प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा हिस्ट्रीशीटर सुखलाल जोगी के खिलाफ राजस्थान समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम (राजपासा) के तहत की गई कार्रवाई को गृह विभाग ने 27 जनवरी 2026 को मंजूरी दे दी है। जोगी को 16 जनवरी 2026 को प्रतापगढ़ जिला कारागृह में निरुद्ध किया गया था। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा और पुलिस उप अधीक्षक गजेंद्र सिंह राव के मार्गदर्शन में शुरू हुई थी। रंठाजना थानाधिकारी विजेंद्र सिंह ने हिस्ट्रीशीटर सुखलाल जोगी के खिलाफ राजपासा एक्ट की प्रक्रिया शुरू की थी। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट प्रतापगढ़ अंजलि राजोरिया ने समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 2006 (एक्ट नंबर 1-2008) की धारा 3 (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सुखलाल जोगी के विरुद्ध राजपासा की कार्रवाई को मंजूरी दी थी। इसके बाद संबंधित दस्तावेज गृह विभाग को अनुमोदन के लिए भेजे गए थे। 11 गंभीर मामले दर्ज सुखलाल जोगी, पुत्र रणजीत, निवासी साबाखेड़ा, थाना रंठाजना, प्रतापगढ़, एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। उसके खिलाफ मारपीट, डराने-धमकाने, चोरी और लूट जैसे कुल 11 गंभीर प्रकृति के मामले दर्ज हैं। वह लगातार सामाजिक सुरक्षा और लोक शांति व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कृत्यों में लिप्त रहा है। प्रतापगढ़ पुलिस ने ऐसे अपराधियों के खिलाफ निरंतर प्रभावी कार्रवाई जारी रखने का संकल्प लिया है, जो गंभीर अपराधों में लिप्त होकर आमजन में भय व्याप्त करते हैं और लोक शांति व्यवस्था को भंग करते हैं। क्या है राजपास कानून? राजस्थान का एक कानून है जो खतरनाक अपराधियों (जैसे तस्कर, जमीन हड़पने वाले, नशीली दवाओं के तस्कर) को लोक व्यवस्था बनाए रखने के लिए निवारक हिरासत में रखने के लिए बनाया गया है, ताकि वे समाज विरोधी गतिविधियों से बाज आएं; इसके तहत अपराधी को 6 महीने से 1 साल तक बिना सुनवाई के जेल भेजा जा सकता है, जिस पर कलेक्टर आदेश जारी करते हैं और गृह विभाग की मंजूरी के बाद कार्रवाई होती है।


