मधेपुरा में ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है। यहां बिन शादी मां बनी 20 साल की युवती को उसके ही पिता-चाचा ने गला घोंटकर मार डाला। वहीं, नवजात को प्रेमी ने दम घोंटकर थैले में भरकर पुल के नीचे फेंक दिया। पिता-चाचा ने मामले को छिपाने के लिए बेटी के शव को अंतिम संस्कार के लिए भागलपुर ले जाने लगे। इसी दौरान गुप्त सूचान के आधार पर पुलिस ने युवती के शव को बरामद किया। इसके 24 घंटे बाद मधेपुरा पुलिस को सदर अस्पताल से 3KM दूर एक नवजात बच्ची का शव भी मिला। इस मामले में पुलिस ने जब DNA रिपोर्ट मिलाई, तब पूरा सच बाहर आया। पुलिस ने इस मामले में युवती के पिता अम्बेद भारती(प्रधानाध्यापक, केपीएन प्लस टू उच्च विद्यालय), चाचा तपेश और उसके प्रेमी रिशु को गिरफ्तार कर लिया है। मृतका की पहचान अलका कुमारी(20) के रूप में हुई है। मामला उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के पीपरा करौती वॉर्ड-2 का है। हत्या 13 फरवरी की रात की गई थी। रविवार(22 फरवरी) को पुलिस ने घटना का खुलासा किया है। अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी घटना… 2 साल से था लव अफेयर उदाकिशुनगंज SDPO अविनाश कुमार ने बताया, 2 साल पहले 2024 के जून में अलका का उसी के गांव के लड़के रिशु कुमार(25) से फेसबुक के जरिए दोस्ती हुआ। दोनों मैसेज के जरिए 2 महीने तक बातचीत करते रहे। इसके बाद दोनों ने अपना नंबर एक्सचेंज किया। लवर्स कॉल पर घंटों बातचीत करने लगे। इसी बीच 2025 के जनवरी में अलका के पिता अम्बेद भारती को अफेयर के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने अपनी बेटी को बहुत समझाया। रिशु से मिलने के लिए रोका, लेकिन वो नहीं मानी। करीब 2 महीने तक उसका घर से निकलना तक बंद हो गया था। 2025 में पहली बार सामने मिले थे कपल 2025 के मार्च में अलका ने अपने पिता-चाचा के खिलाफ जाकर रिशु से कमरे में मिलना शुरू कर दिया। ये सिलसिला लगातार चलता रहा। जून 2025 में रिशु ने अलका को प्रेगनेंट कर दिया। इसके बाद भी दोनों मिलते रहे। जुलाई में जब उसे पीरियड्स नहीं आए तो उसने रिशु को इसके बारे में बताया। इसके बाद प्रेमी उसे चेकअप के लिए अस्पताल लेकर गया। वहां, टेस्ट करवाने पर पता चला कि वो प्रेग्नेंट है। इस दौरान रिशु ने बच्चा गिराने के लिए कहा, लेकिन वो नहीं मानी। उसने अपने पेट में रिशु का बच्चा रखा। इस मामले को लेकर दोनों के बीच हर दिन लड़ाई होने लगी। इससे परेशान होकर उसने अपने बॉयफ्रेंड से बात करना छोड़ दिया। 6 महीने की प्रेग्नेंसी में मर्डर का बनाया था प्लान करीब छठे महीने पर अलका के माता-पिता को प्रेग्नेंट होने की बात पता चली। इस दौरान उन्होंने अपनी बेटी के साथ खूब मारपीट की। इसी वक्त पिता अम्बेद भारती और चाचा तपेश ने तय कर लिया था कि वो अपनी बेटी की हत्या कर देंगे। हालांकि, अलका की मां उसके सपोर्ट में थी। उन्होंने बेटी का अच्छे से ख्याल रखा। पत्नी के सपोर्ट के कारण अम्बेद भारती अपनी बेटी की हत्या घर पर नहीं कर पाए। 13 फरवरी को बच्ची को दिया जन्म 13 फरवरी को लड़की के पेट में दर्द हुआ। उसे मधेपुरा के सदर अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां देर रात 12 बजे उसने ढ़ाई किलोग्राम की बच्ची को जन्म दिया। प्रसव की वजह से उसे ज्यादा ब्लीडिंग होने लगी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। युवती के पिता-चाचा ने एंबुलेंस के जगह अपने निजी वाहन से मधेपुरा ले जाने की बात कही, लेकिन वे उसे मधेपुरा ले जाने की जगह पर घर ले गए। वहीं, नवजात बच्ची के पास अलका की मां रुक गई। घर खाली देखा 13 फरवरी की रात 3 बजे आरोपी अम्बेद भारती और तपेश ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को अंतिम संस्कार के लिए भागलपुर के महादेवपुर गंगा घाट ले जाया जा रहा था। