चुनाव के बाद कैसा होगा ‘नया बांंग्लादेश’, यूनुस ने दी पहली प्रतिक्रिया, कह दी ये बड़ी बात

चुनाव के बाद कैसा होगा ‘नया बांंग्लादेश’, यूनुस ने दी पहली प्रतिक्रिया, कह दी ये बड़ी बात

Muhammad Yunus Statement: बांग्लादेश में ‘नई सुबह’ का आगाज हो गया है। गुरुवार (12 फरवरी 2026) को भारी सुरक्षा और उत्साह के बीच 13वें संसदीय चुनाव और संवैधानिक जनमत संग्रह (Referendum) के लिए मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी गई। शाम 4:30 बजे वोटिंग खत्म होते ही मतों की गिनती शुरू कर दी गई। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) ने चुनाव के सफल समापन पर देश को बधाई दी है। उन्होंने (Muhammad Yunus Statement) इसे “एक नए बांग्लादेश की ओर अभूतपूर्व यात्रा की शुरुआत” करार दिया है। यूनुस ने कहा कि यह चुनाव बांग्लादेश के इतिहास का सबसे शांतिपूर्ण और उत्सव जैसा चुनाव रहा है, जो लोकतंत्र के प्रति लोगों की प्रतिबद्धता दर्शाता है।

शांतिपूर्ण मतदान और उत्साह

चुनाव आयोग (EC) के मुताबिक, देश भर की 299 सीटों पर सुबह 7:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक वोट डाले गए। दोपहर 2:00 बजे तक करीब 47.91% मतदान दर्ज किया गया था, जिसके शाम तक और बढ़ गया। यूनुस ने चुनाव में संयम बरतने के लिए राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और सुरक्षा बलों (सेना व पुलिस) का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “मतभेद रहेंगे, लेकिन राष्ट्रहित में हमें एकजुट रहना होगा।”

अवामी लीग बाहर, BNP बनाम जमात (BNP vs Jamaat)

ध्यान रहे कि जुलाई 2024 में हुए छात्र आंदोलन और शेख हसीना के तख्तापलट के बाद यह पहला आम चुनाव है। इस बार शेख हसीना की पार्टी ‘अवामी लीग’ को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित (Barred) कर दिया गया था। ऐसे में मुख्य मुकाबला खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी गठबंधन (जिसमें नेशनल सिटीजन पार्टी भी शामिल है) के बीच है। कुल 2034 उम्मीदवार मैदान में हैं।

दोहरी वोटिंग: संसद और संविधान

यह चुनाव इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि जनता ने न सिर्फ अपनी सरकार चुनी है, बल्कि ‘जुलाई नेशनल चार्टर’ को लागू करने के लिए जनमत संग्रह (Referendum) में भी वोट डाला है।

सिर्फ चुनाव नहीं, एक उत्सव था

मुहम्मद यूनुस (मुख्य सलाहकार): “यह सिर्फ चुनाव नहीं, एक उत्सव था। लोगों ने साबित कर दिया कि बांग्लादेश में सत्ता का असली स्रोत जनता ही है। अब हमें मिलकर लोकतंत्र को मजबूत करना है।” चुनाव आयोग: “कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और अनुशासित रही। जो लोग समय सीमा के अंदर मतदान केंद्रों में घुस गए थे, उन्हें वोट डालने दिया गया।” ( इनपुट : ANI)

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