वाराणसी में पारिवारिक कलह-क्लेश के बाद पति और पत्नी ने एक दूसरे से घंटों झगड़ा किया। दोनों के बीच हाथापाई हुई फिर एक दूसरे का मुंह जीवन में कभी ना देखने की कसम खाई। जिद में दोनों ने अपने को एक-एक कमरे में बंद कर लिया। पत्नी से अपमानित होने के बाद सबसे पहले पति ने कमरे में खुद को बंद किया फिर चादर का फंदा बनाकर पंखे के कुंडे से लटक गया। जरा सी चीख आई तो लोग कमरे की ओर भागे, जब तक दरवाजा और कुंडी तोड़कर अंदर गए युवक ने दम तोड़ दिया था। दूसरे कमरे में मौजूद पत्नी को जब पति के फांसी लगाने की खबर मिली तो वो बेसुध हो गई और आनन फानन में खुद की मौत का इंतजाम करने लगी। परिजनों की नजरों से ओझल होकर स्टोर रूम में पहुंची और वहां रखा जहर खा लिया। जहर खाते ही महिला बेहोश हो गई, जिसके बाद उसके मुंह से झाग निकलने लगा। आनन फानन उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां हालत देर रात तक गंभीर बनी हुई है और महिला जिंदगी मौत से हर मिनट जंग लड़ रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने भेजा है।
एसीपी चेतगंज ईशान सोनी ने बताया कि वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र में मंगलवार रात पत्नी से विवाद के बाद पति ने आत्मघाती कदम उठा लिया। सोनिया क्षेत्र निवासी संदीप प्रजापति उर्फ बाबू (35), पुत्र स्वर्गीय रामदास प्रजापति, पेशे से पान विक्रेता थे। उनका अपनी पत्नी अनीता प्रजापति से अक्सर पारिवारिक विवाद होता रहता था। मंगलवार की शाम भी किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। इससे आहत होकर संदीप ने घर के कमरे में पंखे से फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना की जानकारी जैसे ही परिजनों और आसपास के लोगों को हुई, मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच पति की मौत से आहत पत्नी अनीता प्रजापति ने भी विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। उनकी हालत बिगड़ने पर परिजनों ने तत्काल उन्हें मंडलीय अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार विवाहिता की हालत गंभीर बनी हुई है। सोनिया इलाके में घरेलू कलह से परेशान पान विक्रेता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर सिगरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं।


