मैनपुरी शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक होली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। होलिका दहन के अवसर पर लोगों ने गेहूं की बालियां और आखत अर्पित किए। छोटों ने बड़े-बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया। होली के पर्व पर बड़ों और छोटों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दीं। होलिका दहन के दौरान श्रद्धालुओं ने होलिका की परिक्रमा की और जयकारे लगाए। उन्होंने होलिका माता से सभी के उज्जवल भविष्य और परिवार की सुरक्षा की प्रार्थना की। होलिका दहन के तुरंत बाद मिष्ठान वितरण किया गया और होली खेलने का सिलसिला शुरू हो गया। होलिका दहन में शामिल होकर घर लौटे लोगों के चेहरों पर गुलाल लगा था। ढोलक, मजीरे और अन्य वाद्य यंत्रों की धुन पर टोलियां गली-गली घूमकर होली मनाती रहीं। यह उत्सव देर शाम तक चलता रहा, जिसमें लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