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी। उनकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने नवगछिया के पास से शव को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। प्रेमी पर यौन शोषण का आरोप पूछताछ के दौरान आरोपी पिता अम्बेद पुलिस को गुमराह करते रहे। उन्होंने खुद को बचाने के लिए बेटी के प्रेमी रिशु कुमार के खिलाफ यौन शोषण और धोखे का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज करा दी। पिता ने दावा किया कि उन्हें बेटी के गर्भवती होने की भनक तक नहीं थी। उदाकिशुनगंज एसडीपीओ अविनाश कुमार ने बताया, मेरे नेतृत्व में गठित टीम ने जब वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली, तो कहानी पलट गई। हमने सबसे पहले 20 फरवरी को प्रेमी रिशु राज उर्फ हेमराज कुमार को गिरफ्तार किया। रिशु ने खुलासा किया कि मृतका के परिजनों ने उसकी हत्या की है। साथ ही, उसने स्वीकार किया कि उसने ही नवजात बच्ची को एक लाल-पीले रंग के थैले में भरकर NH-106 स्थित पुल के नीचे फेंक दिया था। इसके बाद कड़ाई से पूछताछ करने पर पिता अम्बेद भारती और चाचा तपेश यादव ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने अब तक इस मामले में तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना में प्रयुक्त चारपहिया वाहन और मोबाइल भी जब्त कर लिए गए हैं। मधेपुरा में ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है। यहां बिन शादी मां बनी 20 साल की युवती को उसके ही पिता-चाचा ने गला घोंटकर मार डाला। वहीं, नवजात को प्रेमी ने दम घोंटकर थैले में भरकर पुल के नीचे फेंक दिया। पिता-चाचा ने मामले को छिपाने के लिए बेटी के शव को अंतिम संस्कार के लिए भागलपुर ले जाने लगे। इसी दौरान गुप्त सूचान के आधार पर पुलिस ने युवती के शव को बरामद किया। इसके 24 घंटे बाद मधेपुरा पुलिस को सदर अस्पताल से 3KM दूर एक नवजात बच्ची का शव भी मिला। इस मामले में पुलिस ने जब DNA रिपोर्ट मिलाई, तब पूरा सच बाहर आया। पुलिस ने इस मामले में युवती के पिता अम्बेद भारती(प्रधानाध्यापक, केपीएन प्लस टू उच्च विद्यालय), चाचा तपेश और उसके प्रेमी रिशु को गिरफ्तार कर लिया है। मृतका की पहचान अलका कुमारी(20) के रूप में हुई है। मामला उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के पीपरा करौती वॉर्ड-2 का है। हत्या 13 फरवरी की रात की गई थी। रविवार(22 फरवरी) को पुलिस ने घटना का खुलासा किया है। अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी घटना… 2 साल से था लव अफेयर उदाकिशुनगंज SDPO अविनाश कुमार ने बताया, 2 साल पहले 2024 के जून में अलका का उसी के गांव के लड़के रिशु कुमार(25) से फेसबुक के जरिए दोस्ती हुआ। दोनों मैसेज के जरिए 2 महीने तक बातचीत करते रहे। इसके बाद दोनों ने अपना नंबर एक्सचेंज किया। लवर्स कॉल पर घंटों बातचीत करने लगे। इसी बीच 2025 के जनवरी में अलका के पिता अम्बेद भारती को अफेयर के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने अपनी बेटी को बहुत समझाया। रिशु से मिलने के लिए रोका, लेकिन वो नहीं मानी। करीब 2 महीने तक उसका घर से निकलना तक बंद हो गया था। 