होमगार्ड ने एसडीएम पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया:कानपुर जिलाध्यक्ष ने जांच और कार्रवाई की मांग की

होमगार्ड ने एसडीएम पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया:कानपुर जिलाध्यक्ष ने जांच और कार्रवाई की मांग की

बहराइच की महसी तहसील में तैनात एसडीएम (ज्वाइंट मजिस्ट्रेट) आलोक प्रसाद के खिलाफ उनके सुरक्षा में तैनात होमगार्ड रमाकांत मिश्रा ने अभद्रता और उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है। होमगार्ड का आरोप है कि एक दिव्यांग व्यक्ति को एसडीएम से मिलवाने पर उन्हें जातिसूचक गालियां दी गईं, जूते से मारने और चोटी उखाड़ने की धमकी दी गई। इसके साथ ही उन्हें दंड स्वरूप तहसील ग्राउंड के पांच चक्कर लगाने का आदेश भी दिया गया। हालांकि, जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने इन आरोपों को तथ्यहीन और निराधार बताया है। जिलाधिकारी के इस बयान पर उत्तर प्रदेश अवैतनिक अधिकारी व कर्मचारी एसोसिएशन के कानपुर जिलाध्यक्ष रामकुमार पांडेय ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने शनिवार को पत्र भेजकर जॉइंट मजिस्ट्रेट के खिलाफ जांच खोलने और कार्रवाई की मांग की है। रामकुमार पांडेय ने बताया कि जॉइंट मजिस्ट्रेट ने होमगार्ड राम कुमार तिवारी, रमाकांत मिश्रा और राजाराम शुक्ला के साथ अभद्रता की थी। उन्होंने कानपुर जिलाधिकारी, होमगार्ड कमांडेंट और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस मामले की जांच की मांग की है। पांडेय ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे 1 फरवरी से काम का बहिष्कार करेंगे। इस मामले को लेकर प्रदेश भर के होमगार्ड एकजुट हो गए हैं। शनिवार को जिलाध्यक्ष रामकुमार पांडेय होमगार्ड जवानों के साथ रामादेवी चौराहे पहुंचे। जिसके बाद उन्होंने पोस्ट के माध्यम से कानपुर जिलाधिकारी, होमगार्ड कमांडेंट और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जांच की मांग की। जिलाध्यक्ष रामकुमार पांडेय ने पुरुष और महिला होमगार्डों के साथ हो रहे शोषण को बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की 10 किलोमीटर ड्यूटी लगाना बंद होना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि यदि मुजरिम भागता है तो होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई होती है, लेकिन चौकी थाने पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जैसे सभी विभागों में सुधार किया गया है, वैसे ही होमगार्ड विभाग में भी सुधार होना चाहिए।

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