मधुबनी में फार्मर रजिस्ट्री पर सख्ती:लापरवाही पर 3 कर्मियों का मानदेय कटा, 1.41 लाख किसान रजिस्टर्ड, जिला राज्य में दूसरे स्थान पर

मधुबनी में फार्मर रजिस्ट्री पर सख्ती:लापरवाही पर 3 कर्मियों का मानदेय कटा, 1.41 लाख किसान रजिस्टर्ड, जिला राज्य में दूसरे स्थान पर

मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तीसरे चरण की प्रतिदिन वर्चुअल माध्यम से समीक्षा की। इस अभियान में कर्तव्यहीनता, शिथिलता और लापरवाही बरतने के आरोप में तीन कर्मियों पर कार्रवाई की गई है। मधुबनी जिला अब तक राज्य में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। कार्रवाई के तहत, अंधराठाढ़ी के मरुकिया पंचायत के ग्रामीण आवास सहायक का 15 दिन का मानदेय काटा गया है। बेनीपट्टी के किसान सलाहकार का एक महीने का मानदेय और राजनगर के एक पंचायत रोजगार सेवक का 15 दिन का मानदेय कटौती का आदेश दिया गया है। जिलाधिकारी स्वयं इस कार्य की सघन निगरानी कर रहे हैं। जिला लगातार राज्य में दूसरे स्थान पर
फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तहत शुक्रवार तक मधुबनी जिले में लगभग 1 लाख 41 हजार 342 किसानों का पंजीकरण हो चुका है। जिला लगातार राज्य में दूसरे स्थान पर है। इससे पहले भी, अभियान के तीसरे चरण में शिथिलता और लापरवाही के आरोप में 15 वसुधा केंद्र/सी.एस.सी. केंद्रों का निबंधन रद्द किया गया था। विभिन्न विभागों के कर्मियों को प्रतिनियुक्त किया गया
सभी वरीय अधिकारी अपने आवंटित प्रखंडों में चल रहे अभियान की प्रगति का जायजा ले रहे हैं। एग्रोस्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए प्रखंड और पंचायत स्तर पर विभिन्न विभागों के कर्मियों को प्रतिनियुक्त किया गया है। स्वयं के नाम से जमाबंदी होना अनिवार्य
इनमें राजस्व कर्मचारी, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो, विशेष सर्वेक्षण अमीन, किसान सलाहकार, कार्यपालक सहायक, पंचायत रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, विकास मित्र, आवास सहायक और आंगनवाड़ी सेविका शामिल हैं। किसान रजिस्ट्री के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और स्वयं के नाम से जमाबंदी होना अनिवार्य है। यह रजिस्ट्री पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, के.सी.सी., सहायता अनुदान, फसल नुकसान पर वास्तविक क्षति का लाभ और अन्य सभी सरकारी योजनाओं का लाभ एक डिजिटल पहचान के साथ प्राप्त करने के लिए आवश्यक है। मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तीसरे चरण की प्रतिदिन वर्चुअल माध्यम से समीक्षा की। इस अभियान में कर्तव्यहीनता, शिथिलता और लापरवाही बरतने के आरोप में तीन कर्मियों पर कार्रवाई की गई है। मधुबनी जिला अब तक राज्य में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। कार्रवाई के तहत, अंधराठाढ़ी के मरुकिया पंचायत के ग्रामीण आवास सहायक का 15 दिन का मानदेय काटा गया है। बेनीपट्टी के किसान सलाहकार का एक महीने का मानदेय और राजनगर के एक पंचायत रोजगार सेवक का 15 दिन का मानदेय कटौती का आदेश दिया गया है। जिलाधिकारी स्वयं इस कार्य की सघन निगरानी कर रहे हैं। जिला लगातार राज्य में दूसरे स्थान पर
फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तहत शुक्रवार तक मधुबनी जिले में लगभग 1 लाख 41 हजार 342 किसानों का पंजीकरण हो चुका है। जिला लगातार राज्य में दूसरे स्थान पर है। इससे पहले भी, अभियान के तीसरे चरण में शिथिलता और लापरवाही के आरोप में 15 वसुधा केंद्र/सी.एस.सी. केंद्रों का निबंधन रद्द किया गया था। विभिन्न विभागों के कर्मियों को प्रतिनियुक्त किया गया
सभी वरीय अधिकारी अपने आवंटित प्रखंडों में चल रहे अभियान की प्रगति का जायजा ले रहे हैं। एग्रोस्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए प्रखंड और पंचायत स्तर पर विभिन्न विभागों के कर्मियों को प्रतिनियुक्त किया गया है। स्वयं के नाम से जमाबंदी होना अनिवार्य
इनमें राजस्व कर्मचारी, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो, विशेष सर्वेक्षण अमीन, किसान सलाहकार, कार्यपालक सहायक, पंचायत रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, विकास मित्र, आवास सहायक और आंगनवाड़ी सेविका शामिल हैं। किसान रजिस्ट्री के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और स्वयं के नाम से जमाबंदी होना अनिवार्य है। यह रजिस्ट्री पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, के.सी.सी., सहायता अनुदान, फसल नुकसान पर वास्तविक क्षति का लाभ और अन्य सभी सरकारी योजनाओं का लाभ एक डिजिटल पहचान के साथ प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।  

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