयार की जा रही हैं। पहले लॉट में 39 छोटी गाड़ियां (मिनी वाटर टेंडर विथ मिक्स टेक्नोलॉजी) रांची स्थित फायर स्टेशन पहुंचेंगी। हालांकि, इससे पहले तैयार छोटी गाड़ियों की क्षमता जांचने के लिए अग्निशमन विभाग की 3 सदस्यीय टीम 1 फरवरी को बिहटा रवाना होगी। टीम में स्टेट फायर ऑफिसर जितेंद्र तिवारी और डीआईजी मो. अर्शी के अलावा एचईसी के फायर इंजीनियर रविंद्र सिन्हा को शामिल किया गया है। क्षमता जांच रिपोर्ट तैयार कर विभाग में सौंपे जाने के बाद कंपनी 39 गाड़ियों को हैंडओवर करेगी। फायर स्टेशन में किस तरह की कितनी गाड़ियां गाड़ी संख्या क्षमता प्रति गाड़ी वाटर टेंडर टाइप बी 10 4500 लीटर वाटर वाउजर 02 7500 लीटर मिनी मिक्स वाटर टेंडर 04 500 लीटर पानी व 50 लीटर फोम फोम टेंडर वाटर 02 4500 लीटर व 500 लीटर फोम राजधानी में 18 गाड़ियों के सहारे दमकल विभाग आग बुझाने का काम कर रहा है। इन्हीं 18 गाड़ियों को अलग-अलग 4 फायर स्टेशनों में रखा गया है। एक फायर स्टेशन की गाड़ी जब मौके पर पहुंचकर आग को नहीं बुझा पाती है तो दूसरे फायर स्टेशन से गाड़ी को बुलाया जाता है। ऐसे में जब तक दूसरी गाड़ी पहुंचती है, सभी सामान राख हो चुका होता है। बहुमंजिला भवन पर लगी आग को बुझाने के लिए 18 करोड़ रुपये की लागत से एक हाइड्रोलिक मशीन खरीदी तो गई है, लेकिन वह भी पिछले 2 साल से खराब पड़ी है, जिसके बाद उसे धुर्वा फायर स्टेशन में रखा गया है।


