नालंदा में मिट्‌टी-कीचड़ वाली होली:प्रशासन की सख्ती पर डीजे नहीं बजे, युवा ढोल-झाल बजाकर मना रहे हैं त्योहार

नालंदा में मिट्‌टी-कीचड़ वाली होली:प्रशासन की सख्ती पर डीजे नहीं बजे, युवा ढोल-झाल बजाकर मना रहे हैं त्योहार

नालंदा में सुबह से ही शहर की गलियों से लेकर गांव की पगडंडियों तक होली खेली जा रही है। बिहार शरीफ में सुबह होते ही युवाओं की टोली सड़क पर उतर गईं। जहां पारंपरिक तरीके से मिट्‌टी और कीचड़ की होली खेली। शहर के विभिन्न मोहल्लों जैसे खंदकपर, अम्बेर, नईसराय और महलपर, पहाड़पुर में लोग दोपहर बाद अपने घरों से बाहर निकलेंगे और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली मनाएंगे। प्रशासन की सख्ती के कारण इस बार बड़े डीजे का शोर तो थमा है, लेकिन युवाओं ने छोटे म्यूजिक सिस्टम और ढोल-झाल की थाप पर पारंपरिक होली गीतों के साथ माहौल को खुशनुमा बना दिया है। फूहड़ता और अश्लील गानों से परहेज करते हुए शालीनता के साथ होली मनाई जा रही है। सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर पहरा जिला प्रशासन पूरी तरह ‘अलर्ट मोड’ में है। जिलाधिकारी कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले के 400 से अधिक संवेदनशील स्थलों पर भारी संख्या में पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। नगर निगम के आईसीसीसी (ICCC) भवन से सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर चौक-चौराहों की डिजिटल निगरानी की जा रही है। पुलिस की गाड़ियां लगातार पेट्रोलिंग कर रही है, ताकि कोई भी हुड़दंग न कर सके। प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि जबरन रंग लगाने या शांति भंग करने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा।
पकवानों की खुशबू और मांसाहार का क्रेज घरों के भीतर से पुआ-पूरी, गुजिया और दही-बड़े की खुशबू वातावरण में घुली हुई है। लोग एक-दूसरे के घर जाकर लजीज व्यंजनों का आनंद ले रहे हैं। वहीं, मांसाहार के शौकीनों की भारी भीड़ सुबह से ही मीट और मुर्गा की दुकानों पर देखी जा रही है। कीमतों में उछाल के बावजूद उत्साह में कोई कमी नहीं है। प्रशासन की ओर से जारी कंट्रोल रूम के नंबर और हेल्पलाइन पूरी तरह सक्रिय हैं, जिससे नागरिक सुरक्षित महसूस करते हुए त्योहार मना रहे हैं। नालंदा में सुबह से ही शहर की गलियों से लेकर गांव की पगडंडियों तक होली खेली जा रही है। बिहार शरीफ में सुबह होते ही युवाओं की टोली सड़क पर उतर गईं। जहां पारंपरिक तरीके से मिट्‌टी और कीचड़ की होली खेली। शहर के विभिन्न मोहल्लों जैसे खंदकपर, अम्बेर, नईसराय और महलपर, पहाड़पुर में लोग दोपहर बाद अपने घरों से बाहर निकलेंगे और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली मनाएंगे। प्रशासन की सख्ती के कारण इस बार बड़े डीजे का शोर तो थमा है, लेकिन युवाओं ने छोटे म्यूजिक सिस्टम और ढोल-झाल की थाप पर पारंपरिक होली गीतों के साथ माहौल को खुशनुमा बना दिया है। फूहड़ता और अश्लील गानों से परहेज करते हुए शालीनता के साथ होली मनाई जा रही है। सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर पहरा जिला प्रशासन पूरी तरह ‘अलर्ट मोड’ में है। जिलाधिकारी कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले के 400 से अधिक संवेदनशील स्थलों पर भारी संख्या में पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। नगर निगम के आईसीसीसी (ICCC) भवन से सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर चौक-चौराहों की डिजिटल निगरानी की जा रही है। पुलिस की गाड़ियां लगातार पेट्रोलिंग कर रही है, ताकि कोई भी हुड़दंग न कर सके। प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि जबरन रंग लगाने या शांति भंग करने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा।
पकवानों की खुशबू और मांसाहार का क्रेज घरों के भीतर से पुआ-पूरी, गुजिया और दही-बड़े की खुशबू वातावरण में घुली हुई है। लोग एक-दूसरे के घर जाकर लजीज व्यंजनों का आनंद ले रहे हैं। वहीं, मांसाहार के शौकीनों की भारी भीड़ सुबह से ही मीट और मुर्गा की दुकानों पर देखी जा रही है। कीमतों में उछाल के बावजूद उत्साह में कोई कमी नहीं है। प्रशासन की ओर से जारी कंट्रोल रूम के नंबर और हेल्पलाइन पूरी तरह सक्रिय हैं, जिससे नागरिक सुरक्षित महसूस करते हुए त्योहार मना रहे हैं।  

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