बच्चों के विवाद में पति-पत्नी और चाचा घायल:शेखपुरा में मारपीट के बाद सदर अस्पताल में भर्ती, जातिसूचक गालियों का भी आरोप

बच्चों के विवाद में पति-पत्नी और चाचा घायल:शेखपुरा में मारपीट के बाद सदर अस्पताल में भर्ती, जातिसूचक गालियों का भी आरोप

शेखपुरा में सोमवार की देर रात सदर प्रखंड के हथियावां थाना क्षेत्र अंतर्गत मंदना गांव में बच्चों के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद अचानक तूल पकड़ गया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि एक पक्ष के तीन लोगों को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घायलों को ग्रामीणों की सहायता से सदर अस्पताल शेखपुरा में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। बच्चों की गेंद नाले में गिरी, विरोध करने पर विवाद बढ़ा घटना के संबंध में घायल जितेंद्र ढाढ़ी ने बताया कि शाम में बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान गेंद बगल के नाले में चली गई। गांव के कुछ युवक उनकी बेटी से नाले में उतरकर गेंद निकालने को कह रहे थे। जितेंद्र की पत्नी खुशबू देवी ने इसका विरोध किया, जिसके बाद विवाद बढ़ने लगा। आरोप है कि विरोध करने पर गांव के ही मनीष पांडेय, रजनीश पांडेय, अंशु पांडेय सहित अन्य लोग आक्रोशित हो गए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर उतारू हो गए। लोहे के रॉड से हमला, तीन लोग घायल जितेंद्र ने बताया कि आरोपियों ने एकजुट होकर उन पर और उनके परिवार के सदस्यों पर हमला बोल दिया। मारपीट में लोहे की रॉड का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। हमले में जितेंद्र ढाढ़ी, उनकी पत्नी खुशबू देवी और चाचा उमेश ढाढ़ी घायल हुए। तीनों को ग्रामीणों ने किसी तरह बचाया और अस्पताल पहुँचाया। चिकित्सकों ने बताया कि घायलों को सिर और शरीर में कई जगह चोटें आई हैं। जातिसूचक शब्दों का प्रयोग भी किया गया- पीड़ित घायल जितेंद्र ढाढ़ी ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया और परिवार को जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों का मामूली खेल विवाद इतना बढ़ जाएगा, इसकी किसी को आशंका नहीं थी। पुलिस कार्रवाई में जुटी, लिखित शिकायत दर्ज घटना की सूचना पर हथियावां थाना की पुलिस देर शाम ही गांव पहुंची। थाना के सब-इंस्पेक्टर गौतम कुमार ने बताया कि मामले में लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि लिखित आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मारपीट की घटना गंभीर है, इसलिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।” ग्रामीणों में तनाव, मोहल्ले में छाया भय घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के विवाद को लेकर इस तरह की हिंसा बेहद दुःखद है। लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शेखपुरा में सोमवार की देर रात सदर प्रखंड के हथियावां थाना क्षेत्र अंतर्गत मंदना गांव में बच्चों के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद अचानक तूल पकड़ गया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि एक पक्ष के तीन लोगों को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घायलों को ग्रामीणों की सहायता से सदर अस्पताल शेखपुरा में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। बच्चों की गेंद नाले में गिरी, विरोध करने पर विवाद बढ़ा घटना के संबंध में घायल जितेंद्र ढाढ़ी ने बताया कि शाम में बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान गेंद बगल के नाले में चली गई। गांव के कुछ युवक उनकी बेटी से नाले में उतरकर गेंद निकालने को कह रहे थे। जितेंद्र की पत्नी खुशबू देवी ने इसका विरोध किया, जिसके बाद विवाद बढ़ने लगा। आरोप है कि विरोध करने पर गांव के ही मनीष पांडेय, रजनीश पांडेय, अंशु पांडेय सहित अन्य लोग आक्रोशित हो गए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर उतारू हो गए। लोहे के रॉड से हमला, तीन लोग घायल जितेंद्र ने बताया कि आरोपियों ने एकजुट होकर उन पर और उनके परिवार के सदस्यों पर हमला बोल दिया। मारपीट में लोहे की रॉड का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। हमले में जितेंद्र ढाढ़ी, उनकी पत्नी खुशबू देवी और चाचा उमेश ढाढ़ी घायल हुए। तीनों को ग्रामीणों ने किसी तरह बचाया और अस्पताल पहुँचाया। चिकित्सकों ने बताया कि घायलों को सिर और शरीर में कई जगह चोटें आई हैं। जातिसूचक शब्दों का प्रयोग भी किया गया- पीड़ित घायल जितेंद्र ढाढ़ी ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया और परिवार को जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों का मामूली खेल विवाद इतना बढ़ जाएगा, इसकी किसी को आशंका नहीं थी। पुलिस कार्रवाई में जुटी, लिखित शिकायत दर्ज घटना की सूचना पर हथियावां थाना की पुलिस देर शाम ही गांव पहुंची। थाना के सब-इंस्पेक्टर गौतम कुमार ने बताया कि मामले में लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि लिखित आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मारपीट की घटना गंभीर है, इसलिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।” ग्रामीणों में तनाव, मोहल्ले में छाया भय घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के विवाद को लेकर इस तरह की हिंसा बेहद दुःखद है। लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।  

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