रोजगार मेले में ‘उम्मीद’ ज्यादा, नौकरी कम… 1000 युवाओं की भीड़, हाथ आया सिर्फ आश्वासन

रोजगार मेले में ‘उम्मीद’ ज्यादा, नौकरी कम… 1000 युवाओं की भीड़, हाथ आया सिर्फ आश्वासन

बरेली। बरेली कॉलेज मैदान में आयोजित रोजगार मेले में बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं को नौकरी से ज्यादा इंतजार का भरोसा मिला। करीब 1000 अभ्यर्थियों ने मेले में भाग लिया, लेकिन मौके पर चयन बेहद सीमित रहा। 55 काउंटरों के साथ बड़े आयोजन का दावा किया गया, मगर अधिकांश स्टॉल पर सिर्फ बायोडाटा और मोबाइल नंबर जुटाने तक ही प्रक्रिया सिमट गई।

मेले में कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद जरूर रहे, लेकिन अधिकांश ने मौके पर चयन करने से परहेज किया। युवाओं से केवल रिज्यूम लेकर बाद में इंटरव्यू के लिए बुलाने की बात कही गई। कई प्रतिनिधियों ने साफ किया कि वे दस्तावेज मुख्यालय भेजेंगे, जहां से चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। कुछ कंपनियों ने औपचारिकता निभाते हुए सीमित संख्या में अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। हालांकि, इससे भीड़ में मौजूद अधिकांश युवाओं की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं। सेवायोजन विभाग के प्रभारी सहायक निदेशक गौतम घोष ने कहा कि विभाग लगातार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के प्रयास कर रहा है।

कंपनियों ने बाद में इंटरव्यू का दिया भरोसा

लखनऊ से आई अन्नापुरम की प्रतिनिधि अर्चना चौहान ने बताया कि वे अभ्यर्थियों के रिज्यूम एकत्र कर रही हैं और चयनित उम्मीदवारों को बाद में इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इसी तरह हैवेल्स राजस्थान से जुड़ी कहकशां ने भी कहा कि वे अस्थायी रूप से दस्तावेज एकत्र कर कंपनी को भेजेंगी। वहीं अशोका लीलैंड रुद्रपुर के प्रतिनिधि बृजेश ने बताया कि वे मौके पर ही मशीन ऑपरेटर के लिए कुछ चयन कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान मौसम ने भी आयोजन की तैयारियों की पोल खोल दी। दोपहर में अचानक तेज हवा चली, जिससे टेंट उखड़ गए और कुर्सियां उलट गईं। इसके बाद हुई बारिश में युवा और जनप्रतिनिधि भीगते नजर आए। वाटरप्रूफ टेंट की व्यवस्था न होने से लोग टेंट के नीचे ही बचाव करते रहे।

छातों के सहारे संभले जनप्रतिनिधि

बारिश के बीच जनप्रतिनिधियों को सहयोगियों ने छाते से कवर किया। राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार और पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह को तुरंत छाता मिल गया, जबकि एमएलसी कुंवर महाराज को कुछ देर बाद राहत मिली। इसी बीच दीप प्रज्ज्वलन और स्वागत की औपचारिकताएं भी पूरी की गईं। कार्यक्रम में पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने रोजगार के अवसर बढ़ने के दावे किए। डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि ऐसे मेले युवाओं को मंच दे रहे हैं, जबकि धर्मपाल सिंह ने सेवायोजन कार्यालय से जुड़े रहने की सलाह दी। हालांकि, मौके पर दिखी स्थिति ने युवाओं को सवालों के साथ घर लौटने पर मजबूर कर दिया।

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