महाराष्ट्र के समृद्धि महामार्ग पर भीषण हादसा, 7 महिलाओं की मौत, वाहन के उड़े परखच्चे

महाराष्ट्र के समृद्धि महामार्ग पर भीषण हादसा, 7 महिलाओं की मौत, वाहन के उड़े परखच्चे

महाराष्ट्र के जालना जिले में समृद्धि महामार्ग (Samruddhi Mahamarg) पर एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है। आज (1 अप्रैल) जालना के कडवंची इलाके के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में सात महिला मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में तीन से चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कैसे हुआ यह भीषण हादसा?

जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय हुई जब खेत में काम करने वाले मजदूरों को लेकर जा रही एक पिकअप को एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार महिलाएं सड़क पर जा गिरीं। बताया जा रहा है कि हादसे की शिकार महिलाएं जालना जिले के बदनापुर (Badnapur) तहसील के केलीगव्हान और खादगाव की रहने वाली हैं।

मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका

घटना की जानकारी मिलते ही जालना पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई है और राहत कार्य शुरू कर दिया गया है। कुछ घायलों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जिसके कारण मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। इस दुखद घटना के बाद पीड़ितों के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है।

तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह

स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस की मदद से पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाया गया है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि ट्रक की रफ्तार बहुत ज्यादा थी, जिसके कारण चालक ने नियंत्रण खो दिया। फिलहाल जालना पुलिस इस हादसे की जांच कर रही है।

समृद्धि महामार्ग पर सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग के शुरू होने के बाद से ही यहां होने वाले हादसों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। महाराष्ट्र राजमार्ग पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल इस एक्सप्रेसवे पर कुल 185 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। यह आंकड़ा 2024 में हुई 137 दुर्घटनाओं की तुलना में करीब 35 प्रतिशत अधिक है।

नागपुर को मुंबई से जोड़ने वाले इस हाईस्पीड कॉरिडोर पर घातक हादसों की संख्या भी 2025 में बढ़कर 128 हो गई, जबकि 2024 में ऐसे 96 मामले सामने आए थे। इसी तरह इन दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या 126 से बढ़कर 152 तक पहुंच गई, जो लगभग 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। गंभीर चोट का कारण बनने वाली दुर्घटनाएं भी 23 से बढ़कर 46 हो गई है। वहीं, ऐसे हादसों में गंभीर रूप से घायल लोगों की संख्या 50 से बढ़कर 140 तक पहुंच गई।

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