कानपुर में 10 हजार किलो फूलों से खेली गई होली:इस्कॉन मंदिर में हजारों लोग शामिल हुए, विदेशी फूलों से महका परिसर; रसिकों के भजनों पर झूमे

कानपुर में 10 हजार किलो फूलों से खेली गई होली:इस्कॉन मंदिर में हजारों लोग शामिल हुए, विदेशी फूलों से महका परिसर; रसिकों के भजनों पर झूमे

कानपुर के मैनावती मार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर में शनिवार को ‘फूलों की होली’ खेली गई। इस उत्सव में कानपुर और आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर भक्ति और उत्साह के रंग में डूबा नजर आया। भक्तों ने एक-दूसरे पर फूलों की वर्षा कर इस पारंपरिक होली का आनंद लिया। मंदिर प्रबंधन की ओर से इस बार होली महोत्सव को खास बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की गई थीं। इस बार होली के लिए लगभग 10 हजार किलो से अधिक फूलों का इस्तेमाल किया गया। उत्सव की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ये फूल विशेष रूप से सिंगापुर और मलेशिया जैसे देशों के साथ-साथ पुणे और बेंगलुरु जैसे शहरों से मंगाए गए थे। इन रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से पूरे मंदिर परिसर को सजाया गया था, जिससे पूरा क्षेत्र किसी दिव्य वाटिका की तरह दिखाई दे रहा था। भगवान का आकर्षक श्रृंगार और श्रीमद्भागवत चर्चा होली के अवसर पर मंदिर के मुख्य विग्रह श्री श्री राधा माधव, श्री श्री गौर निताई और श्री श्री जानकी-वल्लभ लक्ष्मण हनुमान जी का विशेष पुष्प श्रृंगार किया गया। फूलों से सजे विग्रहों के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह के सत्र में श्रीमद्भागवत पर चर्चा की गई, जिसमें उपस्थित लोगों के साथ भक्ति और साधना के महत्व को साझा किया गया। वृंदावन की कीर्तन मंडली ने बांधा समां उत्सव का मुख्य आकर्षण वृंदावन से आई विशेष कीर्तन मंडली रही। ब्रज के कलाकारों ने जब मृदंग और करताल की थाप पर हरे कृष्ण महामंत्र का संकीर्तन शुरू किया, तो श्रद्धालु झूम उठे। फूलों की बारिश के बीच भक्तों का नृत्य और कीर्तन काफी देर तक चलता रहा। कई श्रद्धालुओं ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि कानपुर में उन्हें साक्षात वृंदावन की होली जैसा अनुभव हो रहा है। श्रद्धालुओं ने बताया अद्भुत अनुभव कार्यक्रम में शामिल होने आई बेंगलुरु की ईशा गुप्ता ने बताया कि उनका फूलों की होली का यह पहला और सबसे शानदार अनुभव था। रंगों के मुकाबले उन्हें फूलों की होली में अधिक आनंद आया। वहीं अन्य श्रद्धालुओं ने इस आयोजन की तुलना ब्रज, मथुरा और बरसाना की होली से करते हुए मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना की। कार्यक्रम के समापन पर सभी आगंतुकों को विशेष कृष्ण प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान इस्कॉन के जोनल सेक्रेटरी देवकीनंदन प्रभु और मंदिर अध्यक्ष प्रेम हरिनाम प्रभु सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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