2025 में पहली बार सामने मिले थे कपल 2025 के मार्च में अलका ने अपने पिता-चाचा के खिलाफ जाकर रिशु से कमरे में मिलना शुरू कर दिया। ये सिलसिला लगातार चलता रहा। जून 2025 में रिशु ने अलका को प्रेगनेंट कर दिया। इसके बाद भी दोनों मिलते रहे। जुलाई में जब उसे पीरियड्स नहीं आए तो उसने रिशु को इसके बारे में बताया। इसके बाद प्रेमी उसे चेकअप के लिए अस्पताल लेकर गया। वहां, टेस्ट करवाने पर पता चला कि वो प्रेग्नेंट है। इस दौरान रिशु ने बच्चा गिराने के लिए कहा, लेकिन वो नहीं मानी। उसने अपने पेट में रिशु का बच्चा रखा। इस मामले को लेकर दोनों के बीच हर दिन लड़ाई होने लगी। इससे परेशान होकर उसने अपने बॉयफ्रेंड से बात करना छोड़ दिया। 6 महीने की प्रेग्नेंसी में मर्डर का बनाया था प्लान करीब छठे महीने पर अलका के माता-पिता को प्रेग्नेंट होने की बात पता चली। इस दौरान उन्होंने अपनी बेटी के साथ खूब मारपीट की। इसी वक्त पिता अम्बेद भारती और चाचा तपेश ने तय कर लिया था कि वो अपनी बेटी की हत्या कर देंगे। हालांकि, अलका की मां उसके सपोर्ट में थी। उन्होंने बेटी का अच्छे से ख्याल रखा। पत्नी के सपोर्ट के कारण अम्बेद भारती अपनी बेटी की हत्या घर पर नहीं कर पाए। 13 फरवरी को बच्ची को दिया जन्म 13 फरवरी को लड़की के पेट में दर्द हुआ। उसे मधेपुरा के सदर अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां देर रात 12 बजे उसने ढ़ाई किलोग्राम की बच्ची को जन्म दिया। प्रसव की वजह से उसे ज्यादा ब्लीडिंग होने लगी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। युवती के पिता-चाचा ने एंबुलेंस के जगह अपने निजी वाहन से मधेपुरा ले जाने की बात कही, लेकिन वे उसे मधेपुरा ले जाने की जगह पर घर ले गए। वहीं, नवजात बच्ची के पास अलका की मां रुक गई। घर खाली देखा 13 फरवरी की रात 3 बजे आरोपी अम्बेद भारती और तपेश ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को अंतिम संस्कार के लिए भागलपुर के महादेवपुर गंगा घाट ले जाया जा रहा था। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी। उनकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने नवगछिया के पास से शव को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। प्रेमी पर यौन शोषण का आरोप पूछताछ के दौरान आरोपी पिता अम्बेद पुलिस को गुमराह करते रहे। उन्होंने खुद को बचाने के लिए बेटी के प्रेमी रिशु कुमार के खिलाफ यौन शोषण और धोखे का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज करा दी। पिता ने दावा किया कि उन्हें बेटी के गर्भवती होने की भनक तक नहीं थी। उदाकिशुनगंज एसडीपीओ अविनाश कुमार ने बताया, मेरे नेतृत्व में गठित टीम ने जब वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली, तो कहानी पलट गई। हमने सबसे पहले 20 फरवरी को प्रेमी रिशु राज उर्फ हेमराज कुमार को गिरफ्तार किया। रिशु ने खुलासा किया कि मृतका के परिजनों ने उसकी हत्या की है। साथ ही, उसने स्वीकार किया कि उसने ही नवजात बच्ची को एक लाल-पीले रंग के थैले में भरकर NH-106 स्थित पुल के नीचे फेंक दिया था। इसके बाद कड़ाई से पूछताछ करने पर पिता अम्बेद भारती और चाचा तपेश यादव ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने अब तक इस मामले में तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना में प्रयुक्त चारपहिया वाहन और मोबाइल भी जब्त कर लिए गए हैं।


